भारत का मीडिया और इंटरटेनमेंट क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, और इसमें स्ट्रीमिंग सर्विसेज (OTT प्लेटफॉर्म्स) की भूमिका सबसे अहम है। डिजिटल तकनीक, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच, और बदलती उपभोक्ता आदतों ने OTT प्लेटफॉर्म्स को भारत में इंटरटेनमेंट का प्रमुख साधन बना दिया है।
आइए भारत में स्ट्रीमिंग सर्विसेज के उदय, निवेशकों के लिए अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करें।
क्या है मामला?
भारत का डिजिटल वीडियो कंटेंट मार्केट 2024 में $19.30 बिलियन तक पहुँच चुका है और IMARC ग्रुप के अनुसार, यह 2033 तक $46.40 बिलियन के आँकड़े को छू सकता है। इस दौरान 9.20% की CAGR ग्रोथ देखने को मिल सकती है। साथ ही, OTT प्लेटफॉर्म्स, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो ऐप्स और डिजिटल एडवरटाइजिंग में तेजी से विस्तार हो रहा है।
इस तेज विकास के पीछे कई प्रमुख फैक्टर्स हैं – देश भर में बढ़ती स्मार्टफोन पहुँच, सस्ते डेटा प्लान्स, इंटरनेट की बेहतर उपलब्धता और क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट की बढ़ती डिमांड। साथ ही, OTT प्लेटफॉर्म्स का तेजी से विस्तार, AI-आधारित कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम में प्रगति, डिजिटल विज्ञापनों में वृद्धि, उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताएं और कंटेंट क्रिएशन में बढ़ते निवेश भी इस मार्केट के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये सभी फैक्टर्स मिलकर भारतीय डिजिटल वीडियो कंटेंट इंडस्ट्री को नए आयामों तक ले जा रहे हैं।
AI और टेक्नोलॉजी का प्रभाव
AI और मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी उपकरणों ने न केवल दर्शकों की पसंद को बेहतर ढंग से समझने में मदद की है, बल्कि कंटेंट क्रिएशन और डिस्ट्रीब्यूशन को भी गति दी है।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, AI की मदद से मीडिया और एंटरटेनमेंट क्षेत्र की अर्निंग में 10% तक की वृद्धि संभव है।
AI की मदद से प्लैटफॉर्म्स पर्सनल रेकमेंडेशन दे सकते हैं, जिससे दर्शक अधिक समय कंटेंट पर बिताते हैं। साथ ही, प्रोडक्शन प्रोसेस में वर्चुअल असिस्टेंट, स्क्रिप्ट जनरेशन और एडिटिंग को भी तेज़ी मिली है।
भारत का SVOD मार्केट
Q1 2025 तक भारत के सब्सक्रिप्शन वीडियो ऑन डिमांड (SVOD) मार्केट में जियो हॉटस्टार 26% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रही। यह स्थिति डिज़्नी+ हॉटस्टार और जियोसिनेमा के विलय के बाद सामने आई है।
जबकि अमेज़न प्राइम वीडियो 24% मार्केट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है, और नेटफ्लिक्स 17% हिस्सेदारी के साथ तीसरे पायदान पर बना हुआ है। एप्पल TV+ (12%) और ZEE5 (11%) भी महत्वपूर्ण प्लेयर हैं, साथ ही, सोनी LIV की हिस्सेदारी 3% है और अन्य छोटे प्लेटफॉर्म मिलकर बाकी बचे हिस्से पर कब्जा जमाए हुए हैं।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
OTT इंडस्ट्री की ग्रोथ इन्वेस्टर्स के लिए एक आकर्षक अवसर बन सकती है। IBEF रिपोर्ट के अनुसार, भारत में OTT सर्विसेज से जुड़ी पेड सब्सक्रिप्शन अर्निंग 2023 में US$ 0.88 बिलियन थी, जो 2026 तक US$ 1.2 बिलियन पर पहुंच सकती है।
AVoD (विज्ञापन-आधारित वीडियो ऑन डिमांड) मॉडल भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ब्रांड्स को बड़ा विज्ञापन मार्केट मिल रहा है। 2023 में AVoD रेवेन्यू US$ 2.63 बिलियन था, जबकि SVOD (सब्सक्रिप्शन वीडियो ऑन डिमांड) का हिस्सा US$ 1.19 बिलियन रहा।
साथ ही, मीडिया कंपनियों ने 2023 में 52% अधिक ऑनलाइन वीडियो कंटेंट पर निवेश किया, खासकर स्पोर्ट्स राइट्स में। इससे कंटेंट प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को भी मुनाफा हुआ।
भविष्य की बातें
आगामी वर्षों में भारत का OTT मार्केट और अधिक विस्तार करेगा। IBEF रिपोर्ट के अनुसार, 2027 तक OTT मार्केट का साइज US$ 7 बिलियन हो जाएगा। 2025 तक 600-650 मिलियन भारतीय यूज़र शॉर्ट-फॉर्म वीडियो देखेंगे, जिनमें प्रत्येक यूज़र औसतन 55-60 मिनट प्रतिदिन स्क्रीन पर बिताएंगे।
2029 तक OTT का यूज़र बेस 634.3 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, FY23 में डिजिटल मीडिया ने कुल मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का 28.2% हिस्सा हासिल किया था, जो कि कि FY26 तक इसके 31% तक पहुँचने का अनुमान है। इसके साथ ही AI, VR और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसे इनोवेशन इस सेक्टर को और भी इंटरएक्टिव बनाएंगे।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर