2023 की शुरुआत में, स्टॉक मार्केट डाउनट्रेंड में मूव कर रहा था, लेकिन मार्च के बाद से एक बड़ा अपट्रेंड देखने को मिला और अभी 2024 में एक कदम बढ़ाने से पहले, चलो देखते हैं कि 2023 निवेशकों के लिए कैसा गुजरा और क्या-क्या बदलाव हुए। 

साल 2023 स्टॉक मार्केट के लिए काफी अच्छा साबित हुआ है। निफ्टी50 और सेंसेक्स जैसे इंडेक्स ने दिसंबर में नए हाई को छुआ। अगर हम पिछले कुछ समय में मार्केट को देखें, तो यह कुछ कम नहीं था बल्कि एक एक्शन-पैक्ड गेम जैसा था। 

इसलिए हमने इस आर्टिकल में बताया है कि 2023 के प्रत्येक महीने में क्या-क्या हुआ। 

तो चलिए समझते है!

जनवरी 2023 – अडानी हिंडनबर्ग मामला

जनवरी के अंत में, अडानी हिंडनबर्ग का मामला सामने आया, जिसमें US की शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने 413 पेज की एक रिपोर्ट जारी की। जिसमें बताया गया था कि अडानी ग्रुप अपने स्टॉक कीमतों को बढ़ाने के लिए शैल कंपनियों का उपयोग करता है। जिसके बाद अडानी के सभी शेयर्स में भारी गिरावट देखने को मिली। 

वह रिपोर्ट तभी रिलीज़ हुई थी जब अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लोगों के लिए खुलने वाला था। फिर, अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर कीमत में तेजी से कमी होने के बाद, FPO को रद्द कर दिया गया और निवेशकों को उनका पैसा वापस कर दिया गया।

फरवरी 2023 – केंद्रीय बजट

1 फरवरी 2023 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट पेश किया। जिसमें टैक्स को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। बजट में एक ध्यान आकर्षित घोषणा थी कि उन निवेशकों को सालाना आय रुपए 7 लाख तक कमाने वालों को टैक्स छूट मिलेगी। पूंजी व्यय को भी 33% बढ़ाकर रुपए 10 लाख करोड़ तक किया गया। इसके अलावा, बजट ने रेलवे, ग्रीन एनर्जी परिवर्तन, और शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया।

मार्च 2023 – सिलिकॉन वैली बैंक का पतन

इस दौरान अमेरिकी बैंक संकट से गुजर रहे थे, जिसका कारण था ब्याज दरों में वृद्धि। इसके साथ ही सिलिकॉन वैली बैंक का पतन हो गया क्योंकि इस बैंक ने अपना पैसा बांड्स में निवेश किया था और ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी से बांड्स की कीमत में गिरावट आयी और बैंक को 21 बिलियन डॉलर के नुकसान के साथ अपने बांड्स को बेचना पड़ा। परिणामस्वरूप, जमाकर्ताओं ने अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया और धन की कमी के कारण बैंक विफल हो गया।

अप्रैल 2023 – डब्बा ट्रेडिंग

अप्रैल 2023 में, सेबी ने डब्बा ट्रेडिंग की प्रैक्टिस में शामिल निवेशकों को सावधान किया और उन्हें सुनिश्चित रिटर्न प्रदान करने वाली योजना के झांसे में न आने की चेतावनी दी। ‘डब्बा ट्रेडिंग’ एक ऐसा गैरकानूनी तरीका है जिसमें ऑपरेटर एक्सचेंज प्लेटफार्म के बाहर इक्विटी में ट्रेड करने की अनुमति देते है। NSE ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि डब्बा ट्रेडिंग गैरकानूनी है।

मई 2023 – सेबी का म्यूच्यूअल फंड्स के लिए प्रस्ताव

मई माह में, भारतीय सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) ने एक प्रस्ताव दिया कि सभी म्यूच्यूअल फंड स्कीम्स के लिए एक समान कुल खर्च अनुपात (Total Expense Ratio) लागू किया जाए, हालंकि इसका असर म्यूच्यूअल फंड कंपनियों की आय पर देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों से एक्सपेंस रेशियो के अलावा चार अतिरिक्त खर्च भी चार्ज किए जाते हैं।

जून 2023 – RBI फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट

जून 2023 में RBI ने अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट दी। उसमें बताया गया कि ग्लोबल इकॉनमी के बैंकिंग सिस्टम में गड़बड़ी, जिओपॉलिटिकल तनाव, और बढ़ी हुई महंगाई के कारण कुछ समस्याएं हैं। लेकिन रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था ठीक है क्योंकि यह अच्छी डोमेस्टिक डिमांड और मजबूत बैंक बैलेंसशीट के कारण मजबूत है, साथ ही विदेशी मुद्रा रिजर्व बढ़ रहे हैं और करंट अकाउंट डिफिसिट (CAD) में कमी हो रही है।

