1 जुलाई, 2024 को वस्तु एवं सेवा कर (GST) ने अपनी सातवीं वर्षगांठ मनाई। 2017 में शुरू किए गए, GST ने विभिन्न टैक्स को सिंगल इनडायरेक्ट टैक्स स्ट्रक्टर में एकीकृत करके और व्यापक प्रभाव को समाप्त करते हुए आर्थिक एकीकरण को बढ़ाकर भारत की टैक्स प्रणाली में क्रांति ला दी।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) की उपलब्धियां
1 जुलाई 2017 को शुरू हुआ, वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत के लिए एक बड़ा बदलाव था। इसने पहले के 17 अलग-अलग टैक्स और 13 उपकरों को मिलाकर 5 आसान श्रेणियों में टैक्स व्यवस्था को सरल बना दिया है।
कुछ बड़ी उपलब्धियां यह हैं:
- रजिस्टर्ड करदाताओं की कुल संख्या 2017 में 6.5 मिलियन से बढ़कर 2024 में 14.6 मिलियन हो गई है, जिससे टैक्स का दायरा बढ़ा है।
- GST से पहले, विभिन्न फॉर्म और चालान सहित कुल 495 सबमिशन थे, जिन्हें घटाकर 12 कर दिया गया है।
- आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर इनडायरेक्ट टैक्स में उल्लेखनीय कमी आई है।
- GST लागू होने के साथ इंटर स्टेट शुल्क और टैक्स के खत्म होने से राज्यों के बीच माल की मुक्त आवाजाही हुई है, जिससे परिवहन समय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और व्यापार करने की लागत में कमी आई है।

औसत मासिक कलेक्शन में लगातार वृद्धि GST के प्रति व्यापक समर्थन दर्शाती है।
टेक्नोलॉजी की रही प्रमुख भूमिका
GST की सफलता का एक बड़ा कारण टेक्नॉलॉजी है। टेक्नॉलॉजी की मदद से कंपनियों के लिए टैक्स भरना आसान हो गया है और सरकार टैक्स चोरी रोक पा रही है।
GST नेटवर्क (GSTN) पूरे GST सिस्टम की रीढ़ है। यह एक डिजिटल वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है, जहां दुकानदार रजिस्टर कर सकते हैं, टैक्स भर सकते हैं और सारे जरूरी काम कर सकते हैं। इस पूरे सिस्टम में किसी सरकारी कर्मचारी से मिलने की जरूरत नहीं होती है। इससे खासकर MSMEs को बहुत फायदा हुआ है। टेक्नोलॉजी की वजह से समस्याओं का जल्दी समाधान हो जाता है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम हो गई है।
GST की शुरुआत से अब तक के हाइलाइट्स
GST ने आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है और सरकारी टैक्स रेवेन्यू में वृद्धि की है। 2017-18 में कुल GST कलेक्शन 7.4 ट्रिलियन रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 20.2 ट्रिलियन रुपये हो गया।
FY 2022 से, GST ने कुल कलेक्शन में मजबूत ड्यूल डिजिट की वृद्धि दर देखी गयी है।
इसके अलावा, जैसा कि अपेक्षित था, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों ने प्रति व्यक्ति GST कलेक्शन सबसे अधिक दर्ज किया है।

GST कलेक्शन ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में स्वस्थ ड्यूल डिजिट की वृद्धि दर बनाए रखी है।
भविष्य की बातें
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, बिजली, भूमि और शराब जैसी सभी वस्तुओं को GST के अंतर्गत शामिल करके टैक्स आधार का विस्तार करना महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, व्यापक प्रभावों को कम करने के लिए कई छूटों की समीक्षा की जानी चाहिए। इससे वस्तुओं और सेवाओं के लिए टैक्स दरों की संख्या कम करके दरों को तर्कसंगत बनाने में मदद मिलेगी, जिससे मुकदमेबाजी कम होगी।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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