पब्लिक सेक्टर के बैंकिंग सेक्टर में एक ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। FY 2025-2026 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों ने भारतीय बैंकिंग सिस्टम की मजबूती को साबित कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में सरकारी बैंक्स ने मुनाफे के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह वृद्धि न केवल बैंकिंग ऑपरेशंस में सुधार को दर्शाती है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार का भी प्रमाण है।
सोमवार यानि फ़रवरी 09, 2026 को जैसे ही इन बैंक्स के वित्तीय नतीजे सामने आए, शेयर मार्केट के बैंकिंग इंडेक्स में जबरदस्त तेजी देखी गई। यह प्रदर्शन निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि पब्लिक सेक्टर बैंक (PSBs) अब पहले से कहीं अधिक कुशल और प्रॉफिटेबल बन गए हैं।
आइए इन नतीजों की गहराइयों और बैंकिंग सेक्टर की इस नई कामयाबी को विस्तार से समझते हैं।
क्या है मामला?
FY 2025-2026 की अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही पब्लिक सेक्टर के बैंक्स के लिए बेहद शानदार रही है। देश के सभी 12 सरकारी बैंक्स ने मिलकर 52,603 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यदि हम पिछले साल की इसी तिमाही यानी Q3 FY25 से तुलना करें, तो यह मुनाफा 44,473 करोड़ रुपये था। इसका मतलब है कि इस साल मुनाफे में 18% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है।
आंकड़ों में देखें तो बैंक्स के नेट प्रॉफिट में 8,130 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह सफलता मुख्य रूप से क्रेडिट ग्रोथ में वृद्धि और NPA में कमी के कारण मिली है। फाइनेंशियल सर्विसेज सचिव एम नागराजू ने भी इन नतीजों की सराहना करते हुए इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा माइलस्टोन बताया है।
SBI का ऐतिहासिक प्रदर्शन और एसेट क्वालिटी
पब्लिक सेक्टर बैंक्स की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ी भूमिका भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रही है। SBI ने इस तिमाही में 21,028 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट किया है, जो पिछले साल के 16,891 करोड़ रुपये के मुकाबले 24.5% अधिक है। यह SBI के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही प्रॉफिट है।
बैंक के शानदार प्रदर्शन की मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 9.04% की वृद्धि रही, क्योंकि यह 3.12% रहा, जबकि पिछले साल इसी समय में यह 3.15% था। सिर्फ इतना ही नहीं, Q3FY26 के लिए स्लिपेज रेश्यो 0.40 परसेंट पर बना रहा।
साथ ही, बैंक की क्रेडिट ग्रोथ YoY आधार पर 15.14% बढ़ी है। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक ने कमाल किया है। SBI का ग्रॉस NPA 1.73 से घटकर 1.57% पर आ गया है, जबकि नेट NPA 0.42% से गिरकर सिर्फ 0.39% के निचले स्तर पर है।
अन्य सरकारी बैंक्स का प्रदर्शन और सामूहिक प्रगति
SBI के अलावा अन्य सरकारी बैंक्स ने भी मुनाफे की इस रेस में बेहतरीन योगदान दिया है। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने ग्रोथ दर के मामले में सबको चौंकाते हुए 56% की वृद्धि के साथ 1,365 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने भी 32% की बढ़ोतरी के साथ 1,263 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया।
अन्य प्रमुख बैंक्स की बात करें तो बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 27%, केनरा बैंक ने 26%, और पंजाब एंड सिंध बैंक ने 19% की वृद्धि दर्ज की है। यूको बैंक के मुनाफे में 16% और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13% की बढ़त देखी गई। यदि हम मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर) की बात करें, तो सभी 12 सरकारी बैंक्स का कुल संचयी लाभ 1,46,277 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 13% अधिक है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
इन शानदार वित्तीय नतीजों का सीधा असर शेयर मार्केट पर पड़ा है। नतीजों की घोषणा के बाद निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 3.44 % से अधिक की तेजी आई और यह 9,193 के स्तर को पार कर गया। SBI का शेयर अकेला 7% से ज्यादा बढ़कर अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
मार्केट एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स अब इन बैंक्स पर काफी बुलिश नजर आ रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल ने SBI के लिए ‘Buy’ रेटिंग देते हुए 1,300 रुपये का टारगेट प्राइस सेट किया है। निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि सरकारी बैंक्स की क्रेडिट कॉस्ट कम हो रही है और उनका मार्जिन स्थिर बना हुआ है।
भविष्य की बातें
फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी एम. नागराजू का मानना है कि इस वित्त वर्ष में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल मुनाफा ₹2 लाख करोड़ से ऊपर जा सकता है। उनके अनुसार यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली बेहद मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि इस साल PSB की क्रेडिट ग्रोथ 12% है, जिसे उन्होंने बहुत अच्छी वृद्धि कहा। वहीं डिपॉजिट ग्रोथ 10% होने से बैंकों की आधारशिला और भी मजबूत मानी जा रही है।
नागराजू ने साफ कहा कि बैंक देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का सबसे बड़ा संकेत होते हैं, और फिलहाल भारतीय बैंक अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि RBI के सख्त और समझदार नियमन की वजह से बैंकिंग सेक्टर बाहरी आर्थिक दबावों से भी सुरक्षित बना हुआ है।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
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