भारत में धनतेरस और दिवाली के दौरान गोल्ड की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इसके अलावा, शादी के सीजन में भी ज्वेलरी और गोल्ड कॉइन्स की डिमांड बढ़ती है। हालांकि, इस बार त्योहारों से पहले गोल्ड की प्राइस में आई गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है।
हालिया गिरावट के बाद गोल्ड खरीदना पहले के मुकाबले सस्ता हुआ है, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं, ब्याज दरों और डॉलर की चाल के कारण प्राइस में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में खरीदारी का सही समय चुनना आसान नहीं है।
आइए गोल्ड की प्राइस में हालिया गिरावट को विस्तार से समझें और जानें कि धनतेरस से पहले खरीदारी करना बेहतर है या प्राइस में और कमी का इंतजार करना चाहिए।
क्या है मामला?
धनतेरस और दिवाली से पहले डोमेस्टिक मार्केट में गोल्ड की प्राइस में महत्वपूर्ण गिरावट देखने को मिली है। लाइवमिंट के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को 24 कैरेट गोल्ड की प्राइस ₹1,53,780 प्रति 10 ग्राम थी, जो 21 अक्टूबर को घटकर ₹1,46,270 रह गई। यानी एक महीने में लगभग 5.13% की गिरावट दर्ज हुई।
21 अक्टूबर को सुबह करीब 11:30 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड 0.42% गिरकर ₹1,45,898 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। इसी दौरान सिल्वर 1.16% गिरकर ₹2,09,028 प्रति किलोग्राम पर थी। न्यूज18 के अनुसार, गोल्ड की प्राइसें जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से 26% से अधिक नीचे आ चुकी थीं।
प्राइस में इस गिरावट से फेस्टिव और वेडिंग सीजन की खरीदारी करने वाले परिवारों को राहत मिली है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स की राय आगे की प्राइस को लेकर अलग-अलग है।
गोल्ड की प्राइस में गिरावट की प्रमुख वजहें
गोल्ड की प्राइस पर सबसे अधिक असर ग्लोबल आर्थिक परिस्थितियों और अमेरिकी ब्याज दरों की संभावनाओं का पड़ रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मॉनेटरी पॉलिसी बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं। ब्याज दरें हाई रहने पर गोल्ड जैसे बिना ब्याज वाले एसेट की आकर्षकता कम हो सकती है।
न्यूज18 के अनुसार, CME FedWatch के आंकड़ों में अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरें अपरिवर्तित रहने की संभावना 82% और दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना 89% दिखाई गई थी। इसके अलावा, क्रूड ऑइल की प्राइस, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की मजबूती और मिडिल ईस्ट में तनाव भी गोल्ड मार्केट को प्रभावित कर रहे हैं।
डोमेस्टिक मार्केट में हाई प्राइस के कारण खरीदार भारी ज्वेलरी के बजाय हल्के गहनों, सिक्कों और गोल्ड बार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि, त्योहारों और शादी के सीजन की डिमांड प्राइस को सहारा दे सकती है। इसलिए मौजूदा गिरावट का आगे भी जारी रहना निश्चित नहीं है।
धनतेरस तक गोल्ड कितना सस्ता या महंगा हो सकता है?
आगे गोल्ड की दिशा को लेकर एक्सपर्ट्स के अनुमान अलग-अलग हैं।
इंडियाटुडे के अनुसार, एनरिच मनी के पोनमुडी आर का मानना है कि, MCX गोल्ड के लिए ₹1,45,300 से ₹1,46,000 महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। यदि प्राइस इससे नीचे जाती हैं, तो अगला सपोर्ट ₹1,43,000 से ₹1,43,700 के बीच हो सकता है। ऊपर की तरफ ₹1,48,000 से ₹1,48,600 पहला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है, जबकि अगला स्तर ₹1,50,000 से ₹1,50,700 है।
दूसरी ओर, आनंद राठी के थॉमस स्टीफन को गोल्ड में ₹1.44-1.45 लाख के आसपास सपोर्ट और ₹1.55 लाख के आसपास रेजिस्टेंस दिखाई देता है। ABP Live के अनुसार, अनुज गुप्ता ने दिवाली या साल के अंत तक गोल्ड ₹1.60-1.65 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंचने की संभावना जताई है।
ये सभी तकनीकी स्तर और अनुमान हैं, निश्चित प्राइसें नहीं। वास्तविक दिशा ग्लोबल मार्केट और डोमेस्टिक डिमांड पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन परिवारों को शादी या त्योहारों के लिए गोल्ड खरीदना जरूरी है, उनके लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है। मोतीलाल ओसवाल के मानव मोदी ने एकमुश्त खरीदारी के बजाय अलग-अलग चरणों में खरीदने की सलाह दी है। वहीं, ट्रैक के वेदांत गुप्ते ने लगभग आधी खरीदारी अभी और बाकी धनतेरस के आसपास करने का सुझाव दिया है।
ज्वेलरी खरीदते समय केवल गोल्ड की प्राइस देखना पर्याप्त नहीं है। लाइवमिंट के अनुसार, मेकिंग चार्ज सामान्यतः 8% से 25% तक हो सकते हैं। इसलिए अंतिम बिल की तुलना करना जरूरी है। निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को अपनी समयसीमा, पोर्टफोलियो और जोखिम क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।
भविष्य की बातें
आने वाले समय में गोल्ड की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और जियोपॉलिटिकल घटनाओं से प्रभावित होगी। धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है। इसके बाद 20 नवंबर से शादी के शुभ मुहूर्त शुरू होने के कारण डोमेस्टिक डिमांड मजबूत रह सकती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक फेस्टिव और वेडिंग डिमांड प्राइस को सहारा दे सकती है, जबकि मजबूत डॉलर या हाई ब्याज दरें गिरावट का दबाव बढ़ा सकती हैं। इसलिए गोल्ड की अगली चाल का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। जरूरत के अनुसार चरणबद्ध खरीदारी और प्राइस की तुलना करना खरीदारों के लिए अधिक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल एजुकेशनल और इंफॉर्मेशनल उद्देश्य के लिए है और यह इन्वेस्टमेंट एडवाइस या किसी भी सिक्योरिटीज को खरीदने या बेचने की रिकमेंडेशन नहीं है। यहाँ जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें मार्केट डेवलपमेंट्स के संदर्भ में केवल उदाहरण के रूप में बताया गया है। इन्वेस्टर्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी इन्वेस्टमेंट डिसीजन लेने से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें और अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श करें।
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