भारत का अमीर और HNI (हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल) वर्ग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन आय बढ़ने का मतलब हमेशा वित्तीय तैयारी नहीं होता। यह विजुअल गाइड बताता है कि HNI आबादी और अरबपतियों की संपत्ति के मामले में भारत की ग्लोबल स्थिति क्या है। साथ ही, यह जानकारी देता है कि यह अमीर वर्ग कैसे सोचता है, बचत करता है, निवेश करता है और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कर्ज़ के पैटर्न से लेकर निवेश में डायवर्सिफिकेशन की दुविधा तक, आइए भारत के बदलते धन परिदृश्य को समझते हैं।

निष्कर्ष
भारत की अमीर आबादी बढ़ रही है, लेकिन कई लोग अभी भी वित्तीय योजना और निवेश में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कम बचत की आदत, रियल एस्टेट पर अत्यधिक निर्भरता और इक्विटी निवेश में झिझक प्रमुख मुद्दे हैं। हालांकि अधिकांश HNI बाहरी सलाह (सोशल इन्फ्लुएंसर्स सहित) लेते हैं, लेकिन दो-तिहाई को मिली सलाह से असंतोष है। जैसे-जैसे उनकी संपत्ति बढ़ रही है, अधिक समझदार और व्यक्तिगत वित्तीय निर्णय लेना और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर