रिटायरमेंट के बाद आराम की जिंदगी, ये तो हर किसी का सपना होता है, मिलेनियल्स भी इससे अलग नहीं हैं। लेकिन रिटायरमेंट के लिए कितना पैसा बचाना और कहां निवेश करना चाहिए ये सवाल हर किसी के मन में आते है और सच कहें तो, रिटायरमेंट प्लानिंग किसी भी एक तरीके से नहीं की जा सकती, खासकर आज के जमाने के युवाओं के लिए!
आप 28 साल के हैं या 43, आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग दोनों के लिए अलग अलग होगी। असल में, आपको कितना पैसा जमा करना है ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अब तक कितना बचाया है, आप रिटायरमेंट के बाद कैसी जिंदगी जीना चाहते हैं।
चलिए, अब ये समझते हैं कि मिलेनियल्स को रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए कहाँ निवेश करना चाहिए, लेकिन आगे बढ़ने से पहलू कुछ फैक्ट पर चर्चा करते है।
क्या रिटायरमेंट के लिए तैयार है भारत?
मैक्स लाइफ इंश्योरेंस एक चिंताजनक रिपोर्ट IRIS 3.0 बताती है कि हर तीन में से एक शख्स को लगता है कि उनकी जमा पूंजी रिटायरमेंट के 5 साल के अंदर ही खत्म हो जाएगी। इतना ही नहीं, 40% लोगों ने अभी तक रिटायरमेंट के लिए कोई निवेश भी शुरू नहीं किया है। बहुत से लोग ये सोचते हैं कि उनके परिवार में पर्याप्त धन है या फिर बच्चे उनका ख्याल रखेंगे। लेकिन यही सोच रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ी रुकावट बनती है। दरअसल, 50 साल से ज्यादा उम्र के 90% लोगों को इस बात का मलाल है कि उन्होंने रिटायरमेंट के लिए बचत पहले शुरू नहीं की।
हालांकि, कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं। हर दो में से एक शख्स मानता है कि करियर की शुरुआत में ही लंबे समय के लिए बचत की योजना बना लेनी चाहिए। साथ ही, 38% लोगों का कहना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग 35 साल की उम्र से पहले ही शुरू कर देनी चाहिए।
अब बात करते हैं रिटायरमेंट के लिए निवेश के विकल्पों की। जीवन बीमा के बारे में तो 95% लोगों को जानकारी है और 75% लोग इसका फायदा भी उठाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के बारे में 64% लोगों को पता है, लेकिन सिर्फ 16% लोग ही इसमें निवेश करते हैं।
रिटायरमेंट की रेस में आगे हैं मिलेनियल्स!
अभी तक ये माना जाता रहा है कि रिटायरमेंट प्लानिंग के मामले में बुजुर्ग लोग ज्यादा समझदार होते हैं। लेकिन हालिया सर्वे में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं। एक सर्वे में पहली बार पाया गया है कि रिटायरमेंट की प्लानिंग के मामले में मिलेनियल्स यानी युवा पीढ़ी अन्य आयु वर्गों से आगे निकल गई है। 48 अंकों की रिटायरमेंट इंडेक्स के साथ, मिलेनियल्स ना सिर्फ रिटायरमेंट के लिए ज्यादा तैयार हैं, बल्कि फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स को समझने में भी अव्वल हैं।
दूसरे शब्दों में, रिटायरमेंट के लिए बचत और निवेश के मामले में युवा पीढ़ी ज्यादा जागरूक और आश्वस्त नजर आ रही है। दो तिहाई से भी ज्यादा मिलेनियल्स अपने मौजूदा बचत/निवेश को लेकर रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित महसूस करते हैं, जो कि अन्य आयु वर्गों की तुलना में काफी ज्यादा है।
यह बदलाव डिजिटल युग का असर भी हो सकता है, जिसने युवाओं को फाइनेंशियल जानकारी हासिल करना आसान बना दिया है।
रिटायरमेंट के लिए कितना बचाएं?
आपको रिटायरमेंट में कितना पैसा चाहिए, यह एक ऐसा सवाल है जो रिटायरमेंट की प्लानिंग के दौरान सबसे पहले दिमाग में आता है लेकिन इसका जवाब आसान नहीं है क्योंकि यह निर्भर करता है कि आप रिटायरमेंट के बाद कैसी लाइफस्टाइल चाहते हैं और किस उम्र में रिटायरमेंट होना चाहते है।
रिटायरमेंट तक आपकी कमाई का 15% बचाने से आप लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि हर एक के लिए इतना बचत करना संभव नहीं है।
लेकिन हर किसी के लिए ये फॉर्मूला सही नहीं बैठता। एक और सुझाव ये है कि आप इतना पैसा बचाएं और इन्वेस्ट करें कि रिटायरमेंट के बाद हर साल आपकी कमाई का कम से कम 80% मिलता रहे।
मिलेनियल्स के लिए स्मार्ट निवेश
ऐसा कहा जाता है कि निवेश और बचत जितनी जल्दी शुरु करे, भविष्य के लिए उतना ही बेहतर रहता है।
1) NPS
NPS के तहत, आप नियमित रूप से एक निश्चित राशि का निवेश कर सकते हैं। यह निवेश आपके रिटायरमेंट फंड में जमा होता रहता है। रिटायर होने के बाद, आपको इस फंड में से हर महीने एक नियमित पेंशन मिलती है।
NPS निवेश का एक सुरक्षित और अनुशासित तरीका है। यह आपको न सिर्फ रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आजादी दिलाता है, बल्कि भविष्य की चिंताओं को भी दूर करता है।
उदाहरण के लिए, अभी आप 25 वर्ष के है और आपने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की है, जिसके साथ ही रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अगले 35 सालो तक 5,000 रूपये NPS में निवेश करने कहा विचार करते है, तब आपके पास 9% ब्याज दर से करीब 1.5 करोड़ रुपये होगा।
2) PPF
अगर आप युवा हैं और अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो PPF आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। 15 साल की अवधि में, टैक्स-फ्री ब्याज के साथ 7.1% का रिटर्न, यह लॉन्गटर्म निवेश के लिए एक शानदार स्कीम है।
इसमें हर साल आप अधिकतम ₹1.5 लाख जमा कर सकते हैं और इसमें सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। भले ही जल्दी पैसा न मिले, पर 15 सालों में यह अच्छा रिटर्न देता है। साथ ही इसमें 5 साल के लॉक-इन पीरियड के बाद आप निवेश की अवधि बढ़ा सकते हैं या जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी भी कर सकते हैं। साथ ही 15 साल के बाद दोबारा अगले 15 साल के लिए निवेश भी कर सकते है।
उदाहरण के लिए, यदि आप 5,000 रुपये महीने यानि साल में 60,000 रुपये PPF में 30 साल तक निवेश करते है, तब 7.1% ब्याज दर से करीब 62 लाख रुपये होगा।
3) SIP निवेश
SIP यानि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान भविष्य की तैयारी के लिए एक बेहतरीन तरीका है। चाहे रिटायरमेंट हो या कोई और लक्ष्य, SIP हर किसी के लिए फायदेमंद है। SIP के तहत, आप नियमित अंतराल पर (हर सप्ताह, महीने या तिमाही) म्यूचुअल फंड, इक्विटी मार्केट आदि में एक निश्चित राशि निवेश कर सकते हैं और इसमें आपको एकमुश्त बड़ी रकम लगाने की भी जरूरत नहीं है।
पहले सिर्फ म्यूच्यूअल फंड में ही SIP के माध्यम से निवेश किया जा सकता है, लेकिन अभी विभिन्न स्टॉक ब्रोकर आपको SIP के माध्यम से इक्विटी आदि में निवेश करने की सुविधा देते है इसलिए अगर आप जोख़िम के साथ बेहतर रिटर्न की उम्मीद करते है तो आप SIP के जरिए हर महीने स्टॉक मार्केट में निवेश कर सकते है।
4) हेल्थ इंश्योरेंस
किसी के भी जीवन में अचानक कोई दुर्घटना या बीमारी कभी भी आ सकती है ऐसे में, अपनी बचत और निवेश को खर्च करने से बचाने के लिए पहले से प्लानिंग बहुत जरूरी है। हेल्थ इंश्योरेंस उसी प्लानिंग का एक अहम हिस्सा है यह सिर्फ रिटायरमेंट के बाद ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए भी उतना ही जरूरी है।
हेल्थ इंश्योरेंस होने से आप अप्रत्याशित मेडिकल खर्चों से सुरक्षित रहते हैं इलाज पर होने वाला खर्च बीमा कंपनी उठाती है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पर बोझ नहीं पड़ता है।
निष्कर्ष
रिटायरमेंट भले ही अभी दूर लगे, लेकिन उसकी तैयारी जल्दी शुरू कर देना ही समझदारी है। छोटी उम्र से ही सही निवेश करने से भविष्य में आराम की जिंदगी सुनिश्चित होती है। इस आर्टिकल में बताए गए विभिन्न विकल्पों को अपनी आर्थिक स्थिति और लक्ष्यों के हिसाब से चुनें और आज ही अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करें, याद रखें, जितनी जल्दी आप शुरू करेंगे, उतना ही ज्यादा फायदा होगा!
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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