यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस: स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए चुनौतियां और अवसर

बड़े बदलाव की ओर भारतीय बैंकिंग! RBI ने दी अनुमति, अब स्मॉल फाइनेंस बैंक बन सकेंगे यूनिवर्सल बैंक। जानें पूरी जानकारी।
Share

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) को यूनिवर्सल बैंकों में बदलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह एक सकारात्मक कदम है जो स्मॉल फाइनेंस बैंक को अपने बिज़नेस का विस्तार करने और अधिक ग्राहकों तक पहुंचने में सहायता करेगा।

चलिए समझते है स्मॉल फाइनेंस बैंक को यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तित होने के लिए किन शर्तो को पूरा करना होगा और यूनिवर्सल बैंक बनने के बाद उसमें क्या बदलाव आएंगे।

यूनिवर्सल बैंक बनने का मतलब क्या है?

आसान शब्दों में कहें तो यूनिवर्सल बैंक वो बैंक होते हैं जो सभी तरह की बैंकिंग सेवाएं देते हैं। उदाहरण के लिए, ये बैंक सिर्फ छोटे लोन ही नहीं बल्कि बड़े बिजनेस को भी लोन दे सकते हैं। साथ ही, ये क्रेडिट कार्ड, म्यूच्यूअल फंड और इन्वेस्टमेंट जैसे कई तरह के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी ऑफर कर सकते हैं।

यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए पात्रता मानदंड

यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए, स्मॉल फाइनेंस बैंक को कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, जिनमें शामिल हैं:

  • न्यूनतम रु 1,000 करोड़ का नेट वर्थ
  • कम से कम पांच साल का संतोषजनक ट्रैक रिकॉर्ड
  • मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड
  • बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट रेश्यो 3% से कम होना चाहिए।
  • पिछले दो फाइनेंशियल ईयर में नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट रेश्यो 1% से कम होना चाहिए।
  • साथ ही पिछले दो फाइनेंशियल ईयर के दौरान स्मॉल फाइनेंस बैंक प्रॉफिटेबल होना चाहिए।

कौन है यूनिवर्सल बैंक बनने के योग्य?

ET के अनुसार, इन्वेस्टेक इक्विटीज़ (UK) की रिपोर्ट का कहना है कि अभी सिर्फ आठ में से दो लिस्टेड SFB ही यूनिवर्सल बैंक बनने के RBI के जरूरी मानदंडों को पूरा करती हैं और इन दो में से भी AU Small Finance Bank ही वह इकलौता बैंक है जो डाइवर्सिफाइड लोन देने सहित सभी मानदंडों को पूरा करता है।

सिर्फ इतना ही नहीं, इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अप्रैल 12 को RBI ने द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और टैली सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को स्मॉल फाइनेंस बैंक का लाइसेंस देने से इंकार कर दिया है।

निवेशकों के लिए इसमें क्या है?

स्मॉल फाइनेंस बैंक के यूनिवर्सल बैंक में सफलतापूर्वक परिवर्तन से निवेशकों को कई लाभ हो सकते हैं। मजबूत और अधिक डाइवर्सिफाइड बैंक बनने से SFB के शेयर प्राइस में वृद्धि हो सकती है। हालांकि अगर हम पिछले एक वर्ष में भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड स्मॉल फाइनेंस बैंक्स के परफॉरमेंस की बात करें तो बड़े प्राइवेट बैंक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन रहा है, जिसे आप नीचे दिए गए इमेज की मदद से समझ सकते है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक्स के परफॉरमेंस

*यह IPO से अब तक का डेटा दिखाता है क्योंकि इन बैंक्स को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ है।

यूनिवर्सल बैंक बनने के फायदे

रिजर्व बैंक ने स्मॉल फाइनेंस बैंक्स को यूनिवर्सल बैंक बनने की अनुमति देकर उन्हें कई रेगुलेटरी फायदे भी दिए हैं। आइए देखें ये फायदे क्या हैं:

पूंजी पर्याप्तता रेश्यो में कमी: अभी स्मॉल फाइनेंस बैंक्स को अपने पास पूंजी का 15% हमेशा रखना होता है। यूनिवर्सल बैंक बनने पर ये जरूरत कम होकर 11.5% हो जाएगी।

प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग की बाध्यता: स्मॉल फाइनेंस बैंक्स द्वारा प्राथमिक सेक्टर को 75% तक लोन देना होता है। वहीं यूनिवर्सल बैंक बनने पर ये सीमा घटकर 40% हो जाएगी। इससे बैंक अपनी पसंद के हिसाब से लोन दे सकेंगे और मुनाफे के ज्यादा अवसर तलाश पाएंगे।

25 लाख से कम के लोन की बाध्यता खत्म: अभी स्मॉल फाइनेंस बैंक्स को कम से कम आधे लोन (50%) 25 लाख रुपये से कम के देने होते हैं। यूनिवर्सल बैंक बनने पर ये पाबंदी खत्म हो जाएगी। इससे बैंक बड़े कारोबारों को भी लोन दे सकेंगे जिससे बैंक की अर्निंग में भी अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

आज के लिए सिर्फ इतना ही। उम्मीद करते है कि यह आर्टिकल आपको रोचक लगा होगा, इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले।

*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Edge Subscription Fee
Min. Investment

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top