सुरक्षित निवेश और महंगाई से बचने के लिए सोना और चांदी हमेशा से ही दुनियाभर के लोगों के लिए पसंदीदा विकल्प रहे हैं। जबकि पिछले कुछ समय में गोल्ड ने तो बेहतरीन रिटर्न दिए ही है लेकिन चांदी भी रिटर्न के मामले में पीछे नहीं है क्योंकि सिर्फ 2024 में ही अब तक (13 मार्च 2024) स्टॉक मार्केट बेंचमार्क इंडेक्स को पीछे छोड़ते हुए विभिन्न म्यूच्यूअल फंड सिल्वर स्कीम्स ने औसतन 26.08% का रिटर्न दिया है।
अभी आप सोच रहें होंगे कि सोने में निवेश करना चाहिए या चांदी में, तो चलिए समझते है कि चांदी सोने से बेहतर निवेश क्यों बन सकता है और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं।
क्या है मामला?
1950 में दस ग्राम सोने की कीमत 99 रुपये थी, जो अभी के समय में 75,000 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव को भी पार कर चुकी है। यानि, एक निवेशक के नजरिए से देखें तो गोल्ड ने इन 74 सालों में 700 गुना से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है।

जबकि, अगर हम चांदी की बात करें तो यह 1981 में 2,715 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अभी 23 मई 2024 में 75,500 रुपये पर है। यानि लॉन्गटर्म के मामले ने दोनों ने ही बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन, एनालिस्ट रोनाल्ड-पीटर स्टोएफ़रले और मार्क जे. वालेक की रिपोर्ट ‘इन गोल्ड वी ट्रस्ट’ के अनुसार, 2024 में सोने की तुलना में चांदी एक ज़्यादा आकर्षक निवेश के रूप में उभर रही है।
चांदी सोने से बेहतर विकल्प क्यों है?
ऐसे कई कारण है जो चांदी को सोने से भी ज्यादा आकर्षक निवेश बना रहे हैं। आइए, इन कारणों को समझते हैं:
कटौती की उम्मीद: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना से चांदी की प्राइस को फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि कम ब्याज दर और जिओपॉलिटिकल तनाव सोने और चांदी में नीवश को आकर्षक बनाते है।
इंडस्ट्रियल मेटल: सौर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन जैसी इंडस्ट्रीज में सिल्वर की डिमांड बढ़ रही है, क्योंकि ग्लोबल स्तर पर उत्पादित चांदी का लगभग 50% हिस्सा इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में इस्तेमाल होता है।
सप्लाई में कमी: पिछले कुछ सालों से लगातार चांदी की सप्लाई में कमी देखी जा रही है, जहां 2015 में 18 मिलियन औंस, 2016 में 55 मिलियन औंस और 2023 में 184 मिलियन औंस की कमी देखी गयी। इस वजह से प्राइस बढ़ती जा रही है, इसलिए आने वाले समय में चांदी की कीमत में और उछाल आने की संभावना है।
ETF में बढ़ता निवेश: हाल के दिनों में चांदी में निवेश भी बढ़ा है। ग्लोबल स्तर पर और भारत में भी ETF में निवेश बढ़ रहा है।
सोने से बेहतर प्रदर्शन: मौजूदा समय में सोने और चांदी का अनुपात 75 से ऊपर पहुंच गया है, जो बताता है कि हाल ही के समय में चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है।
इन सभी कारणों को देखते हुए, एक्सपर्ट्स चांदी को सोने से ज्यादा फायदेमंद निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मौका?
आने वाले वर्षों में लगातार बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण सोने की तुलना में चांदी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2024 में ब्याज दरों में कटौती करना शुरू करता है, तो चांदी की कीमतों को और बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, सोने और चांदी में निवेश, निवेशक की जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।
भविष्य की बातें
मिंट के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अभी सिल्वर लगभग 94,300 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी चांदी की रफ्तार जारी है क्योंकि मजबूत फंडामेंटल और जिओपॉलिटिकल तनावों को चांदी की तेजी का कारण माना जा रहा है। कुछ एनालिस्ट का तो कहना है कि MCX पर चांदी जल्द ही 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर सकती है।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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