जैसे-जैसे इलेक्शन के परिणाम की तिथि नजदीक आ रही है वैसी है मार्केट में वोलैटिलिटी भी बढ़ती जा रही है, हालांकि पिछले कुछ वर्षो में हमने स्टॉक मार्केट में बेहतरीन रैली देखी है, लेकिन अभी निवेशक इस दुविधा में है कि यह रैली इलेक्शन के परिणाम आने के बाद जारी रहेगी या नहीं। इसके लिए, ब्लुमबर्ग ने एक सर्वे किया है जिसके मुताबिक अगर जनरल इलेक्शन में BJP को 303 से ज्यादा सीटें आती है तो यह रैली जारी रह सकती है।
अभी देखना यह है कि इलेक्शन परिणाम के बाद मार्केट किस ओर रुख करेगा, तो चलिए विभिन्न पहलुओं की मदद से इसका जवाब खोजने की कोशिश करते है।
चुनाव नतीजे शेयर बाजार को कैसे प्रभावित करते हैं?
मनीकंट्रोल ने पिछले पांच आम चुनावों के नतीजों का विश्लेषण किया, दिलचस्प बात ये है कि ज्यादातर मामलों में, मार्केट ने पॉजिटिव ट्रेंड ही दिखाया है!
अगर हम इतिहास में इलेक्शन के नतीजे आने के बाद सेंसेक्स के परफॉरमेंस की बात करें तो 1999 के जनरल इलेक्शन के नतीजे आने के एक महीने बाद सेंसेक्स 2.11 डाउन था, 2004 के इलेक्शन के परिणाम के बाद एक महीने 10.50% की गिरावट थी, हालांकि 2009 में एक माह का प्रदर्शन में 22.20% की बढ़त थी

जबकि अगर हम 1999 से 2014 के बीच एक साल के प्रदर्शन की बात करें तो 1999 और 2019 में ही गिरावट देखने को मिलती, बाकी वर्षो में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। हालांकि 2019 के इलेक्शन नतीजों के बाद, 2020 में गिरावट की बड़ी वजह कोरोना महामारी थी।
चुनाव के परिणाम के बाद कैसा होगा मार्केट का प्रदर्शन
चुनाव परिणामों के आधार पर विभिन्न परिस्थितियों को देखते हुए, ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस नोमुरा ने मार्केट की प्रतिक्रियाओं का अनुमान लगाया है:
- अगर भाजपा को 400 सीटों के करीब बड़ी जीत मिलती है, तो मार्केट की प्रतिक्रिया पॉजिटिव रहने की संभावना है और साथ ही फाइनेंशियल, इंडस्ट्रियल/इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्यूमर डिस्क्रीशनरी और PSU सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, हालांकि IT सर्विसेज और हेल्थकेयर सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है।
- अगर NDA की जीत होती है तो, डोमेस्टिक आधारित सेक्टर जैसे इंडस्ट्रियल, इंफ्रास्ट्रक्चर और PSU सेक्टर में बिकवाली की उम्मीद है। इसके विपरीत, बैंकिंग, कंजम्पशन और फार्मा सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
- अगर I.N.D.I.A. गठबंधन की जीत होती है, तो इंडस्ट्रियल, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल, कंस्यूमर डिस्क्रीशनरी और PSU सेक्टर में बिकवाली का अनुमान है। दूसरी ओर, कंस्यूमर स्टेपल्स, फार्मा और IT सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
चुनाव के नतीजे भले ही बाजार को अल्पावधि में प्रभावित कर दें, लेकिन दीर्घकाल में आर्थिक कारकों का ही ज्यादा प्रभाव रहता है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में चुनाव के बाद बाजार सकारात्मक ही रहा है, जो निवेशकों के लिए राहत की बात है।
भविष्य की बातें
बर्नस्टीन का अनुमान है कि यदि BJP 330-350 सीटों के साथ लौटती है तो शेयर मार्केट में शॉर्टटर्म में तेजी आएगी, जिससे निफ्टी 50 संभवतः 23,000 के पार जा सकता है, हालांकि बाद में हमें हायर वैल्यूएशन और प्रॉफिट बुकिंग की वजह से गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
इसके अलावा, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का अनुमान है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटते हैं तो डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रेलवे और कैपिटल गुड्स कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी आएगी।
लेकिन, जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान भाजपा सरकार को उम्मीद के मुताबिक़ परिणाम नहीं मिलते है तो भारतीय शेयर बाजार में संभावित गिरावट आ सकती है, लेकिन 2004 जैसी भाजपा की हार की संभावना बहुत कम है।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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