IPO मार्केट में पिछले दो महीनों में काफी बदलाव देखने को मिले हैं। कमजोर मार्केट भावना और ग्लोबल आर्थिक दबावों के चलते भारतीय IPO की सब्सक्रिप्शन दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह आर्टिकल इसी विषय पर आधारित है, जिसमें हम समझने का प्रयास करेंगे कि IPO सब्सक्रिप्शन की गिरावट के पीछे क्या वजह है और यह निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है।
क्या है मामला?
पिछले कुछ वर्षो में IPO का ट्रेंड रिटेल निवेशकों के बीच तेजी से बढ़ा है लेकिन एक्सिस कैपिटल द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गयी है जिसमें कहा गया है कि इस वर्ष सितंबर और अक्टूबर 2024 में IPO मार्केट में काफी सुस्ती देखी गई। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में मेनबोर्ड IPO का औसत सब्सक्रिप्शन स्तर घटकर 1.9 गुना रह गया, जो अक्टूबर में 16 गुना और सितंबर में 76 गुना था। यह गिरावट दर्शाती है कि हाल के महीनों में निवेशकों की रुचि में बड़ी कमी आई है।
कमजोर मार्केट भावना का असर न केवल सब्सक्रिप्शन स्तर पर बल्कि कंपनियों की लिस्टिंग पर भी दिखा। इस साल 70% लिस्टिंग ने निवेशकों को लाभ दिया है, लेकिन यह आँकड़ा पिछले साल की तुलना में कम है।
कमजोर मार्केट भावना के पीछे के कारण
ग्लोबल अनिश्चितताएँ: ग्लोबल अर्थव्यवस्था में जारी अस्थिरता, जैसे ब्याज दरों में वृद्धि और जिओपॉलिटिकल तनाव, IPO सब्सक्रिप्शन में गिरावट का कारण बने हैं।
डोमेस्टिक मार्केट का प्रदर्शन: भारतीय शेयर मार्केट में हाल के महीनों में FIIs की लगातार बिकवाली से वोलाटिलिटी बढ़ी है, जिससे निवेशकों का आत्मविश्वास कमजोर हुआ है।
उच्च वैल्यूएशन: कई IPO हाई वैल्यूएशन पर जारी हुए है, जो निवेशकों को आकर्षित करने में असफल रहे।
IPO की मौजूदा स्थिति
FY24 में 29 नवंबर 2024 तक कुल 54 मेन बोर्ड IPO लिस्ट हुए, जिनमें से 38 अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। लेकिन अगर हम इतिहास में जाए और देखें तो जुलाई 2020 से नवंबर 2024 के बीच 252 IPO लॉन्च हुए, जिनमें 186 अपने इश्यू प्राइस से ऊपर, 10 इश्यू प्राइस पर, और 67 इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुए है। हालाँकि, इनमें से 31 अंडरपरफॉर्मिंग IPO ने रिकवरी करते हुए अब इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड करना शुरू कर दिया है।
वर्तमान की बात करें तो कुल 185 IPO इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि मार्केट की हालिया चुनौतियों के बावजूद, कई लिस्टिंग ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
इस साल शेयर मार्केट में डेब्यू करने वाली 76 कंपनियों में से 75% ने लिस्टिंग के दिन सकारात्मक रिटर्न दिया है, जबकि 48 कंपनियों ने डबल-डिजिट रिटर्न दिया। सिर्फ इतना ही नहीं, KRN हीट एक्सचेंजर & रेफ्रिजरेशन, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, BLS E-सर्विसेज, और विभोर स्टील ट्यूब्स ने लिस्टिंग के दिन ही 100% से अधिक का प्रॉफिट दर्ज किया है।
लेकिन रिटेल निवेशकों में शायद धैर्य की कमी है, क्योंकि 2 सितम्बर 2024 को सेबी ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि रिटेल निवेशकों द्वारा को आवंटित 54% IPO शेयर एक सप्ताह के भीतर ही बेच दिए जाते है।
निष्कर्ष
मार्केट में ऐसा देखा गया है कि यदि मार्केट सेंटीमेंट सकारात्मक है तो IPO में सब्सक्रिप्शन ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन अगर मार्केट गिरावट के दौर से गुजर रहा होता है तो IPO मार्केट के प्रति निवेशकों के रुझान में नरमी देखने को मिलती है जैसा कि सितंबर और अक्टूबर महीने में देखने को मिला है लेकिन मार्केट के पॉजिटिव ट्रेंड से IPO मार्केट में भी रौनक लौट आती है।
लेकिन निवेशकों को केवल ऐसी कंपनियों में निवेश करना चाहिए जिनकी बैलेंस शीट और बिजनेस मॉडल मजबूत हों और मार्केट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, लॉन्गटर्म निवेश अधिक लाभदायक हो सकता है।
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*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर