सोलर क्रांति! भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का बूम!

भारत में सोलर एनर्जी की बदौलत रिन्यूएबल एनर्जी ने रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है। जानिए कैसे सोलर एनर्जी देश को ग्रीन अर्थव्यवस्था की ओर ले जा रही है।
Share

भारत तेजी से ग्रीन भविष्य की ओर बढ़ रहा है, रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टालेशन में हो रही जबरदस्त बढ़ोत्तरी, खासकर सोलर एनर्जी में हुई प्रगति, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश सोलर एनर्जी को बहुत तेजी से अपना रहा है और सरकार ने भी विभिन्न योजनाओं के जरिए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

आइए जानते हैं कैसे सोलर एनर्जी की अगुवाई में बढ़ती हुई रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टालेशन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2070 तक नेट-जीरो एमिशन देश बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के करीब ले जा रही है।

क्या है मामला?

ET एनर्जी वर्ल्ड के अनुसार, भारत ने मार्च 2024 तक रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टालेशन के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। रायस्टेड एनर्जी की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे साल में कुल 18.5 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित की गई, जिसमें सिर्फ मार्च महीने में ही रिकॉर्ड 7.1 GW की वृद्धि देखी गई। इससे पहले मार्च 2022 में 3.5 GW का रिकॉर्ड बना था।

यह बढ़ोत्तरी मुख्य रूप से सोलर एनर्जी सेक्टर में हुई है। भारत सरकार के 2031-32 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

अभी कितनी दूर है 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य

फ़ोर्ब्स इंडिया के अनुसार, भारत तेजी से ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ा रहा है, ये तो सभी जानते हैं इसलिए रिन्यूएबल एनर्जी में लगातार ग्रोथ हो रही है, लेकिन अभी भी रास्ता तय करना वाकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश की बिजली उत्पादन में अभी भी कोयला, गैस और डीजल जैसे फॉसिल फ्यूल का ज्यादातर इस्तेमाल है।

2023 में कुल बिजली उत्पादन का 56% इन्हीं फॉसिल फ्यूल से आया था। हालांकि, सरकार 2032 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है। लेकिन इसे हासिल करने के लिए हर साल 30 GW क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।

रिन्यूएबल एनर्जी की ग्रोथ में सोलर पावर की भूमिका

IBEF के अनुसार, मार्च 2024 तक विभिन्न स्रोतों की कुल रिन्यूएबल एनर्जी स्थापित क्षमता देश में 190.57 GW तक पहुंच गई है, जिसमें से सिर्फ सोलर पावर की क्षमता ही 81.81 GW है। ये आंकड़े बताते हैं कि भारत अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर एनर्जी का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है।

रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में, 1 फरवरी को जारी अंतरिम बजट में रूफटॉप सोलर प्रोग्राम की घोषणा की गई थी। जिसके तहत प्रति माह 1 करोड़ परिवार को 300 यूनिट फ्री इलेक्ट्रिसिटी का प्रावधान है। इसके साथ ही हाल ही में SBI ने छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए लोन की सुविधा भी दी है और सिर्फ इतना ही नहीं, टाटा पावर सोलर सिस्टम्स लिमिटेड ने रूफटॉप फाइनेंसिंग के लिए इंडियन बैंक के साथ पार्टनरशिप की है।

निवेशकों के लिए क्या फायदा?

इसमें कोई शक नहीं है कि रिन्यूएबल एनर्जी भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर्स में से एक है और इसका असर हमें रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनियों पर भी देखने को मिला है। इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि पिछले एक साल में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की 15 से भी ज्यादा कंपनियों के स्टॉक्स में 100% से अधिक की ग्रोथ हुई है, जबकि कुछ कंपनियों ने तो 450 – 500% के भी रिटर्न दिए है।

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कुछ कंपनियों के पिछले एक साल का प्रदर्शन आप नीचे ग्राफ में देख सकते है:

रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक प्रदर्शन चार्ट

भविष्य की बातें

भारत दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा एनर्जी कंजम्पशन करने वाला देश है और अभी भारत ना सिर्फ अपनी देश की एनर्जी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रहा है, बल्कि पड़ोसी देशों की भी मदद कर रहा है। बांग्लादेश, नेपाल और भूटान को तो हम पहले से ही बिजली निर्यात कर रहे हैं, साथ ही म्यांमार को भी थोड़ी मात्रा में बिजली निर्यात की जाती है।

अब भारत भविष्य में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और श्रीलंका जैसे देशों को भी रिन्यूएबल एनर्जी का निर्यात करने की योजना है।

फिलहाल, भारत का लक्ष्य डोमेस्टिक क्षमता का विकास करना और साथ ही साथ अंतरराष्ट्रीय मार्केट में रिन्यूएबल पावर के व्यापार की संभावनाएं तलाशना है। आने वाले समय में ये दोनों पहलु मिलकर भारत को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाएंगे बल्कि ग्लोबल स्तर पर ग्रीन एनर्जी का अग्रणी देश भी बनाएंगे।

आज के लिए सिर्फ इतना ही। उम्मीद करते है कि यह आर्टिकल आपको रोचक लगा होगा, इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले।

*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Edge Subscription Fee
Min. Investment

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top