जुलाई 2023 – भारत के चावल एक्सपोर्ट पर बैन

हमारा भारत दुनिया की 40% चावल की मांग को पूरा करता है और 140 देश भारत के चावल आयात पर निर्भर है लेकिन 20 जुलाई 2023 को कुछ ऐसा हुआ कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर तत्काल रूप से बैन लगा दिया। दरअसल यह फैसला मानसून के दौरान बारिश में देरी के कारण लिया गया। जुलाई में टमाटर का संकट भी देखने को मिला जिसमें इसकी कीमत 150 से 200 रूपये तक पहुंच गयी थी।

इसके अलावा, 11 जुलाई 2023 को 50वीं GST काउंसिल की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग में दाँव लगाने पर इसकी फुल-फेस वैल्यू पर 28% टैक्स लगाने का फैसला लिया गया। 

अगस्त 2023 – कच्चे तक की कीमतों में बढ़ोत्तरी एंव BRICS में छः नए देश शामिल

अगस्त माह में कच्चे तेल की कीमत चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी थी क्योंकि सऊदी अरब और रूस ने तेल के उत्पादन में कटौती की और अरामको ने अरब लाइट क्रूड सेलिंग प्राइस 30 सेंट प्रति बैरल बढ़ा दी। 

अर्जेंटीना, ग्रीस, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE सहित छह नए देश BRICS एसोसिएशन में शामिल हुए है, जो 1 जनवरी, 2024 से प्रभावी होंगे।

सितंबर 2023 – भारत कनाडा तनाव

सितंबर 2023 में भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कमेंट्स ने अशांति को बढ़ाया, जिनमें उन्होंने एक कैनेडियन सिख स्वतंत्रता सेनानी के हत्या में भारत की भागीदारी का सुझाव दिया। इसके परिणामस्वरूप, कैनेडियन के लिए सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए भारत सरकार ने वीजा सेवाओं पर अस्थायी रूप से रोक लगाई।

अक्टूबर 2023 – इजराइल-हमास युद्ध

7 अक्टूबर 2023 को, फिलिस्तीनी ग्रुप हमास ने गाजा स्ट्रिप से इज़राइल पर एक योजना के साथ हमला किया था, जिसने इज़राइल को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, तेल की कीमतें अस्थायी रूप से बढ़ गईं और जिओपॉलिटिकल तनाव के कारण अनिश्चितता भी बढ़ गई। युद्ध आज तक पूरी तरह से रुका नहीं है, लेकिन तब से कम हो गया है।

नवंबर 2023 – बढ़े हुए जोखिम भार पर RBI का सर्कुलर

नवंबर माह में RBI ने कुछ बदलाव किए, जहां पहले बैंकों को 125% और NBFC को 100% रिस्क वेट मिलता था लेकिन RBI के कदम के बाद अब यह बैंको और NBFC दोनों के लिए 125% होगा। 

उधारकर्ताओं को असुरक्षित व्यक्तिगत ऋण देते समय बैंकों द्वारा अलग रखी जाने वाली पूंजी की मात्रा में वृद्धि करके, RBI इन श्रेणियों के ऋणों की वृद्धि को धीमा करना चाहता था क्योंकि वे तेजी से बढ़ रहे थे। क्योंकि इन ऋण की नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) में बदलने की संभावना अधिक है क्योंकि वह असुरक्षित हैं। 

दिसंबर 2023 – US Fed ने ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए

खुशियों भरे माहौल में साल को समाप्त करते हुए, US Fed ने 14 दिसम्बर को अपनी मीटिंग में फेड फंड्स रेट को 5.25-5.5% पर बरकरार रखा। इसके साथ ही, फेड ने कहा कि वह 2024 के अंत तक मीडियन रेट को 4.6% में देख रहा है, इससे सुझाव हो रहा है कि शायद 2024 के बाद के समय में 25 bps की तीन रेट कटौतियां हो सकती हैं।

इस कदम से दुनिया भर के इक्विटी निवेशकों में खुशी आई। इस घोषणा के बाद, सिर्फ इतना ही नहीं, दिसंबर में सेंसेक्स ने 71,000 के स्तर को भी तोड़ दिया है और निफ़्टी 21,000 से ऊपर ट्रेड कर रहा है। 

अभी के लिए सिर्फ इतना ही है उम्मीद है आपको ये जानकारी रोचक लगी होगी। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। 

*आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।

*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर