वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट पेश करते हुए इनकम टैक्स में महत्वपूर्ण संशोधन पेश किए। मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत देते हुए, उन्होंने 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स-मुक्त करने की घोषणा की है। इसके अलावा, रेंट पर TDS की सीमा को 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया, जिससे छोटे करदाताओं पर बोझ कम होगा।
बजट 2025 में मुख्य टैक्स घोषणाएं
सरलीकृत TDS संरचना: TDS दरों और सीमाओं को स्पष्टता के लिए सरल बनाया जाएगा। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर टैक्स कटौती की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
गुड्स सेल्स पर TDS हटाया गया: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्ताव रखा कि यदि शिक्षा के लिए भुगतान किसी निर्दिष्ट वित्तीय संस्थान से लोन द्वारा किया जाता है, तो उस पर TDS हटा दिया जाएगा।
रेंट पर उच्च TDS सीमा: रेंट पर वार्षिक TDS छूट सीमा को 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे मामूली किराया आय प्राप्त करने वाले छोटे करदाताओं को लाभ होगा।
नए टैक्स स्लैब में संशोधन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने केंद्रीय बजट 2025 के भाषण में घोषणा की कि अब 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स-मुक्त होगी, जिससे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई टैक्स व्यवस्था मध्यम वर्ग के लिए सरल और अधिक लाभकारी बनाई गई है।
18 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्ति 70,000 रुपये बचाएंगे (देय टैक्स में 30% की कमी)।
25 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्तियों को 1.1 लाख रुपये की कर कटौती मिलेगी (टैक्स दायित्व में 25% की कमी)।
संशोधित इनकम टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं:

निष्कर्ष
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सरकार अगले सप्ताह एक नया इनकम टैक्स बिल पेश करेगी। प्रस्तावित बिल का उद्देश्य मौजूदा इनकम कानून को सरल, पारदर्शी और समझने में आसान बनाना है।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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