क्रेडिट स्कोर में सुधार और अपने फाइनेंशियल हेल्थ को बेहतर बनाने के रहस्यों के बारे में जानें।
पैसे के मामले कभी-कभी एक पहेली की तरह महसूस हो सकते हैं और उस पहेली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्रेडिट स्कोर की कठिन दुनिया को समझना है। हममें से ज्यादातर ने पहली बार क्रेडिट के बारे में तब सुना होगा जब हमें हमारी पहली नौकरी मिली थी और बैंक से यह पूछने के लिए फोन किया था कि क्या आप क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने में रुचि रखते हैं। खैर, कई महीनों तक लगातार क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने के बाद ही हमें अपनी क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त होती है और तभी हमें समझ आता है कि क्रेडिट स्कोर क्या है।
आज का सवाल यह है कि क्रेडिट स्कोर इतना महत्वपूर्ण क्यों हैं? इसके अलावा, अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने के लिए आप इस पर कैसे काम कर सकते हैं?
आइए पता करते हैं।
सबसे पहले आइए बुनियादी बातों से शुरुआत करते हैं और क्रेडिट स्कोर को समझते हैं।
क्रेडिट स्कोर क्या हैं?
क्रेडिट स्कोर कुछ और नहीं बल्कि एक फाइनेंशियल रिपोर्ट कार्ड है। यह एक संख्या है जो ऋणदाताओं को बताती है कि आप पैसे के मामले में कितने भरोसेमंद हैं। भारत में क्रेडिट स्कोर 300 से 900 तक होता है; आपका स्कोर जितना ज्यादा होगा, उतना बेहतर होगा।
लेकिन आपको अपने क्रेडिट स्कोर पर ध्यान क्यों देना चाहिए? वह इसलिए क्योंकि यह आपकी फाइनेंशियल लाइफ को जितना आप सोच सकते हैं उससे कहीं ज्यादा प्रभावित करता है। जब आप लोन या क्रेडिट कार्ड चाहते हैं तो ऋणदाता आपका क्रेडिट स्कोर जांचते हैं। ज्यादा स्कोर का मतलब कम ब्याज दरें और बेहतर लोन डील होता है।
याद रखें, आपका क्रेडिट स्कोर आपके फाइनेंशियल फैसलों को भी गाइड करता है। यदि आपका स्कोर कम है तो अपने सपनों की कार या घर के लिए लोन प्राप्त करना कठिन हो सकता है। लेकिन अच्छे स्कोर से आपको उचित ब्याज दरों पर लोन मिल सकता है।
आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले फैक्टर
01. अपने बिलों का समय पर भुगतान करें
अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए समय पर अपने बिलों का भुगतान करना जरूरी है। आपकी पेमेंट हिस्ट्री एक महत्वपूर्ण फैक्टर है जिस पर लेंडर्स आपकी साख का मूल्यांकन करते समय ध्यान देते हैं।
यह सुनिश्चित करें कि आप एक पॉजिटिव पेमेंट हिस्ट्री बनाए रखे हुए हैं। रिमाइंडर सेट करने या अपने बैंक द्वारा प्रदान किए गए ऑटोमेटिक पेमेंट विकल्पों का उपयोग करने पर विचार करें। इसके अलावा, ऐसे कई उपयोगी मोबाइल ऐप्स उपलब्ध हैं जो आपकी ड्यू डेट पर नजर रखने में आपकी सहायता कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप कभी भी पेमेंट करने से न चूकें।
02.अपना क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो मैनेज करें
अपने क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो को मैनेज करना स्वस्थ क्रेडिट स्कोर बनाए रखने का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। यह रेश्यो आपकी टोटल क्रेडिट लिमिट की तुलना में आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे क्रेडिट अमाउंट को दर्शाता है और इसे कंट्रोल में रखना आवश्यक है।
एक सामान्य गाइडलाइन के रूप में आपकी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट के 30% से कम का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। क्रेडिट का यह जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग लेंडर्स को दर्शाता है कि आप अपने आप पर आर्थिक रूप से ज्यादा बोझ नहीं बढ़ा रहे हैं। अपने क्रेडिट कार्ड बैलेंस को लगातार इस लिमिट से नीचे रखने से पता चलता है कि आप अपने क्रेडिट को जिम्मेदारी के साथ मैनेज कर सकते हैं और उधार ली गई राशि पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं करते हैं।
03.उम्र मायने रखती है
भारत में आपके क्रेडिट स्कोर के संबंध में आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की एज महत्वपूर्ण महत्व रखती है। लंबी क्रेडिट हिस्ट्री अक्सर हाई क्रेडिट स्कोर का परिणाम होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह क्रेडिट एजेंसियों और लेंडर्स को आपके फाइनेंशियल बिहेवियर और विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए ज्यादा विस्तारित समय प्रदान करता है।
04.क्रेडिट मिक्स
आपका क्रेडिट मिक्स आपके पास मौजूद क्रेडिट खातों की वेराइटी है, जैसे क्रेडिट कार्ड, लोन और अन्य मॉर्गेज आदि। यह आपका क्रेडिट स्कोर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विभिन्न प्रकार के क्रेडिट को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की आपकी क्षमता को दर्शाता है। जिस पर लेंडर्स की अक्सर नजर होती है। एक डायवर्सिफाई क्रेडिट मिक्स दर्शाता है कि आप एक जिम्मेदार उधारकर्ता हैं जो कई क्रेडिट दायित्वों को संभालने में सक्षम हैं।
कई सोर्स से कर्ज लेना और लगातार समय पर भुगतान करना आपके फाइनेंशियल कमिटमेंट पर आपके नियंत्रण को दर्शाता है। यह उधारदाताओं के लिए एक मजबूत संकेतक है कि आप एक विश्वसनीय उधारकर्ता हैं। इससे आपका लोन एप्लीकेशन ज्यादा आकर्षक हो जाता है और भविष्य में फेवरेबल शर्तों को हासिल करने की संभावना बढ़ जाती है।
आप अपना क्रेडिट स्कोर कैसे सुधार सकते हैं?
1. क्रेडिट रिपोर्ट को समझें
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को समझना न केवल फायदेमंद है बल्कि आसान भी है। आपको प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो से हर साल एक फ्री क्रेडिट रिपोर्ट मिलती है।
यह क्रेडिट रिपोर्ट एक दस्तावेज है जो आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री का एक स्नैपशॉट प्रदान करता है। इसमें पर्सनल जानकारी, आपकी एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री की डिटेल्स, क्रेडिट अकाउंट का रिकॉर्ड, पेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट लिमिट और लोन अमाउंट आदि चीजें शामिल हैं।
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की समीक्षा करते समय दी गई जानकारी की एक्यूरेसी पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। यह भी जांचना महत्वपूर्ण है कि लिस्टेड क्रेडिट लिमिट या ओरिजिनल लोन अमाउंट सही हैं या नहीं। यदि आपको कुछ गलत लगता है जैसे कि आपकी वास्तविक क्रेडिट लिमिट दर्ज की गई लिमिट से ज्यादा है, तो इसे सुधारना जरूरी है।
गलत क्रेडिट लिमिट आपके क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो को निगेटिव रूप से प्रभावित कर सकती है। जिसका प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है।
2. क्रेडिट इंक्वायरी कम करें
हर बार जब आप लोन, क्रेडिट कार्ड या मॉर्गेज जैसे क्रेडिट के लिए आवेदन करते हैं तो क्रेडिट या हार्ड इंक्वायरी होती है। इन इंक्वायरी के प्रति सचेत रहना महत्वपूर्ण है क्योंकि कम समय में क्रेडिट इंक्वायरी बहुत ज्यादा होने से आपके क्रेडिट स्कोर पर निगेटिव प्रभाव पड़ सकता है।
भारत में एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए क्रेडिट के आवेदन करते समय चयन करना जरूरी है। केवल तभी आवेदन करें जब आपको वास्तव में इसकी जरूरत हो और अप्रूव होने की मजबूत संभावना हो। हर एक हार्ड इंक्वायरी कुछ समय के लिए आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर बनी रह सकती है। इसलिए अपनी फाइनेंशियल जरूरतों के लिए क्रेडिट के उपयोग और अनावश्यक इंक्वायरी से बचने के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है जो संभावित रूप से आपकी क्रेडिट योग्यता को नुकसान पहुंचा सकता है।
निष्कर्ष
इन सभी फैक्टर के अलावा आपको अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने की प्लानिंग बनानी चाहिए। एक मजबूत प्लान बनाकर शुरुआत करें। हमेशा समय पर अपने बिलों का भुगतान करने को प्राथमिकता दें, अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग लिमिट से काफी कम रखें और याद रखें कि केवल जरूरत पड़ने पर ही क्रेडिट लें। ऊपर बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके और जिम्मेदार क्रेडिट हैबिट को बनाए रखकर आप अपने क्रेडिट स्कोर में लगातार सुधार कर सकते हैं और एक मजबूत फाइनेंशियल भविष्य के लिए ठोस आधार तैयार कर सकते हैं।
*आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है।
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