हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्रिटेन से 100 टन सोना वापस लाने का फैसला किया है। यह कदम कई लोगो के मन में कई सवाल खड़े करता है – आखिर भारत अपने सोने का भंडार विदेशों में क्यों रखता है, और अब इसे वापस क्यों ला रहा है? आइए इस आर्टिकल में हम इन सवालों के जवाब पाने की कोशिश करते है।
क्या है मामला?
30 मई 2024 को जारी RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने FY24 में ब्रिटेन की तिजोरियों से 100 टन सोना वापस लाकर एक बड़ा कदम उठाया है, जो कि 1991 के बाद पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में सोना भारत वापस लाया गया है और खबर ये है कि आने वाले महीनों में और सोना वापस लाने की योजना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मार्च 2024 तक कुल 822.10 मीट्रिक टन गोल्ड रिज़र्व है जिसमें में से 308 टन सोना नोटों को जारी करने के लिए सुरक्षा के रूप में रखा गया है और बैंकिंग डिपार्टमेंट के एसेट रूप में स्थानीय रूप से 100.28 टन सोना और रखा गया है। इसके अलावा, अगर हम विदेशों में रखे सोने के भंडार की बता करें तो 413.79 टन सोना रखा हुआ है।
विदेशों में सोना क्यों रखता है RBI?
मार्केट की सुविधा: UK जैसी जगहों पर सोने के लिए एक लिक्विड मार्केट है। यहां सोने को आसानी से व्यापार और स्वैप्स के रूप में इस्तेमाल कर सकते है साथ ही RBI उस पर रिटर्न भी कमा सकता है।
जोखिम कम करना: विभिन्न देशों में सोना रखने से किसी भी एक स्थान पर युद्ध या राजनीतिक अशांति जैसी अप्रत्याशित घटनाओं के जोख़िम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
संकट में मददगार: 1990-91 के फॉरेन एक्सचेंज संकट के दौरान, भारत को 405 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन प्राप्त करने के लिए बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्सा गिरवी रखना पड़ा था। हालाँकि, लोन उसी साल नवंबर 1991 तक चुका दिया गया था।
सोना वापस लाने की क्या है वजह?
फॉरेन स्टोरेज की लागत में कमी करना: विदेशों में सोना रखने पर स्टोरेज और सुरक्षा से जुड़े खर्च उठाने पड़ते हैं। इन्हें कम करने के लिए RBI सोने का कुछ हिस्सा वापस ला रहा है।
आर्थिक सुरक्षा: हाल ही में पश्चिमी देशों द्वारा रूसी एसेट्स को जमा कर लेने की घटना ने विदेशों में रखे एसेट्स की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में भारत अपने सोने को वापस लाकर उसे अधिक सुरक्षित बनाना चाहता है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठ सकता है कि क्या सोने को वापस लाने से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर पड़ेगा? तो जवाब है – नहीं। सोने के भंडार को वापस लाने से भारत की GDP, सोने की कीमत, टैक्स कलेक्शन या RBI की बैलेंसशीट पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि RBI सिर्फ UK में रखे अपने सोने को वापस ला रहा है क्योंकि भारत पहले से ही इस सोने का मालिक है।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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