ई-स्कूटर्स और ई-रिक्शा को मिली नई सब्सिडी डेडलाइन, जानें बदलाव!

ई-स्कूटर्स और ई-रिक्शा को मिली नई सब्सिडी डेडलाइन, जानें बदलाव!
Share

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार पॉलिसी स्तर पर बदलाव कर रही है। हाल ही में सरकार ने PM e-DRIVE स्कीम में संशोधन करते हुए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के लिए नई समयसीमा और इंसेंटिव लिमिट तय की है। यह कदम देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) अपनाने की गति को बनाए रखने और सब्सिडी को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

साथ ही, EV इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है, जहां FY26 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में TVS मोटर ने ओला इलेक्ट्रिक को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह संकेत देता है कि EV सेक्टर अब शुरुआती ग्रोथ फेज से आगे बढ़कर अधिक प्रतिस्पर्धी और संरचनात्मक रूप से मजबूत हो रहा है।

क्या है मामला?

सरकार ने PM e-DRIVE स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के लिए इंसेंटिव प्राप्त करने की नई डेडलाइन तय की है। संशोधित नियमों के अनुसार, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स 31 जुलाई 2026 तक और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (e-rickshaw, e-cart) 31 मार्च 2028 तक इंसेंटिव के लिए पात्र होंगे।

इस स्कीम का कुल आउटले ₹10,900 करोड़ है और यह फंड लिमिटेड स्कीम है, यानी यदि निर्धारित बजट पहले समाप्त हो जाता है, तो स्कीम तय समय से पहले भी बंद हो सकती है। नई गाइडलाइन्स के अनुसार, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए इंसेंटिव प्राप्त करने हेतु अधिकतम ex-factory प्राइस ₹1.5 लाख निर्धारित की गई है, जबकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के लिए यह सीमा ₹2.5 लाख रखी गई है।

इसके अलावा, स्कीम के तहत अधिकतम 24,79,120 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और 39,034 e-rickshaw व e-cart को सपोर्ट करने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सब्सिडी वितरण को अधिक व्यवस्थित और लक्ष्य आधारित बनाना है।

EV टू-व्हीलर मार्केट में बदलता प्रतिस्पर्धी परिदृश्य

FY26 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। डेटा के अनुसार, TVS मोटर ने लगभग 3,30,145 यूनिट्स की बिक्री के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि बजाज ऑटो ने लगभग 2,76,518 यूनिट्स और एथर एनर्जी ने लगभग 2,29,565 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।

पूरे वित्त वर्ष FY26 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट का साइज लगभग 13.5 लाख यूनिट्स रहा, जो पिछले वर्ष के लगभग 11 लाख यूनिट्स की तुलना में करीब 17.3% YoY ग्रोथ को दर्शाता है। दूसरी ओर, ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री लगभग 1,60,558 यूनिट्स रही, जिससे कंपनी की रैंकिंग नीचे आई है।

इसके साथ ही, मार्च 2026 में कुल 1,39,238 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए, जो यह दर्शाता है कि सब्सिडी डेडलाइन के कारण डिमांड में तेजी आई।

पॉलिसी बदलाव का EV एडॉप्शन पर प्रभाव

PM e-DRIVE स्कीम में बदलाव यह दर्शाता है कि सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को चरणबद्ध तरीके से बढ़ावा दे रही है। स्कीम का फंड लिमिटेड होना यह संकेत देता है कि सब्सिडी का लाभ ‘पहले आओ, पहले पाओ’ आधार पर मिलेगा।

सरकार का फोकस केवल सब्सिडी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि EV इकोसिस्टम को मजबूत बनाना भी है, जिससे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स की स्वीकार्यता बढ़ सके। मार्केट डेटा दिखाता है कि FY26 में 17% से अधिक की वृद्धि के साथ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में कंज्यूमर इंटरेस्ट लगातार बढ़ रहा है।

यह संकेत देता है कि EV सेक्टर अब केवल पॉलिसी सपोर्ट पर निर्भर नहीं है, बल्कि डिमांड और इंडस्ट्री डेवलपमेंट भी ग्रोथ को सपोर्ट कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए इसमें क्या है?

यह स्कीम संशोधन और मार्केट का नेतृत्व परिवर्तन निवेशकों के लिए साफ संकेत देता है। TVS, बाजाज और एथर जैसी कंपनियां स्कीम के विस्तारित समय से डिमांड बढ़ने का लाभ उठा सकती हैं। लीगेसी प्लेयर्स की मजबूत एक्जीक्यूशन और सप्लाई चेन कंट्रोल उन्हें मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। स्कीम का फंड-लिमिटेड स्वभाव (Disposition Effect) निवेशकों को याद दिलाता है कि सब्सिडी का लाभ समय-सीमित है, इसलिए जल्दी अपनाने वाली कंपनियां आगे रहेंगी।

निवेशक ऐसे प्लेयर्स पर ध्यान दें जहां ट्रस्ट शेयर और सर्विस नेटवर्क मजबूत हो, क्योंकि उपभोक्ता अब प्रयोग से आगे बढ़कर विश्वसनीय परिवार मोबिलिटी की ओर जा रहे हैं। यह स्थिति स्थिर कैश फ्लो और लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावना पैदा करती है।

भविष्य की बातें

PM e-DRIVE स्कीम में किया गया संशोधन यह संकेत देता है कि भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को धीरे-धीरे मुख्यधारा का हिस्सा बना रहा है। सरकार का फोकस अब केवल शॉर्ट टर्म सपोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर EV इकोसिस्टम तैयार करने पर है, जिससे इंडस्ट्री स्थिर और सस्टेनेबल तरीके से विकसित हो सके।

भारत का EV सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इसका हिस्सा बढ़ने की मजबूत संभावना दिखाई देती है। 2030 तक EV-फर्स्ट नेशन बनने के लक्ष्य के साथ, सरकार इंसेंटिव और सब्सिडी के माध्यम से क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है, जिससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की पहुंच अधिक उपभोक्ताओं तक बढ़ रही है।

ICRA के अनुसार, 2030 तक EV इकोसिस्टम में तेज विस्तार की संभावना है, जो इस सेक्टर को लॉन्ग टर्म ग्रोथ थीम बना सकता है। पॉलिसी सपोर्ट, बेहतर टेक्नोलॉजी और बढ़ती स्वीकार्यता के साथ EV इंडस्ट्री भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल एजुकेशनल और इंफॉर्मेशनल उद्देश्य के लिए है और यह इन्वेस्टमेंट एडवाइस या किसी भी सिक्योरिटीज को खरीदने या बेचने की रिकमेंडेशन नहीं है। यहाँ जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें मार्केट डेवलपमेंट्स के संदर्भ में केवल उदाहरण के रूप में बताया गया है। इन्वेस्टर्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी इन्वेस्टमेंट डिसीजन लेने से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें और अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श करें।

सिक्योरिटीज मार्केट में किए गए इन्वेस्टमेंट मार्केट जोखिम के अधीन होते हैं। इन्वेस्ट करने से पहले सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स को ध्यानपूर्वक से पढ़ें।

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Options Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets. Subscription Fee ₹399/month* for 6 Months
Call TypeTrade Type

Teji Mandi Xpress Options

₹399/month* for 6 Months

Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets.

Strategy Type

Options Trading

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top