भारत का प्राइमरी मार्केट 2025 में फिर से गति पकड़ रहा है। पिछले साल की तुलना में इस साल शुरुआती महीनों में IPO गतिविधियां धीमी थीं, लेकिन अब मार्केट में नई जान आ रही है। पिछले कुछ महीनों में मार्केट में आई मजबूती ने कंपनियों को अपने शेयर जनता के सामने लाने के लिए प्रेरित किया है। अगले कुछ सप्ताह में कई बड़े IPO आने वाले हैं, जिनसे मार्केट में करीब ₹6,600 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह निवेशकों के लिए सही समय है? इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि मार्केट में क्या चल रहा है, निवेशकों के लिए क्या अवसर हैं, और आगे की राह कैसी दिख रही है।
क्या है मामला?
2025 में IPO मार्केट में नई हलचल देखने को मिल रही है, अप्रैल में सुस्त IPO मार्केट के बाद मई में हमें 6 मेन बोर्ड IPO देखने को मिले हैं जिनमें बेलराइज इंडस्ट्रीज, बोराना वीव्स, स्कोडा ट्यूब्स, प्रोस्टारम इन्फो सिस्टम्स, लीला होटल्स (श्लॉस बैंगलोर लिमिटेड), और एजिस वोपाक टर्मिनल्स IPO शामिल है। जिसके बाद निवेशकों में खुशी की लहरा आ गई है। 2023 की तुलना में यह साल अब तक कमजोर रहा है, लेकिन गतिविधियां तेज हो रही हैं। कई कंपनियां अब SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर रही हैं, जो पब्लिक लिस्टिंग में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
इसके अलावा, 2025 में अब तक केवल 12 कंपनियों ने IPO लॉन्च किए हैं, जो मार्केट की अस्थिरता को दर्शाता है। फिर भी, 57 कंपनियों को SEBI से अंतिम मंजूरी मिल चुकी है, और 74 अन्य मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं, जो मार्केट में बढ़ते विश्वास को दिखाता है।
स्टार्टअप्स की IPO लहर
IPO की यह लहर केवल मुख्य बोर्ड तक सीमित नहीं है। स्टार्टअप्स भी इस दौड़ में शामिल हो रहे हैं। 2024 में 13 स्टार्टअप्स ने 29,000 करोड़ रुपये जुटाए, और 2025 में यह संख्या लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है। भारतीय स्टार्टअप्स तेजी से कैपिटल मार्केट की ओर बढ़ रहे हैं।
ज़ेप्टो, पाइनलैब्स, लेंसकार्ट, ग्रो, और फोनपे जैसे स्टार्टअप्स अपनी IPO तैयारियों में जुटे हैं, जो उनके विकास और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। वहीं, अर्बन कंपनी और फिजिक्सवाला जैसे स्टार्टअप्स ने पहले ही SEBI के पास अपने ड्राफ्ट IPO पेपर्स दाखिल कर दिए हैं।
आने वाले IPOs में बड़े नाम शामिल
2025 में भारतीय शेयर बाजार में कई बड़े नाम अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं। रिलायंस जियो इन्फोकॉम 40,000 करोड़ रुपये के IPO के साथ इतिहास रच सकता है, जो भारत का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। इसके अलावा, टाटा कैपिटल, फोनपे, ज़ेप्टो, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज, हीरो फिनकॉर्प IPO की योजना बना रही हैं।
दूसरी ओर, LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, जिसे SEBI से मंजूरी मिल चुकी है, 15,000 करोड़ रुपये की ऑफर फॉर सेल की तैयारी में है, हालांकि इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। यह साल भारतीय स्टार्टअप और कॉर्पोरेट जगत के लिए माइलस्टोन साबित हो सकता है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
23 मई 2025 को मनीकंट्रोल द्वारा पब्लिश एक IPO एनालिसिस रिपोर्ट में 101 IPOs का अध्ययन किया गया, जिससे यह पता चला कि 58% IPOs ने सकारात्मक रिटर्न दिए हैं, जबकि केवल 6% IPOs ने ही अपनी लिस्टिंग कीमत के मुकाबले निवेशकों को दोगुना रिटर्न दिया है।

मनीकंट्रोल के अनुसार, न केवल 50% से अधिक IPOs ने सकारात्मक रिटर्न दिए हैं, बल्कि 6% IPOs ने निवेशकों को दोगुना रिटर्न भी कमाकर दिया है।
वहीं, 42% IPO नकारात्मक रिटर्न में रहे, जिनमें ओला इलेक्ट्रिक (-32.74%), स्विगी (-20.14%), हुंडई (-7.12%) और NTPC (-4.64%) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह दर्शाता है कि IPO में निवेश जोखिम और अवसर दोनों का मिश्रण है, जहां सावधानीपूर्वक विश्लेषण जरूरी है। इसलिए निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन, और लॉन्गटर्म ग्रोथ की जांच करनी चाहिए।
भविष्य की बातें
जनवरी से मई के बीच, 85 कंपनियों ने SEBI के पास अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किए, जो एक दशक से अधिक समय में इस अवधि के लिए सबसे अधिक है। कंपनियां मार्केट के प्रति विश्वास दिखा रही हैं। इस साल दस्तावेज दाखिल करने वाली प्रमुख कंपनियों में टाटा कैपिटल, अर्बन कंपनी और कैनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट शामिल हैं।
बीते कुछ महीनों में ग्लोबल तनाव और भारत, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया है। NSE का निफ्टी 50 इंडेक्स पिछले दो महीनों में 3,000 पॉइंट्स से अधिक की बढ़त दर्ज कर चुका है, वहीं बैंक निफ्टी ने 3 जून को नया ऑल टाइम हाई छू लिया है, जो मार्केट की मजबूती को दर्शाता है।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर