देश की अर्थव्यवस्था और फाइनेंशियल मार्केट को संभालने की बात करें, तो इसमें मॉनेटरी पॉलिसी अहम् भूमिका निभाती है और इसी पॉलिसी का एक अहम हिस्सा है ‘रेपो रेट’ (रिपर्चेज रेट)।
आपने शायद देखा होगा कि बैंकिंग और मॉनेटरी पॉलिसी से जुड़ी खबरों में अक्सर ‘रेपो रेट’ शब्द का जिक्र आता है। तो आखिर यह है क्या? आइए अब गहराई से समझते हैं कि रेपो रेट कैसे काम करता है और यह हमारी अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करता है!

निष्कर्ष
कुल मिलाकर, रेपो रेट एक ऐसा टूल है जिसका सीधा असर हमारी जेब और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यह ब्याज दरों, लोन की उपलब्धता और मार्केट में पैसों की सप्लाई प्रभावित करके अर्थव्यवस्था का संतुलन बनाए रखता है।
इसके अलावा, रेपो रेट का असर सिर्फ अर्थव्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि स्टॉक मार्केट में भी देखने को मिलता है इसलिए निवेशकों के लिए इसे समझना जरुरी हो जाता है।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर