यह आर्टिकल आपको बताएगा कि मार्केट इंडेक्स क्या हैं और पूरे मार्केट का प्रदर्शन समझने में क्यों ज़रूरी हैं। साथ ही इसमें लोकप्रिय इंडेक्स और निवेशकों के लिए उनके फायदों के बारे में भी बताया गया है। तो चलिए समझते है।
भारतीय स्टॉक मार्केट में 7,000 से ज़्यादा कंपनियों के शेयर NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। हर दिन इन सभी कंपनियों का प्रदर्शन समझना बहुत मुश्किल है। ठीक उसी तरह, अगर आप म्यूचुअल फंड स्कीम का प्रदर्शन देखना चाहते हैं, जिसने पिछले साल 13% रिटर्न दिया है, तो तुलना के लिए कोई चीज़ ना होने से मुश्किल हो जाता है। इन सब परेशानियों को दूर करने के लिए ही ‘मार्केट इंडेक्स’ का इस्तेमाल किया जाता है।
स्टॉक मार्केट इंडेक्स क्या है?
मान लीजिए कि शेयर मार्केट एक इंसान है और उसका तापमान जानना है तो आप थर्मामीटर का इस्तेमाल करेंगे, ठीक इसी प्रकार मार्केट इंडेक्स पूरे शेयर बाजार का तापमान बताता है ये बताता है कि शेयर बाजार कैसा चल रहा है, ऊपर जा रहा है या नीचे आ रहा है।
इस मार्केट इंडेक्स में ऐसी कई कंपनियों के शेयर शामिल होते हैं जिन्हें ध्यान से चुना जाता है। इन्हें चुनते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि कंपनी कितनी बड़ी है (मार्केट कैपिटलाइजेशन), उनके शेयर कितनी आसानी से खरीदे-बेचे जा सकते हैं (लिक्विडिटी) और उनकी ट्रेडिंग फ्रिक्वेंसी।
भारत में, निफ्टी 50, S&P BSE सेंसेक्स और निफ्टी IT इंडेक्स जैसे इंडेक्स काफी लोकप्रिय हैं। ये पूरे शेयर बाजार या किसी खास सेक्टर, जैसे कि IT की स्थिति बताते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए, भारत में निफ्टी 50 और सेंसेक्स जैसे प्रमुख इंडेक्स को देखकर आप किसी भी दिन मार्केट का प्रदर्शन आसानी से समझ सकते हैं। अगर ये इंडेक्स गिरते हैं, तो इसका मतलब है कि उस दिन शेयर मार्केट का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
इसी तरह, आप किसी म्यूचुअल फंड की परफॉरमेंस की तुलना बेंचमार्क से कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पिछले साल S&P BSE सेंसेक्स ने 16% रिटर्न दिया था। अगर आपके म्यूचुअल फंड का रिटर्न इससे कम रहा, तो इसका मतलब है कि उसकी परफॉरमेंस बेंचमार्क से कम रही।
मार्केट इंडेक्स के महत्त्व को समझे!
शेयर बाजार समझने और निवेश के निर्णय लेने में बेंचमार्क इंडेक्स काफी मददगार होते हैं, चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं:
- जानकारी और सेंटीमेंट एनालिसिस: ये इंडेक्स बताते हैं कि पूरा शेयर बाजार कैसा चल रहा है, ऊपर जा रहा है या नीचे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश की आर्थिक स्थिति कैसी है या किसी खास सेक्टर का प्रदर्शन कैसा है। ये निवेशकों को मार्केट का मूड समझने में मदद करते हैं।
- बेंचमार्किंग: इंडेक्स एक तरह का पैमाना हैं, जिससे निवेशक और फंड मैनेजर अपनी परफॉरमेंस की तुलना कर सकते हैं। फंड मैनेजर इन इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न देने की कोशिश करते हैं, ताकि उनकी फीस वसूलना सही लगे। निवेशक भी इससे समझते हैं कि उनका फंड कितना अच्छा काम कर रहा है।
- ट्रेडिंग: इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) आने के बाद, निवेशक अब कम खर्च में मार्केट से ज्यादा कमाई करने के लिए इन फंडों में ट्रेडिंग कर रहे हैं।
भारत में स्टॉक का वर्गीकरण
ये भी जानना जरूरी है कि शेयरों को उनकी पूंजी के आधार पर कैसे बांटा जाता है:
मार्केट कैप केटेगरी
- लार्ज कैप: ₹20,000 करोड़ या उससे ज्यादा
- मिड कैप: ₹5,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़
- स्मॉल कैप: ₹1,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़
- माइक्रो कैप: ₹1,000 करोड़ से कम
भारत में लोकप्रिय इंडेक्स
ये प्रमुख इंडेक्स हमें मार्केट के अलग-अलग सेगमेंट के बारे में बताते हैं:
- निफ़्टी 50 इंडेक्स: इसमें मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर विभिन्न सेक्टर के भारत की 50 बड़ी कंपनियों के शेयर शामिल हैं। यह इंडेक्स लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड स्कीम के लिए एक बेंचमार्क के रूप में काम करता है।
- निफ़्टी मिडकैप 150 इंडेक्स: इसमें 150 मिडकैप कंपनियों के शेयर शामिल हैं। यह मिड कैप स्कीम्स के परफॉरमेंस को मापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- निफ़्टी स्मॉल कैप 250 इंडेक्स: इसमें 250 स्मॉल कैप कंपनियों के शेयर शामिल हैं और इसका उपयोग मार्केट का विस्तार मापने के लिए किया जाता है और आमतौर पर स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिए एक बेंचमार्क के रूप में काम करता है।
- सेक्टर-विशिष्ट इंडेक्स: ये इंडेक्स किसी खास सेक्टर जैसे IT, बैंकिंग, FMCG, फार्मा आदि पर फोकस करते हैं। इनसे हमें उस सेक्टर में निवेश करने का फैसला लेने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
मार्केट इंडेक्स ने निवेश के फैसले लेना आसान बना दिया है। ये हमें बताते हैं कि कौन सा फंड अच्छा चल रहा है और कौन सा नहीं। ये आर्टिकल आपको फंडामेंटल जानकारी देता है, साथ ही मार्केट इंडेक्स की जटिलताओं को गहराई से समझने से निवेशकों की शेयर बाजार की समझ में सुधार हो सकता है।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर
यह आर्टिकल मुख्य रूप से द इकोनॉमिक टाइम्स के लिए लिखा गया है जिसे आप नीचे दिए गए लिंक से पढ़ सकते है।