अंतरराष्ट्रीय फर्नीचर मार्केट में, दो देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं – भारत और चीन! ये दोनों दिग्गज ना सिर्फ अपने-अपने देश के फर्नीचर की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी भारी मात्रा में एक्सपोर्ट कर रहे है।
आइए, इस आर्टिकल में हम इन दोनों देशों के फर्नीचर इंडस्ट्री का गहन अवलोकन करें, और यह जानें कि कैसे भारत चीन से सीखकर न सिर्फ अपनी इंडस्ट्री को बल्कि ग्लोबल फर्नीचर इंडस्ट्री में भी अपना योगदान बढ़ा सकते है।
क्या है मामला?
ET के अनुसार, फर्नीचर की दुनिया में, चीन का सबसे बड़ा मार्केट है जो वर्ष 2023 में 540.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था और 2028 तक इसके 623.8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, ग्रोथ की रफ्तार भले ही धीमी हो, लेकिन चीन फर्नीचर इंडस्ट्री में लीडर बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, भारत 2023 में 90,000 करोड़ रुपये के मार्केट वैल्यू के साथ, 2028 तक 1,40,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जो 8% से अधिक की ग्रोथ को दर्शाता है।
भारतीय फर्नीचर इंडस्ट्री
इन्वेस्ट इंडिया के अनुसार, पिछले कुछ सालों में भारत फर्निचर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक्सपोर्ट की बात करें तो अप्रैल-जनवरी 2022-23 की अवधि में, 2013-14 के समान समय की तुलना में फर्निचर के निर्यात में 3 गुना वृद्धि हुई है।
साथ ही भारतीय फर्नीचर मार्केट की बात करें तो अनुमान है कि 2023-28 में इसके 10.9% की दर से बढ़ेगा और 2026 तक $32.7 बिलियन तक पहुंच जाएगा। ये आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि देश में फर्नीचर की डिमांड लगातार बढ़ रही है।
चीनी फर्नीचर इंडस्ट्री
स्टेटिस्टा के अनुसार, चीन का फर्नीचर मार्केट दुनिया में सबसे बड़े मार्केट्स में से एक है, और यह लगातार ग्रोथ कर रहा है। 2024 में, चीनी फर्नीचर इंडस्ट्री का रेवेन्यू US$87.85 बिलियन था, और आने वाले सालों में भी इसके बढ़ने का अनुमान है। उम्मीद की जा रही है कि 2024 से 2029 के बीच, चीनी फर्नीचर मार्केट 8.63% की CAGR से बढ़ सकता है।
भारत चीन से क्या सीख सकता है?
भारतीय फर्नीचर इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन ग्लोबल दिग्गज बनने के लिए अभी काफी कुछ सीखने की जरूरत है। इस मामले में चीन से काफी कुछ प्रेरणा मिल सकती है। आइए देखते हैं कैसे:
ऑटोमेशन और रोबोटिक्स का इस्तेमाल: चीन ने अपने फर्निचर प्रोडक्शन में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन और रोबोटिक्स को अपनाया है। इससे प्रोडक्शन क्षमता बढ़ी है और साथ ही गुणवत्ता में भी निरंतरता आई है। भारत भी इसी रास्ते पर चलकर फर्निचर इंडस्ट्री में और भी आगे बढ़ सकता है।
बड़े पैमाने पर उत्पादन: ग्लोबल डिमांड को पूरा करने के लिए चीन ने बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाले कारखानों का निर्माण किया है। भारत भी यही रणनीति अपनाकर लागत घटा सकता है और ज्यादा से ज्यादा फर्नीचर दुनियाभर में एक्सपोर्ट कर सकता है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
भारतीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE और BSE) पर विभिन्न कंपनियां लिस्टेड है जो फर्नीचर इंडस्ट्री सेक्टर में काम करती है। इसलिए फर्नीचर इंडस्ट्री में निवेश की इच्छा रखने वाले निवेशक कंपनी की प्रोफिटेबिलिटी, बेहतर वैल्यूएशन, भविष्य की संभावनाओं आदि मेट्रिक्स के आधार पर सही कंपनी में निवेश का विकल्प चुन सकते है।
यहां आपको फर्नीचर इंडस्ट्री से संबधित स्टॉक्स के प्रदर्शन को समझनें में मदद मिलेगी:

भविष्य की बातें
भारतीय फर्नीचर इंडस्ट्री तेजी से विकास की ओर बढ़ रही है और साथ हे भविष्य में इसकी अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। IBEF के अनुसार, ग्लोबल फर्नीचर इंडस्ट्री 2021 से 2030 के बीच 6% की CAGR ग्रोथ से बढ़ रही है जो 2030 में 872.5 US मिलियन डॉलर का मार्केट होगा।
आज के लिए सिर्फ इतना ही। उम्मीद करते है कि यह आर्टिकल आपको रोचक लगा होगा, इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर