बजट 2024 का इंतजार अब समाप्त होने के करीब है और लोग इस बार की बजट घोषणाओं को लेकर काफ़ी उत्सुक नजर आ रहे हैं। क्योंकि इस बार ख़ासकर, टैक्स करेक्शन के क्षेत्र में बड़े बदलावों की उम्मीदें हैं। इसके साथ ही इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है, कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में मध्यम आय वर्ग के टैक्स भार को कम करने की दिशा में काफ़ी काम किया है और इस बार भी नए टैक्स स्ट्रक्टर को और आकर्षक बनाने के लिए अतिरिक्त लाभ प्रदान करने की उम्मीद है।
चलिए समझते है इस बार बजट में किन सेक्टर्स पर फोकस रह सकता है:
प्राथमिकता में इन्फ्लेशन और बेरोजगारी
मई 2024 में भारत की बेरोज़गारी दर 7% रही और इसमें गिरावट जारी रही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत उद्देश्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जिनमें फ़ूड इन्फ्लेशन को कम करना, बेरोजगारी को दूर करना और कृषि चुनौतियों को संबोधित करना शामिल है। रोजगार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ पर जोर दिया जाएगा, जिससे आर्थिक संतुलन को बनाए रखा जा सके।

MSME के लिए विशेष योजनाएं
सरकार का ध्यान MSMEs पर भी रहने की उम्मीद है, जो भारत की GDP में लगभग 30% का योगदान देते हैं। इन उद्यमों के लिए सप्लाई चेन डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ावा देने और किफायती ऋण की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्कीम्स लाई जा सकती हैं। इतना ही नही, 2024-45 के अंतरिम बजट में भी MSMEs सेक्टर को 22,138 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

कौन से सेक्टर्स पर रहेगा फोकस?
बजट घोषणा से पहले निवेशकों को उन सेक्टरों पर फोकस करना चाहिए, जो आगामी सरकारी नीतियों और सुधारों के तहत आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं, जिनमें कुछ इस प्रकार है:
रेलवे सेक्टर
रेलवे के क्षेत्र में आधुनिकीकरण, सेफ्टी अपग्रेड, नेटवर्क एक्सपेंशन और इलेक्ट्रिफिकेशन के प्रयासों पर निरंतर ध्यान दिया जाएगा। 2024-25 के अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे के लिए कुल 2,52,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था और आगामी बजट में भी इसी तरह के निवेश की उम्मीद की जा रही है।

एग्रीकल्चर सेक्टर
आगामी बजट में कृषि क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए निवेश में उल्लेखनीय ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है। पिछले चुनावों में ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर प्रदर्शन के बाद, राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, कृषि रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए अधिक धनराशि प्रदान करने के साथ-साथ बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई प्रोजेक्ट्स, फसल बीमा स्कीम और किसानों की आय और उत्पादकता को बढ़ाने की पहल की जाएगी।

इंफ्रास्ट्रक्टर सेक्टर
अंतरिम बजट में इस सेक्टर को सबसे ज्यादा पैसा (11.11 लाख करोड़ रुपये) दिया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है और इस बार भी इंफ्रास्ट्रक्टर के लिए नई योजनाओं का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही आने वाले सालों में 12,000 से 13,000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
डिफेंस सेक्टर
इस बार अंतरिम बजट में डिफेंस सेक्टर को पिछले साल के मुकाबले 4.72% ज्यादा फंड (6.21 लाख करोड़ रुपये) दिया गया। सरकार आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण पर जोर दे रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, सरकार आगामी बजट में डिफेंस सेक्टर के कैपिटल एक्सपेंडिचर में वृद्धि कर सकती है।

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर
भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी आधी बिजली जरूरतों को क्लीन एनर्जी सोर्सेज से पूरा करना है। अंतरिम बजट में भी रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए रूफटॉप जैसे स्कीम को लॉन्च किया गया था और आने वाले बजट में इस सेक्टर पर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा सकती है।

निष्कर्ष
तेजी मंदी के वाईस प्रेजिडेंट राज व्यास का कहना है कि आने वाले बजट में सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, एग्रीकल्चर और रेलवे सेक्टर पर ही नहीं, बल्कि कुछ और महत्वपूर्ण सेक्टर्स पर भी सरकार का फोकस रहने की उम्मीद है। इन सेक्टर्स में हेल्थकेयर, BFSI, कंस्यूमर गुड्स, मैन्युफैक्चरिंग एवं टूरिज्म शामिल हैं।
बजट में इन सेक्टर्स के लिए आवंटित धन में बढ़ोत्तरी और रणनीतिक योजानाओं की घोषणा की जा सकती है, जिससे इन्हें काफी मदद मिल सकती है।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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