भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: वर्तमान और भविष्य

How India’s Hospitality Industry is Evolving Post-Pandemic
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भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने पिछले दो दशकों में भारी वृद्धि देखी है, जो टूरिज्म और सर्विस सेक्टर में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। समृद्ध विरासत, मध्यम वर्ग की बढ़ती आय और बेहतर कनेक्टिविटी ने भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बना दिया है।

इस सेक्टर में होटल्स, रेस्तरां, ट्रैवल सर्विस ऑपरेटर्स, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों और ग्लोबल तथा राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए खानपान की बहुत सी सेवाएँ शामिल हैं। आइए चर्चा करें कि कोविड-19 महामारी के बाद इस सेक्टर ने किस तरह वापसी की और साथ ही इमर्जिंग ट्रेंड्स और अवसरों पर भी नज़र डालें।

मौजूदा मार्केट परिदृश्य

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, होटल इंडस्ट्री, ने 2022 में भारत की GDP में $40 बिलियन का योगदान दिया। यह आंकड़ा 2027 तक $68 बिलियन और 2047 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (WTTC) रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत की GDP में ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर का योगदान $199.6 बिलियन था। भारत का ट्रैवल मार्केट FY20 के $75 बिलियन से FY27 तक $125 बिलियन तक बढ़ने का अनुमान है।

डोमेस्टिक एयरलाइन सेगमेंट की वैल्यू FY20 में $20 बिलियन थी, जो FY27 तक दोगुना होने की उम्मीद है। होटल और टूरिज्म इंडस्ट्री में अप्रैल 2000 से मार्च 2024 तक कुल FDI फ्लो $17.2 बिलियन था, जो सभी श्रेणियों में कुल FDI फ्लो का 2.54% है।

टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री का GDP में योगदान लगातार बढ़ रहा है।

भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के ग्रोथ फैक्टर्स

सीज़नल डिमांड: JLL की होटल मोमेंटम इंडिया Q1 2024 रिपोर्ट के अनुसार, होटल इंडस्ट्री ने FY24 के अंत में यानी जनवरी से मार्च 2024 के बीच मजबूत डिमांड देखी।

आय में वृद्धि: मध्यम वर्ग के विस्तार का मतलब है कि अधिक लोग यात्रा और मनोरंजन पर खर्च कर रहे हैं, जिससे होटल, रिसॉर्ट्स और अन्य मनोरंजन गतिविधियों की डिमांड बढ़ रही है।

टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स: डिजिटलीकरण ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे लोगों के लिए होटल बुक करना, यात्रा योजनाएं बनाना और परिवहन की व्यवस्था करना आसान हो गया है। डोमेस्टिक ऑनलाइन एग्रीगेटर्स के बढ़ते प्रभाव के साथ-साथ Booking.com और Airbnb जैसी ग्लोबल कंपनियों के प्रवेश ने उपभोक्ताओं के हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज तक पहुंचने के तरीके को बदल दिया है।

बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर: कनेक्टिविटी में सुधार ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा दिया है। जुलाई 2024 तक, भारत में 157 ऑपरेशनल हवाई अड्डे थे, जिन्हें 2047 तक 350-400 तक बढ़ाने की योजना है।

डिजिटलीकरण ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को कैसे आकार दिया है?

कनेक्टिविटी में सुधार ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा दिया है। जुलाई 2024 तक, भारत में 157 सक्रिय हवाई अड्डे थे, और 2047 तक इस संख्या को 350-400 तक बढ़ाने की योजना है।

वर्ल्ड इकनोमिक फोरम की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इनिशिएटिव (2016-2025) के अनुसार, एविएशन, ट्रेवल और टूरिज्म में डिजिटल तकनीकें:

  • $305 बिलियन की वैल्यू हायर प्रोफिटेबिलिटी के माध्यम से जोड़ेंगी।
  • पारंपरिक प्लेयर्स से नए प्रतिस्पर्धियों की ओर $100 बिलियन का व्यापार स्थानांतरित करेंगी।
  • ग्राहकों और समाज के लिए $700 बिलियन के लाभ उत्पन्न करेंगी।

डिजिटाइजेशन का एक महत्वपूर्ण लाभ डेटा को हाइपर-पर्सनलाइज्ड सेवाओं के लिए उपयोग करने की क्षमता है। कंपनियां बिहेवियरल डेटा का विश्लेषण करके सेवाओं को अनुकूलित करती हैं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) समाधानों को एकीकृत करती हैं ताकि मेहमानों को सुगम अनुभव मिल सके। IoT होटल की सुरक्षा को भी बढ़ाता है और डेटा गोपनीयता चिंताओं का समाधान करता है।

हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाएं

हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख सरकारी योजनाएं निम्नलिखित हैं:

सरकार ने होटल्स, रेस्तरां और टूरिज्म परिसरों में 100% FDI की अनुमति दी है। जिससे बिना किसी दिक्कत के भारत में अंतरराष्ट्रीय होटल चैन के संचालन के लिए रास्ता खुल गया है।

सरकार ने 2022 में नेशनल टूरिज्म पॉलिसी भी लॉन्च की, जिसमें भारत को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियों और दिशानिर्देशों का प्रस्ताव है।

एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स स्कीम का उपयोग करके होटल इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए आयातित वस्तुओं पर शुल्क रियायत का लाभ ले सकते हैं।

2024-25 के बजट में, सरकार ने टूरिज्म के लिए 2,080 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो 2023-24 के संशोधित बजट अनुमान 1,294 करोड़ रुपये से अधिक है।

वॉचलिस्ट में जोड़ने के लिए स्टॉक्स

भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का भविष्य काफी उज्जवल है और यदि आप एक लॉन्गटर्म निवेशक हैं, तो हॉस्पिटैलिटी से संबंधित स्टॉक्स में निवेश करने का यह सही समय हो सकता है। यहां कुछ ट्रैवल और टूरिज्म स्टॉक्स दिए गए हैं जिन्हें आप अपनी वॉचलिस्ट में जोड़ सकते हैं:

कोविड-19 महामारी के अचानक झटके से इन शेयरों ने तेज़ी से वापसी की है।

भविष्य की बातें

एक्सिस सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अगले तीन वर्षों में 10.5% की CAGR से बढ़ने की संभावना है। यह वृद्धि प्रति वर्ष 8,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त डिमांड उत्पन्न करेगी। इस वृद्धि में 50% योगदान डोमेस्टिक यात्रियों का होगा, 30% विदेशी पर्यटकों का योगदान होगा और शेष 20% MICE सेगमेंट से आएगा।

बढ़ती आय, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटाइजेशन के साथ, भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री मजबूत विकास के लिए तैयार है, जो निवेशकों और शेयरहोल्डर्स के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

आज के लिए सिर्फ इतना ही है। उम्मीद करते है यह जानकारी आपको रोचक लगी होगी। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले।

*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
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