अक्सर हम अपनी फाइनेंशियल स्थिति को खराब कर लेते हैं क्योंकि खुशियों में हम बहुत से अतिरिक्त खर्चे करते हैं। इस तरह की स्थितियों में, फाइनेंशियल बजट अव्यवस्थित हो जाता है, और बचत दरकिनार हो जाती है, और यह स्थिति हमें फाइनेंशियल तनाव की ओर ले जाती है। 

इस स्थिति में, आइए एक योजना बनाएं और यह देखें कि अपने फाइनेंस पर नियंत्रण रखते हुए खर्चों को कैसे ट्रैक कर सकते है। अपने खर्चों को सावधानीपूर्वक ट्रैक करने के प्रैक्टिकल तरीके यहां दिए गए हैं:

अपने खर्चों को अलग – अलग केटेगरी में रखे

अपने खर्चों को रेंट, किराने का सामान, कपड़े, रखरखाव, ओवरहेड्स और उपहार देने जैसी विभिन्न श्रेणियों में रखकर अपने खर्च को व्यवस्थित करें। यह आपके खर्च करने की आदतों को समझने में मदद करेगा और साथ ही आप कहां खर्चो को कम कर सकते है ये समझने में भी सहायता मिलेगी। खर्चों को प्रभावी ढंग से वर्गीकृत करके आप अपनी वर्तमान फाइनेंशियल स्थिति पर बारीकी से नज़र रख सकते है। 

रोचक तथ्य: 2023 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के एक अध्ययन से पता चला कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के 90% लोगों को अपने रिटायरमेंट के लिए पहले निवेश न करने का पछतावा है, जबकि 40% शहरी भारतीयों ने अभी तक इसके लिए कोई योजना नहीं बनाई है।

आवश्यकताओं और इच्छाओं में अंतर करें

आवश्यकताओं और इच्छाओं को पहचाने ताकि आप समझ सके कि कौन-कौन सी चीजें जरुरत की हैं और कौन-कौन सी सिर्फ इच्छा मात्र हैं। यह आपको सोच-समझकर खर्च करने में मदद करेगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक खर्च आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों के अनुरूप है।

माइंडफुल मनी डायरीज़

 

खर्चे ट्रैक करें

अपने खर्चो को अलग-अलग केटेगरी में करने के बाद अपने खर्चों को ट्रैक करने की आदत अपनाएँ। इससे यह सुनिश्चित होगा कि छोटे-छोटे खर्चे भी सही तरीके से रिकॉर्ड हो रहे हैं, जिससे आपको अपनी आय और खर्च को समझने में आसानी होगी। जागरूक रहकर खर्चो को ट्रैक करके आप अपने खर्च को कम कर सकते है और अपनी इनकम को बचत और निवेश की दिशा में रुख कर सकते है। 

प्रोसेस को ऑटोमेट करें

एक बार जब आप खर्चो को अलग-अलग केटेगरी में रखने और ट्रैक करने में माहिर हो जाएं, तो आप धीरे-धीरे प्रक्रिया को ऑटोमेट करें। ऐप्स का उपयोग करें ताकि एक्सपेंस मैनेजमेंट को सरल बनाया जा सके। ऑटोमेट करने से आपको मैन्युअल ट्रैक करने की आवश्तकता नहीं होगी, जिससे समय के साथ फाइनेंशियल ट्रैकिंग को अधिक कुशल बनाया जा सकता है।

मुख्य बात यह है कि अपनी फाइनेंशियल बेहतरी के लिए शुरुआत में इस पर काफी समय और संसाधन देकर शुरू करें। लेकिन जैसे-जैसे आप इस पर पकड़ बनाना शुरू करते हैं, प्रक्रिया को ऑटोमेट किया जा सकता है।

यहां एक सरल एक्सपेंस ट्रैकर है जिसे आप बना सकते हैं:

माइंडफुल मनी डायरीज़

 

माइंडफुलनेस तकनीकों को शामिल करे

बेसिक्स के अलावा, फाइनेंशियल वेल-बीइंग के लिए माइंडफुल तकनीकों को ध्यान में रखें:

a) फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए ऐप्स

अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों के साथ मेल खाने वाले एप्स का पता करे। ऐसे एप्स हैं जो दैनिक खर्च को ट्रैक करते हैं और बचे हुए पैसे को निवेश करने का सुझाव देते हैं, यह आपको निरंतर निवेश करने में बढ़ावा देगा। 

b) बजट-फ्रेंडली चैलेंजेस

‘नो-स्पेंड वीकेंड’ या ‘बाहर खाना खाए बिना एक महीना’ जैसे चैलेंजेस में हिस्सा लें, जिससे बचत बढ़े। ये चैलेंजेस सिर्फ पैसा ही नहीं बचाते है, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देते हैं।

c) माइंडफुल खर्च करने के टिप्स

खर्च कम करने के लिए डेली प्रैक्टिस करे, जैसे कि सप्ताह के बीच में बल्क ग्रोसरी शॉपिंग करना। छोटे बदलाव, जैसे कि गाड़ी की बजाय पैदल चलना, यह छोटे-छोटे स्टेप्स आपको लॉन्गटर्म बचत और बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जा सकते हैं।

ध्यान रखें, यह जानना कि आपके पैसे कहाँ जा रहे हैं, मैनेजमेंट के लिए बहुत जरुरी है। यह स्टेप्स सीधे हैं पर यदि नियमित रूप से अपनाए जाएं, तो ये काफी पावरफुल हो सकते हैं। इन अभ्यासों को अपनाकर अपने फाइनेंशियल जीवन को बेहतर बनाने के लिए तैयार रहें और 2024 के लिए अच्छे से तैयारी करे। 

* यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है।

*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर