वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार आठवीं बार 01 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट 2025 पेश कर इतिहास रच दिया है। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण फाइनेंशियल बजट है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए अगले 5 वर्षों को ‘सबका विकास’ का अवसर बताया, जिसमें सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास शामिल है। बजट में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए दस प्रमुख क्षेत्रों में विकास के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। ‘विकसित भारत’ के सपने में शून्य गरीबी, 100% गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं, कुशल रोजगार, 70% महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और किसानों के माध्यम से भारत को दुनिया की फ़ूड बास्केट बनाना शामिल है।
आइए बजट 2025 के मुख्य पहलुओं, घोषणाओं और प्रमुख हाइलाइट्स पर विस्तार से गौर करें:
मुख्य हाइलाइट्स
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, FY26 के लिए फिस्कल डेफिसिट GDP के 4.4% पर रहने का अनुमान है।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि अगले सप्ताह नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा।
- डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए कोबाल्ट पाउडर, लिथियम बैटरी स्क्रैप, सीसा, जिंक और 12 अन्य खनिजों को टैक्स मुक्त किया है।
- फ्लैट LED पैनल्स पर कस्टम ड्यूटी 10% से बढ़कर 20% कर दी गयी है।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैरिफ दरों को सरल बनाते हुए 7 और दरें हटाईं है, अब केवल 8 दरें रहेंगी।
- राज्यों को इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹1.5 लाख करोड़ के ब्याज-मुक्त 50 वर्षीय ऋण की घोषणा की गई।
- 36 जीवनरक्षक दवाओं को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई, जिससे हेल्थकेयर सर्विसेज सस्ती और सुलभ होंगी।
कृषि: विकास का प्रथम इंजन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रथम इंजन बताते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। ‘पीएम धन धन्य कृषि योजना’ के तहत 100 कृषि-जिलों को विकसित किया जाएगा। उच्च उपज वाले बीजों के लिए एक राष्ट्रीय मिशन शुरू किया जाएगा, साथ ही राज्यों के साथ मिलकर सब्जियों और फलों के लिए एक व्यापक प्रोग्राम लॉन्च किया जाएगा। बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी, जो किसानों को नई दिशा देगा।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को शॉर्टटर्म ऋण सुविधा मिलती है, जिसकी सीमा अब ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है। यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए असम में 12.7 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला एक नया प्लांट स्थापित किया जाएगा।
MSME सेक्टर
MSME भारतीय अर्थव्यवस्था का दूसरा प्रमुख इंजन हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर को गति दे रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि देश में 5.7 करोड़ MSME हैं, जिनमें से 1 करोड़ से अधिक पंजीकृत हैं और ये भारत में मैन्युफैक्चरिंग का 36% योगदान देते हैं और देश के निर्यात का 45% हिस्सा रखते हैं। इनकी क्षमता बढ़ाने, तकनीकी एडवांसमेंट और पूंजी तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए MSME के निवेश और टर्नओवर की सीमा को क्रमशः 2.5 और 2 गुना बढ़ाया जाएगा।
क्रेडिट सुविधा को बेहतर बनाने के लिए क्रेडिट गारंटी कवर बढ़ाया जाएगा, जिसमें स्टार्ट-अप्स को भी शामिल किया जाएगा। स्टार्ट-अप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स के तहत अब तक ₹91,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। इसे और विस्तार देते हुए एक नया फंड ऑफ फंड्स बनाया जाएगा, जिसमें ₹10,000 करोड़ का अतिरिक्त योगदान होगा। साथ ही, 5 लाख महिला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उद्यमियों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी, जो उन्हें पहली बार व्यवसाय शुरू करने में सहायता प्रदान करेगी।
नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन: ‘मेक इन इंडिया’ को नई गति
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ‘मेक इन इंडिया’ को और मजबूती देने के लिए एक नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन की घोषणा की। यह मिशन छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को समर्थन देगा और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा। इसके तहत क्लीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें सौर सेल, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, मोटर, कंट्रोलर, पवन टरबाइन और ग्रिड-स्केल बैटरी जैसे प्रोडक्ट्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।
गिग वर्कर्स के लिए बड़ी राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गिग वर्कर्स के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब उन्हें ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण और बीमा सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे लगभग 1 करोड़ गिग वर्कर्स को लाभ मिलेगा। ई-श्रम पोर्टल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ है, जो पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाता है और उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच आसान करता है।
न्यूक्लियर एनर्जी मिशन: 2047 तक 100 GW का लक्ष्य
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के एनर्जी ट्रांजीशन के प्रयासों के लिए 2047 तक कम से कम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर एनर्जी विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, छोटे और मॉड्यूलर रिएक्टर्स के R&D के लिए ₹20,000 करोड़ के ऑउटले के साथ एक न्यूक्लियर एनर्जी मिशन शुरू किया जाएगा। 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी रूप से विकसित छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स को ऑपरेशनल बनाने का लक्ष्य है।
नया इनकम टैक्स बिल: अगले सप्ताह से होगा पेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि अगले सप्ताह नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं अगले सप्ताह नया इनकम टैक्स बिल लाने का प्रस्ताव करती हूं।” यह बिल टैक्स सिस्टम में सुधार और टैक्सपेयर्स के लिए सरलीकृत प्रक्रियाएं लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अब 12 लाख तक की आय पर कोई भी इनकम टैक्स नहीं लगेगा।
निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2025 ने भारत को विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत रोडमैप प्रस्तुत किया है। गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर केंद्रित यह बजट संतुलित विकास और सामाजिक समानता को बढ़ावा देता है। कृषि, MSME, मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में किए गए प्रावधान देश को आत्मनिर्भर बनाने और ग्लोबल मंच पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। साथ ही, नए इनकम टैक्स बिल और टैरिफ सरलीकरण जैसे उपाय आम नागरिकों और व्यवसायों को राहत प्रदान करेंगे।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर