भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने हाल ही में फिनफ्लूएंसर्स (Finfluencers) पर नए नियम लागू करने की घोषणा की है। ये फिनफ्लूएंसर्स सोशल मीडिया पर वित्तीय सलाह और सुझाव देते हैं, जिससे निवेशकों के निर्णय प्रभावित होते हैं। सेबी के यह कदम इन फिनफ्लूएंसर्स की गतिविधियों को नियंत्रित करने और निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया हैं।
इस आर्टिकल में हम सेबी के नए नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और यह जानेंगे कि ये नियम निवेशकों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकते हैं।
फिनफ्लूएंसर्स की भूमिका
फिनफ्लूएंसर्स वे लोग होते हैं जो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वित्तीय सलाह और निवेश के सुझाव देते हैं। यह विभिन्न प्लेटफार्मों जैसे कि यूट्यूब, इंस्टाग्राम, और ट्विटर पर सक्रिय रहते हैं और अपने फॉलोवर्स को वित्तीय जानकारी प्रदान करते हैं। हालांकि, इनमें से कुछ फिनफ्लूएंसर्स की सलाह कई निवेशकों के लिए भारी नुकसान का कारण भी बनती है।
कोफ्लुएंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग स्पेस में BFSI सेक्टर की हिस्सेदारी लगभग 15.4% है। एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) की एक अलग रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट पर 79% यूजर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भरोसा करते हैं, जिनमें से 30% तो उन पर पूरा भरोसा करते हैं।
सेबी की कार्रवाई
30 जुलाई में राज्य सभा को दी गई जानकारी के अनुसार, सेबी ने 17 जुलाई तक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर बाजार से जुड़ी 8,890 गलत या गुमराह करने वाली पोस्ट्स को चिन्हित किया गया है। इन पोस्ट्स को फैलाने वाले अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सेबी ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, यूट्यूब जैसे बड़े प्लेटफॉर्म को नोटिस भी जारी किया है।
साथ ही, सेबी ने बिना रजिस्ट्रेशन के फाइनेंशियल सलाह देने वालों के साथ किसी भी तरह के सहयोग पर रोक लगा दी है। कई फेमस फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स पर सेबी की कार्रवाई हो चुकी है। इन पर ट्रेडिंग बैन के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स के लिए नियम
मई 2024 में जारी एक ड्राफ्ट सर्कुलर में, सेबी ने इन्वेस्टमेंट एडवाइजर (IA) को साल में दो बार अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स, पेज और चैनल की जानकारी देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, सेबी जल्द ही फाइनेंशियल फिनफ्लूएंसर्स पर नियम लागू करने जा रहा है। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने 30 जुलाई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “हमने हाल ही में एक नियमन तैयार किया है, जिसे हम जल्द ही इन फिनफ्लूएंसर्स के मुद्दों पर जारी करेंगे”।
अभी कोई भी रजिस्टर्ड कंपनी बिना लाइसेंस वाले फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर के साथ मिलकर शेयर बाजार की सलाह नहीं दे सकती है। सेबी ने ऐसे किसी भी तरह के लेन-देन, क्लाइंट रेफरल या आईटी सिस्टम इंटरैक्शन पर भी पाबंदी लगा दी है।
निवेशकों के लिए लाभ
सेबी के यह कदम निवेशकों के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं। सबसे पहले इस कदम से फिनफ्लूएंसर्स की वित्तीय सलाह की पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे निवेशकों को सही और सटीक जानकारी प्राप्त होगी। दूसरा, ये कि फिनफ्लूएंसर्स कोई भी गलत सलाह नहीं देंगे, क्योंकि अपनी सलाह के लिए वह जवाबदेह होंगे। यह निवेशकों को गलत और भ्रामक जानकारी से बचाने में मदद करेगा और पूर्ण रिसर्च के बाद ही निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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