भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में, सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या थ्री-व्हीलर के लिए सब्सिडी को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम 2024 (EMPS 2024) को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
आइए इस आर्टिकल में गहराई से जानें कि EMPS 2024 स्कीम क्या है, इसके संशोधित लक्ष्य क्या हैं और इस क्षेत्र में निवेशकों के लिए क्या अवसर हैं।
क्या है मामला?
मिनिस्ट्री ऑफ़ हैवी इंडस्ट्रीज द्वारा 26 जुलाई 2024 को जारी स्टेटमेंट के अनुसार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम 2024 (EMPS 2024) को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब है कि आपके पास इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या थ्री-व्हीलर खरीदने पर सब्सिडी पाने का है।
इस स्कीम के तहत आप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर 10,000 रुपये तक, छोटे इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर 25,000 रुपये तक और बड़े इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर 50,000 रुपये तक की सब्सिडी पा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों को आम आदमी के लिए किफायती बनाना और देश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को बढ़ावा देना है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) 2024 क्या है?
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) 2024 सरकार द्वारा मार्च 2024 में शुरु की गई एक प्रमुख स्कीम है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और निर्माण को प्रोत्साहित किया जाता है, जिसे पुरानी FAME सब्सिडी स्कीम की जगह शुरु किया गया था। इस स्कीम का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है। इसके तहत उपभोक्ताओं को सब्सिडी और निर्माताओं को वित्तीय सहायता दी जाती है।
इसके साथ ही, पहले ये स्कीम अप्रैल से जुलाई तक के लिए शुरु की गयी थी और इसके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गया था। लेकिन अब इसे सितंबर 2024 तक आगे बढ़ा दिया गया है और बजट भी बढ़ाकर 778 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
भारत सरकार ने 2030 तक 30% वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा है। इस साथ ही, IBEF के अनुसार, अगर हम ग्लोबल EV इंडस्ट्री की बात करें तो 2023 में 255.54 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2033 तक लगभग 2,108.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का मार्केट होने की उम्मीद है, जो 2024 से 2033 के बीच 23.42% के CAGR से बढ़ रहा है।

भारतीय EV इंडस्ट्री 2022 से 2029 के बीच 66.52% की CAGR ग्रोथ से बढ़ने की उम्मीद है।
फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार, भारतीय EV इंडस्ट्री 2022 में 3.21 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2029 में 113.99 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
इसके अलावा, इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एथर एनर्जी, बजाज ऑटो, ओला इलेक्ट्रिक, हीरो मोटोकॉर्प, TVS और काइनेटिक ग्रीन उन कंपनियों में शामिल हैं जिन्हें EMPS सब्सिडी का दावा करने की मंजूरी मिली है।
भविष्य की बातें
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इस साल यानी FY25 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 1.5 लाख तक पहुँचने की उम्मीद है। इसके अलावा, दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता भी आसमान छू रही है। पिछले साल यानी FY24 में इनकी बिक्री 17,52,406 यूनिट्स तक पहुँच गई। ये आँकड़े बताते हैं कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य कितना उज्ज्वल है।
इसके साथ ही, EMPS 2024 स्कीम के तहत कुल 5,60,789 इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 5,00,080 इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन और 60,709 इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन शामिल हैं।
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*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
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