चीन का 5% ग्रोथ टारगेट: क्या होगा दुनिया पर असर?

चीन का 5% ग्रोथ टारगेट: क्या होगा दुनिया पर असर?
Share

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन पिछले कुछ समय से इसकी रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। इस साल चीन ने अपने आर्थिक ग्रोथ का लक्ष्य 5% रखा है। मगर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये लक्ष्य हासिल करना चीन के लिए आसान नहीं होगा। 

आइए जानते हैं क्यों चीन की रफ्तार धीमी पड़ रही है और क्या वो अपने इस लक्ष्य को हासिल कर पाएगा और क्या यह दुनिया के लिए चिंता का विषय है?

क्या है मामला?

डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, 5 मार्च 2024 को एक आधिकारिक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि चीन ने 2024 के लिए अपने आर्थिक ग्रोथ का लक्ष्य पिछले साल जैसा ही, लगभग 5% रखा है ये लक्ष्य एनालिस्ट की उम्मीदों के भी अनुरूप है हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करना इतना आसान नहीं होगा। 

रिपोर्ट के अनुसार, इस लक्ष्य को पाने के लिए चीन इकोनॉमिक आउटपुट का 3% बजट डेफिसिट रखने की योजना बना रहा है, जो पिछले साल के संशोधित 3.8% से कम है। लेकिन अहम बात ये है कि चीन 1 ट्रिलियन युआन (139 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के विशेष सरकारी बॉन्ड जारी करने की भी योजना बना रहा है, जिन्हें आमतौर पर बजट में शामिल नहीं किया जाता है। 

चीन का 5% GDP ग्रोथ लक्ष्य चर्चा में क्यों है?

फर्स्ट पोस्ट के अनुसार, चीन दशकों से डबल डिजिट ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कोविड-19 के बाद यह एक सपना बन कर रह गया है। 2023 में, चीन की अर्थव्यवस्था आधिकारिक रूप से 5.2% बढ़ी, जो दशकों में इसका सबसे कमजोर प्रदर्शन था। सिर्फ इतना ही नहीं, चीन के प्रीमियर ली कियांग (Chinese Premier Li Qiang) ने यह भी कहा कि इस साल के लक्ष्यों को हासिल करना आसान नहीं होगा। 

चीन लगातार कई महीनों से सुर्खियों में बना हुआ है, लेकिन देश का 5 फीसदी GDP ग्रोथ टारगेट फिर से बड़ी खबर बन कर सामने आ गया है। इसके साथ ही जनवरी में कंस्यूमर प्राइसेस 0.8 प्रतिशत गिरी है, जो 15 वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है। अपनी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली कुछ स्थितियों का समाधान करने के लिए, चीन लगभग 5.5% की शहरी बेरोजगारी दर, 12 मिलियन नए शहरी रोजगार पैदा करने और लगभग 3% कंस्यूमर प्राइस इंडेक्स का लक्ष्य रखता है। 

क्या 5% का लक्ष्य पाना संभव है?

मिंट के अनुसार, ली कियांग (Li Qiang) ने खुद भी माना है कि “चीन की आर्थिक सुधार और ग्रोथ की नींव अभी मजबूत नहीं है।” इसके साथ ही डिमांड को बढ़ाने के लिए कोई खास उपायों का भी जिक्र नहीं किया गया। 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अल्ट्रा-लॉन्ग स्पेशल ट्रेज़री बॉन्ड, फिस्कल डेफिसिट में 1% की ढील और पुराने सामान को नए के लिए बदलने की योजना मौजूदा विकास दर को तेज करने के लिए काफी नहीं होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, विश्व बैंक ने तो चीन की 2024 की आर्थिक ग्रोथ का अनुमान सिर्फ 4.5% ही लगाया है। 

इसके साथ ही आप यहां 2011 से 2024 के बीच चीन की आर्थिक ग्रोथ को देख सकते है:

चीन का 5% ग्रोथ टारगेट क्या होगा दुनिया पर असर

यह ग्राफ 2011 से 2023 के दौरान चीन की रियल GDP ग्रोथ को दर्शाता है, जबकि 2024 से 2025 के आंकड़े अनुमानित है।

सन 2000 के बाद से चीन की GDP ग्रोथ

IMF के अनुसार, अगर हम 2000 के दशक के बाद चीन की अर्थव्यवस्था की बात करे तो सन 2000 में चीन की GDP ग्रोथ 8.5% थी, जिसके बाद अगले वर्षो में हमें 2001 में 8.3%, 2002 में 9.1% और 2003 में 10% ग्रोथ देखने को मिली। इसके साथ ही 2007 में सबसे बेहतरीन 14.2% ग्रोथ रही। 2007 चीन के लिए ऐसा समय था, जिसे वह दोबारा कभी देखने नहीं मिला, और धीरे आने वाले वर्षों में GDP ग्रोथ में कमी आती गयी। 

इतना ही नही, अगर आप चार्ट में देखें तो पाएंगे कि 2020 में सिर्फ 2.2% GDP थी, और आने वाले वर्षो में भी IMF ने कुछ ख़ास ग्रोथ की उम्मीद नहीं की है। 

चीन में निवेश का भविष्य?

फर्स्ट पोस्ट के अनुसार, चीन द्वारा जारी आर्थिक आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा वापस नहीं दिलाया है और HSBC एनालिस्ट का कहना है कि आधिकारिक स्पीच में लॉन्गटर्म ग्रोथ को बढ़ावा देने की बात तो की गई, लेकिन प्रॉपर्टी मार्केट को स्थिर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं बताए गए। 

इसके साथ ही, गोल्डमैन सैक्स की मुख्य निवेश अधिकारी शारमिन मोसावर-रहमानी ने भी निवेशकों को सचेत किया है कि फिलहाल चीन में निवेश नहीं करना चाहिए। 

चीन की सुस्ती का ग्लोबल अर्थव्यवस्था पर असर

मिंट के अनुसार, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में ग्लोबल आर्थिक ग्रोथ 3.1% रहने का अनुमान है। ये आंकड़ा 2000-2019 के औसत 3.8% से काफी कम है, जिसका मुख्य कारण चीन की स्लो आर्थिक ग्रोथ है। जिसके परिणामस्वरूप 2024 में ग्लोबल ग्रोथ में आधी हिस्सेदारी चीन और भारत की रहने की उम्मीद है।

पिछले कुछ समय से युद्ध और बढ़ती ब्याज दरों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही दुनिया को उम्मीद है कि चीन अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी डिमांड पर निर्भरता कम करने और अत्यधिक रियल एस्टेट फोकस से हटने में सफल होगा। 

आज के लिए सिर्फ इतना ही। उम्मीद करते है कि यह आर्टिकल आपको रोचक लगा होगा, इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। 

*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।

*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Options Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets. Subscription Fee ₹399/month* for 6 Months
Call TypeTrade Type

Teji Mandi Xpress Options

₹399/month* for 6 Months

Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets.

Strategy Type

Options Trading

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top