पिछले कुछ समय में भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को मिलने वाली सब्सिडी कम हो गई है। साथ ही सरकार की तरफ से FAME-II स्कीम को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया गया है, हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों की सेल्स को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई स्कीम को शुरु किया गया है।
आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में क्या हो रहा है और निवेशकों और ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है।
क्या है मामला?
द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को शुरुआती बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सब्सिडी शुरु की थी। इससे गाड़ियों की कीमत कम हुई और लोग ज्यादा से ज्यादा EV की ओर आकर्षित होने लगे। लेकिन हाल ही में FAME-II स्कीम के तहत 31 मार्च के बाद सब्सिडी ख़त्म करने का फैसला किया गया।
अभी नीचे इमेज में आप देख सकते है कि किस फाइनेंशियल ईयर में सब्सिडी के लिए कितना बजट एलोकेट किया गया है साथ ही कितना यूटिलाइज हुआ।

यह इमेज भारत में EV पर मिलने वाली सब्सिडी के बजट एलोकेशन और फंड यूटिलाइजेशन को दर्शाता है।
लेकिन चिंता की बात नहीं है क्योंकि FAME 2 स्कीम तो बंद हो जाएगी, लेकिन अभी भारत सरकार द्वारा एक नई स्कीम को लाया गया है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम
मिंट के अनुसार, PTI ने रिपोर्ट किया है कि सरकार ने 13 मार्च 2024 में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन की सेल्स को प्रमोट करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम को लॉन्च किया है। यह स्कीम 1 अप्रैल से चार महीने यानि जुलाई 2024 तक वैलिड हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) के तहत केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये का बजट एलोकेट किया गया है।
EV खरीदने पर कितनी मिलती है सब्सिडी?
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, FAME-II स्कीम के तहत भारत में सब्सिडी बैटरी क्षमता के हिसाब से दी जाती है, यानी जितनी बड़ी बैटरी, उतनी ज्यादा सब्सिदी। दो तिपहिया वाहनों के लिए, हर किलोवाट घंटे (kWh) बैटरी क्षमता पर आपको ₹5,000 की सब्सिडी मिल सकती है, और अधिकतम सब्सिडी ₹30,000 तक हो सकती है।
इसके साथ ही तीन तिपहिया वाहनों के लिए गाड़ी की कुल कीमत या बैटरी क्षमता को ध्यान में नहीं रखा जाता यहां सीधे तौर पर अधिकतम ₹30,000 की सब्सिडी मिलती है। हालांकि, चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर फिलहाल सब्सिडी बंद कर दी गई है यह सब्सिडी केवल योजना के तहत रजिस्टर्ड होने वाले पहले 1,000 इलेक्ट्रिक फोर-वीलर्स के लिए ही उपलब्ध थी।
अभी अगर हम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम की बात करे तो इसके साथ 1 अप्रैल से दो पहिया वाहन पर 10,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जबकि तीन पहिया वाहन के लिए 25,000 रुपये की सब्सिडी सहायता दी जाएगी। इसके अलावा बड़े तीन पहिया वाहन की खरीद पर ₹50,000 की सब्सिडी का प्रावधान है।
क्या अब नहीं मिलेगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर सब्सिडी?
बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार, सरकार ने हाल ही में बताया है कि उनकी फेम-2 सब्सिडी योजना को 31 मार्च 2024 के बाद आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। कुछ समय पहले खबरें आई थीं कि सरकार इस योजना को चार महीने के लिए बढ़ा सकती है, लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ़ हैवी इंडस्ट्री ने इन खबरों को गलत बताया है।
हालांकि, अच्छी खबर ये है कि FAME 2 योजना के लिए बजट को ₹10,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹11,500 करोड़ कर दिया गया है इसका मतलब है कि योजना के लिए रखा गया पैसा 31 मार्च तक या खत्म होने तक सब्सिडी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इसलिए, अगर आप सब्सिडी का फायदा उठाना चाहते हैं, तो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम के तहत जुलाई 2024 से पहले ही इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीद सकते है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
भारतीय EV मार्केट का भविष्य अनिश्चित है। हाल ही में नीतिगत बदलावों से यह अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है कि मार्केट कैसे विकसित होगा। हालांकि अगर हम ग्रोथ की बात करे तो इन्वेस्ट इंडिया में कहा गया है कि द इकोनॉमिक सर्वे 2023 के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 2022 से 2030 के बीच 49% की CAGR से ग्रोथ होने का अनुमान है।
इसलिए अगर हम ग्रोथ के नजरिए से इंडस्ट्री को देखें, तो काफी अच्छा भविष्य नजर आता है, लेकिन निवेशकों को मॉनिटर करने की आवश्यकता है कि भारत में EV पर मिलने वाली सब्सिडी जुलाई 2024 के बाद भी जारी रहती है या नहीं।
भविष्य की बातें
31 मार्च को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर मिलने वाली FAME-II सब्सिडी खत्म हो रही है, और अभी चार महीने के लिए नई स्कीम को लाया गया है। इसलिए अगर जुलाई 2024 के बाद EV पर मिलने वाली सब्सिडी जारी नहीं रहती है तो EV मार्केट में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में भी हमें फाइट देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं और महंगे इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस कर सकती हैं, जहां ग्राहक ज्यादा पैसे देने के लिए तैयार होते हैं। दूसरी ओर, लागत कम करने के लिए कुछ कंपनियां सस्ते मटेरियल का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।
लेकिन, सब्सिडी के बिना EV मैन्युफैक्चरर को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, गाड़ियों की बिक्री में तेजी से गिरावट आ सकती है और प्रॉफिट में भी कमी देखने को मिल सकता है।
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*आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
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