कल्पना करें कि आप अपनी बेस्ट लाइफ जी रहे हैं। शेयर बाजार में अपने निवेश के फल का आनंद ले रहे हैं। आपने जोखिम को ध्यान में रखते हुए डायवर्सिफिकेशन के नियम का पालन किया है और आपका निवेश पोर्टफोलियो फल-फूल रहा है। जीवन अच्छा चल रहा है। 

लेकिन यहां एक निवेशक के रूप में आपके लिए एक सवाल है: क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि यदि वैश्विक बाजारों में एक अप्रत्याशित तूफान आ जाए, जिससे रातों-रात अराजकता और डर फैल जाए तो आपको कितना नुकसान हो सकता है? इसका जवाब आपको शायद ही पता होगा।

हालांकि, यदि आपको यही सवाल किसी फंड हाउस, बैंक या निवेश फर्म जैसे वित्तीय संस्थान से पूछना हो तो संभवतः उनके पास आपके लिए इसका सटीक उत्तर होगा। क्यों? क्योंकि वे आपके पैसे मैनेज करते हैं। वे ठीक-ठीक समझते हैं कि वे कितना जोखिम ले रहे हैं और यदि उनकी निवेश रणनीतियां गलत हो जाती हैं या अनिश्चितता की स्थिति आती है तो क्या संभावित नुकसान हो सकता है। आसान शब्दों में कहें तो वे हमेशा अपने सामने आने वाले जोखिम के मूल्य की गणना करते रहते हैं।

वो यह कैलकुलेशन कैसे करते हैं? खैर, वे ‘वैल्यू एट रिस्क’ या VaR नाम के फाइनेंशियल टूल्स का उपयोग करते हैं।

क्या होता है ‘वैल्यू एट रिस्क’?

वैल्यू एट रिस्क या VaR एक ऐसा टूल है जो निवेशकों, कंपनियों और फंड मैनेजर्स को यह पता लगाने में मदद करता है कि सबसे खराब स्थिति में वे कितना पैसा गवां सकते हैं।

अब, आप VaR का उपयोग क्यों करना चाहेंगे?

खैर, इसके पीछ कुछ कारण हैं। पहला कि यह आपके निवेश के सबसे खराब परिणाम को समझने में आपकी मदद करता है। दूसरा, यह आपको यह जांचने में मदद करता है कि क्या आपके पास उन संभावित नुकसानों को कवर करने के लिए पर्याप्त पैसा है। यदि नहीं, तो यह एक चेतावनी की तरह है कि आप बहुत ज्यादा जोखिम ले रहे हैं। इसकी मदद से हो सकता है कि आप समय से पहले अपने निवेश में विविधता लाना या उसका निपटान करना चाहें।

वैल्यू एट रिस्क का कैलकुलेशन

किसी निवेश के जोखिम मूल्य का कैलकुलेशन करते समय हम खुद से पूछते हैं: “एक विशेष अवधि में एक निश्चित स्तर के आत्मविश्वास को देखते हुए मैं अपने निवेश पर मैक्सिमम कितनी राशि गवां सकता हूं?”

हम जानते हैं कि हमने अभी-अभी कुछ नए शब्द सुने हैं, आइए उनका विश्लेषण करते हैं। 

टाइम हॉरिजोन

टाइम हॉरिजोन का मतलब भविष्य की ओर देखना है। यदि आपने किसी स्टॉक में 1,000 रुपये का निवेश किया है और जानना चाहते हैं कि अगले दिन या सप्ताह में आपको कितना नुकसान हो सकता है तो वह आपका टाइम हॉरिजोन है। यह वह भविष्य है जिसके बारे में आप अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

कॉन्फिडेंस लेवल

कॉन्फिडेंस लेवल का मतलब यह है कि आप कितना आश्वस्त रहना चाहते हैं। इसे आमतौर पर प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है, जैसे 95% या 99%। मान लीजिए कि आपने 95% आत्मविश्वास का स्तर चुना है, इसका मतलब है कि आप 95% आश्वस्त होना चाहते हैं कि आपका अनुमान सही है।

एसेट या पोर्टफोलियो

VaR को किसी सिंगल एसेट, एसेट के पोर्टफोलियो या यहां तक कि पूरे बिजनेस ऑपरेशन पर भी लागू किया जा सकता है। चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या आकलन करना चाहते हैं।

अब, आइए वैल्यू एट रिस्क (VaR) की गणना करने के तरीकों पर गौर करते हैं। 

हिस्टोरिकल मेथड

यह तरीका भविष्य का अनुमान लगाने के लिए अतीत को देखने जैसा है। मान लीजिए कि आपने किसी स्टॉक में 1,000 रुपये निवेश किया है। आप जानना चाहते हैं कि 95% आत्मविश्वास (कॉन्फिडेंस लेवल) के साथ आप अगले दिन (टाइम हॉरिजोन) कितना गवां सकते हैं। इस मेथड के अनुसार आप पिछले 100 दिनों को देखेंगे और उनमें से एक दिन सबसे खराब नुकसान 50 रुपये का था। तो 95% कॉन्फिडेंस लेवल पर एक दिन के लिए आपका VaR 50 रुपये होगा।

ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर आप 95% आश्वस्त हैं कि आपको एक दिन में 50 रुपये से ज्यादा का नुकसान नहीं होगा।

वेरिएंस- कोवेरिएंस मेथड

वेरिएंस- कोवेरिएंस मेथड में स्टॉक की अस्थिरता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइये समझते हैं कैसे।

इस मेथड में हम भविष्य का अनुमान लगाने के लिए गणित और स्टैटिस्टिक्स का उपयोग करते हैं। आपको दो चीजों का पता लगाना होगा: किसी निवेश का औसत रिटर्न और स्टॉक की अस्थिरता (स्टैंडर्ड डेविएशन)। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि कोई स्टॉक आम तौर पर औसतन 5% ऊपर जाता है और उसमें 10% की अस्थिरता होती है। उस स्थिति में आप इन नंबरों का उपयोग यह अनुमान लगाने के लिए कर सकते हैं कि यदि आपकी निवेश राशि 1,000 रुपये है तो एक निश्चित अवधि में आपको कितना नुकसान हो सकता है।

VaR के कैलकुलेशन का फॉर्मूला = [औसत रिटर्न – (जेड-स्कोर * अस्थिरता)] * निवेश राशि

ध्यान दें कि Z-स्कोर आपके चुने हुए आत्मविश्वास के स्तर से दर्शाता है। 95% आत्मविश्वास स्तर के लिए Z-स्कोर लगभग 1.96 होगा। 

यदि हम आपके पिछले उदाहरण की वैल्यू को लेते हैं तो:

औसत रिटर्न = 5%

95% आत्मविश्वास के लिए Z-स्कोर = 1.96

अस्थिरता = 10%

निवेश = 1,000 रुपये

यदि आप नंबर डालते हैं तो आपको −146 का VaR मिलेगा। इसका मतलब यह है कि यदि आपका निवेश विशेष समय सीमा के दौरान 10% अस्थिर है, तो आप 95% विश्वास स्तर के साथ लगभग 146 रुपये खोने का अनुमान लगा सकते हैं।

लेकिन, यदि अस्थिरता 30% हो जाती है तो आप जिस नुकसान का अनुमान लगा रहे हैं वह 146 रुपये से बढ़कर 537 रुपये हो जाएगा। यह हमें बताता है कि एसेट्स की अस्थिरता जितनी ज्यादा होगी, आपको उतना ज्यादा नुकसान देखने को मिल सकता है। 

हालांकि, अब आपको अपने डीमैट अकाउंट में हर एक स्टॉक के VaR के कैलकुलेशन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आप NSE और BSE की वेबसाइटों पर आसानी से VaR का पता लगा सकते हैं। यहां, VaR को दिन में छह बार अपडेट किया जाता है।

VaR मार्जिन निर्धारित करने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?

इक्विटी सेगमेंट में हर एक ट्रांजैक्शन में एक निश्चित स्तर की वित्तीय सुरक्षा शामिल होती है जिसे मार्जिन के रूप में जाना जाता है। यह क्लीयरिंग कॉरपोरेशन द्वारा ब्रोकर्स से उनके द्वारा एक्सेक्यूट किए गए ट्रेड के लिए एडवांस के रूप से कलेक्ट किया जाता है। यह पैसा सुनिश्चित करता है कि आपके पास अपने ट्रेडिंग से संभावित नुकसान को कवर करने का साधन है।

मार्जिन आवश्यकताओं में आमतौर पर VaR (वैल्यू एट रिस्क) और ELM (एक्सट्रीम लॉस मार्जिन) शामिल होते हैं।

हालांकि हम पहले VaR पर चर्चा कर चुके हैं, आइए अब ELM के बारे में थोड़ा गहराई से जानते हैं। 

ELM या एक्सट्रीम लॉस मार्जिन VaR का पूरा करने वाला एक एडिशनल मार्जिन है। इसे संभावित नुकसान के लिए कवरेज प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है जो कि VaR मॉडल द्वारा शुरू में की गई भविष्यवाणी से ज्यादा हो सकता है। ELM एक फिक्स सप्लीमेंट्री मार्जिन का प्रतिनिधित्व करता है जो VaR के साथ लगाया जाता है। इन दोनों मार्जिन की गणना व्यापार की वैल्यू के आधार पर की जाती है और उस व्यापार की टोटल वैल्यू को प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाती है।

निष्कर्ष

कई कंपनियां कई तरीकों से VaR का उपयोग करती हैं। उदाहरण के लिए VaR का उपयोग क्लीयरिंग कॉरपोरेशन द्वारा कलेक्ट किए जाने वाले मार्जिन को समझने के लिए किया जाता है, जबकि फंड मैनेजर जोखिम के स्तर का विश्लेषण और मैनेजमेंट करने के लिए VaR का उपयोग करते हैं। निवेशक भी निवेश के फैसले लेते समय VaR डेटा का उपयोग कर सकते हैं।

नोट: यह आर्टिकल मूल रूप से तेजी मंदी द्वारा ET मार्केट के लिए लिखा गया था।

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*आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है।

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