भारत में गोल्ड ETF की यात्रा एक छोटे से निवेश विकल्प के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन जनवरी 2026 तक यह मुख्यधारा का निवेश साधन बन चुका है। रिकॉर्ड हाई गोल्ड प्राइस, इक्विटी फंड इनफ्लो में नरमी और गोल्ड ETF में निवेश इनफ्लो में 540% की सालाना उछाल के साथ गोल्ड ETF अब निवेश रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।
जनवरी 2026 भारत के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए एक निर्णायक महीना साबित हुआ। जहां इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो लगातार दूसरे महीने घटे, वहीं गोल्ड ETF में निवेश ने असाधारण उछाल दर्ज किया। रिकॉर्ड हाई गोल्ड की प्राइस और मार्केट की अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने गोल्ड को प्राथमिकता दी।

निष्कर्ष
भारत में गोल्ड ETF की यह बढ़त केवल एक शॉर्टटर्म लहर नहीं बल्कि निवेशकों की परिपक्वता का संकेत है। पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के महत्व को समझते हुए भारतीय निवेशक अब गोल्ड को केवल आभूषण के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक वित्तीय संपत्ति के रूप में देख रहे हैं। प्राइस में 70% की वार्षिक वृद्धि और नियामक संस्थाओं के सक्रिय सहयोग के साथ, गोल्ड ETF आने वाले समय में भारतीय वित्तीय मार्केट का एक अनिवार्य स्तंभ बना रह सकता है।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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