जब हमें बहुत सारे विकल्प मिलते हैं, तो सावधानी से सोच समझकर सामान खरीदना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। इसका मतलब है कि हमें क्वांटिटी की बजाय उत्तम चीजों को चुनना चाहिए और साथ ही ये भी ध्यान रखना चाहिए कि आपकी पसंद आपके मौलिक वैल्यूज के साथ मेल खा रही हो।
माइंडफुल शॉपिंग और हर खरीदारी को महत्वपूर्ण बनाने के 5 तरीके
किफायती की गणना
बिना सोचे-समझे महंगी खरीददारी से बचने का सबसे तेज और बेहतर तरीका है किफायती की गणना करना। उदाहरण के लिए, अगर कोई लक्ज़री चीज ₹20,000 की है और आपकी मासिक आय ₹80,000 है, तो समझो कि आपको इसे खरीदने के लिए 44 घंटे काम करना होगा। यह आसान गणना आपको यह महसूस कराएगी कि एक महंगी खरीद के लिए आपको कितनी मेहनत करनी पड़ेगी, जिससे आपको खरीद के दौरान सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
क्वांटिटी के बजाय क्वॉलिटी पर ध्यान दे
अपनी खरीदारी में क्वांटिटी की बजाय क्वॉलिटी को प्राथमिकता दे। सस्टेनेबल और अधिक समय तक चलने वाले प्रोडक्ट को चुनो, यह आपको बार-बार नए खरीद या रखरखाव खर्चों से बचाएंगे। यह सिद्धांत विभिन्न चीजों पर लागू होता है जैसे कि कपड़े, सामान, बर्तन आदि। यह अभी अधिक खर्च करने जैसा लग सकता है, लेकिन यह अच्छा है क्योंकि आपको इन्हें बार-बार नहीं खरीदना पड़ेगा।
महत्वपूर्ण चीजें कहां रखी हैं, इस पर ध्यान दें
जब आप सुपरमार्केट जाएँ, तो ध्यान दें कि महत्वपूर्ण चीज़ें कहाँ रखी हैं क्योंकि आपके रास्ते में जो फैंसी चीजें रखी होती हैं, उनके प्रलोभन में न पड़ें। याद रखें कि आपको क्या चाहिए और अतिरिक्त चीजें न खरीदें जिनकी आपको वास्तव में आवश्यकता नहीं है।

यह इमेज भारत के प्राइवेट कंजम्पशन को दर्शाती है। जून 1996 से जून 2023 तक GDP का प्रतिशत।
साइकोलॉजिकल प्ले
‘999/- रुपये में जीन्स खरीदें’ जैसी प्राइसिंग टेक्टिक्स से सावधान रहें। क्योंकि मार्केटर्स ग्राहकों को लुभाने के लिए हजार से कम कीमत रखकर उनके दिमाग के साथ खेलते है। इस साइकोलॉजिकल प्ले को समझें और इन रणनीतियों में न फँसें। ध्यान रखें, यह केवल एक रुपये का अंतर है, और मार्केटर्स आपके दिमाग से खेलने में माहिर होते हैं।
मजेदार तथ्य:
जोमैटो के संस्थापक, दीपिंदर गोयल, यह स्वीकार करते हैं कि उन्होंने उपभोक्ताओं के दिमाग से खेला है। ‘50% छूट, अधिकतम 80 रुपये तक’ जैसे ऑफर्स वास्तव में केवल 80 रुपये की छूट है, न कि ऑर्डर वैल्यू का 50%. इन ट्रिक्स से सतर्क रहो और सोच विचार कर फैसले ले।
विशेष ऑफर्स का मूल्यांकन
जब आप बिल काउंटर पर खास ऑफर्स देखते है, तो इनका ध्यानपूर्वक विश्लेषण करे। अगर ये आकर्षक डिस्काउंट आपको बिना किसी जरुरत के ज्यादा खर्च करने की ओर प्रेरित करते है तो उन खर्चो को करने से बचे। देखो कि क्या यह ऑफर सचमुच आपको पैसे बचाने में मदद कर सकता है या यह अनावश्यक खर्च करने को मजबूर कर रहा है।
निष्कर्ष
अभी, स्मार्ट और सोची-समझी खरीदारी की यात्रा शुरू करो। लक्ष्य बस चीजें खरीदना नहीं, बल्कि सावधानीपूर्वक चीज़ें चुनकर अपने जीवन को बेहतर बनाने का रखे। अपनी मेहनत की कमाई का समझदारी से इस्तेमाल करे, ताकि हर खरीद आपके जीवन को और भी संतुलित बना सके।
* यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर