भारतीय ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) फिस्कल ईयर 2023-24 (Q4FY24) की जनवरी-मार्च तिमाही में 7.8% पर पहुंच गया, जो मजबूत विस्तार का प्रतीक है। विश्व बैंक की ‘ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत सबसे मजबूत इमर्जिंग मार्केट अर्थव्यवस्था में बने रहने का अनुमान है, हालांकि फिस्कल ईयर 2025 तक विकास दर 6.6% रहने की उम्मीद है।
क्या है मामला?
भारत FY 2023-24 में 8.2% की विकास दर हासिल कर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, जो 3.5 ट्रिलियन डॉलर के GDP माइलस्टोन को पार कर गया है और अपने महत्वाकांक्षी 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अच्छा प्रदर्शन किया और कोविड-19 मंदी के बाद ग्लोबल समकक्षों से बेहतर प्रदर्शन किया।
मुख्य ग्रोथ ट्राजेक्टोरी
ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) पिछले फिस्कल ईयर में 6.7% से बढ़कर 7.2% हो गया, जो मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग से संचालित है। व्यापार सुगमता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने वाले सरकारी सुधारों ने अनुकूल व्यापार वातावरण को बढ़ावा दिया है। निर्यात में तेजी आई, मई में उल्लेखनीय 9.1% की वृद्धि दर्ज की गई, जो मजबूत अंतरराष्ट्रीय डिमांड का संकेत है।
सेक्टोरियल इनसाइट
भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है क्योंकि इंडस्ट्रियल और सर्विसेज सेक्टर ने अच्छा प्रदर्शन किया है। बारिश ठीक से ना होने की वजह से खेती जरूर प्रभावित हुई है, जिसने कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था को थोड़ा धीमा कर दिया है। कृषि अभी भी रोजगार का एक बड़ा जरिया है, की वृद्धि दर 1.4% रही, जो महामारी से पहले के 4.4% के औसत से कम है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
भारत ग्लोबल आर्थिक परिदृश्य में अवसरों का केंद्र बना हुआ है, जिसमें पर्याप्त निवेश की संभावना है। व्यापार समर्थक नीतियां और उभरता हुए सेक्टर की पहल (AI, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी) निरंतर आर्थिक सुधार और उच्च विकास संभावनाओं का वादा करती हैं।
भविष्य की बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संशोधित अनुमान में FY25 के लिए 7.2% की विकास दर का अनुमान है, जो कि पहले के 7% के अनुमान से अधिक है। यह अनुमान मानसून के बेहतर रहने के आसारों के कारण ग्रामीण डिमांड में सुधार की आशा से प्रेरित है। मैन्युफैक्चरिंग इंडीकेटर्स, जैसे कि क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI), मजबूत डोमेस्टिक डिमांड और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं, जो भारत की आर्थिक स्थिति की मजबूती और विकास क्षमता की ओर इशारा करते हैं।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर