भारत में एग्रीटेक क्रांति – कृषि का भविष्य

भारत में एग्रीटेक क्रांति - कृषि का भविष्य
Share

भारतीय कृषि, जो देश की अर्थव्यवस्था का आधार रही है, अब एक नए युग की ओर बढ़ रही है। यह नया युग है एग्री-टेक का, जो टेक्नोलॉजी के माध्यम से खेती को अधिक उत्पादक, सस्टेनेबल और लाभकारी बना रहा है। भारत की ग्रामीण आबादी का 70% से ज्यादा आबादी आज भी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, लेकिन चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं, जलवायु परिवर्तन, साक्षरता की कमी, कम उत्पादकता आदि। ऐसे में, एग्री-टेक स्टार्टअप्स भारतीय कृषि को बदलने के लिए आगे आ रहे हैं।

इस आर्टिकल में हम भारतीय एग्री-टेक क्रांति की वर्तमान स्थिति, इसके प्रभाव, और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

भारत में एग्रीटेक इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति

भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली कृषि इंडस्ट्री, देश के GDP में लगभग 16.5% का योगदान देती है। 2022 में भारतीय कृषि मार्केट की वैल्यू 435.9 बिलियन डॉलर थी, जो 2028 तक 580.82 बिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें 4.9% की CAGR होगी।

एग्रीटेक मार्केट की बात करें तो एवेंडस रिपोर्ट (Avendus report) के अनुसार, 2022 में US$ 4 बिलियन से बढ़कर 2027 तक US$ 34 बिलियन तक पहुँच सकता है, यानी लगभग 8 गुना वृद्धि। खास बात यह है कि केवल फूड क्रॉप सेगमेंट की वैल्यू ही US$ 3 बिलियन से बढ़कर 2027 तक US$ 25 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है। इसके साथ ही फाइबर फसलें, पशुपालन, डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्र भी तेज़ी से बढ़ने वाले हैं।

इसके साथ ही, देश में 2022 तक 450 से अधिक एग्रीटेक स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या हर साल 25% की दर से बढ़ रही है। भारत के एग्रीटेक सेक्टर का अवसर 24 बिलियन US डॉलर का है, लेकिन मार्केट पेनिट्रेशन 1% से भी कम है। यह अंतर दिखाता है कि नए स्टार्टअप्स के लिए अपार संभावनाएं हैं, साथ ही मौजूदा स्टार्टअप्स के लिए भी व्यापार विस्तार के बड़े अवसर उपलब्ध हैं।

एग्रीटेक स्टार्टअप्स का कृषि में योगदान

भारत के एग्रीटेक स्टार्टअप्स खेती की परंपरागत सोच को बदल रहे हैं। इनका योगदान किसानों के लिए क्रांतिकारी साबित हो रहा है:

प्रिसिशन फार्मिंग: ड्रोन, सेंसर और सैटेलाइट डेटा का उपयोग कर किसान अब जमीन, पानी और खाद का सही उपयोग कर रहे हैं, जिससे उपज बढ़ रही है।

डिजिटल मंडियाँ: कई स्टार्टअप्स मोबाइल ऐप्स के जरिए किसानों को सीधे बाजार से जोड़ रहे हैं। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हो रही है और किसानों को बेहतर दाम मिल रहा है।

फसल स्वास्थ्य और मौसम की जानकारी: रीयल-टाइम अलर्ट और मौसम पूर्वानुमान से किसान सही समय पर निर्णय ले पा रहे हैं, जिससे नुकसान की संभावना घटती है।

क्रेडिट और बीमा की सुविधा: फिनटेक आधारित एग्रीटेक स्टार्टअप्स किसानों को आसान लोन और बीमा सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे वे जोखिम से सुरक्षित हो रहे हैं।

रिज़र्व और लॉजिस्टिक्स: स्टार्टअप्स आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, ट्रैकिंग और ट्रांसपोर्ट समाधान दे रहे हैं, जिससे फसल की बर्बादी कम हो रही है।

सरकार की भूमिका और नीतिगत समर्थन

सरकार एग्रीटेक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ लागू कर रही है।

e-NAM: एग्रीकल्चर मार्केट को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए अप्रैल 2016 में e-NAM (इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य APMCs को जोड़कर एक ‘वन नेशन वन मार्केट’ तैयार करना है, जिससे किसानों को बेहतर प्राइस, पारदर्शिता और अधिक व्यापारिक अवसर मिल सकें।

बजटीय समर्थन: 2025-26 के लिए भारत सरकार ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को ₹1,37,757 करोड़ आवंटित किए, जो कुल यूनियन बजट का 2.7% था, जिससे एग्रीटेक स्टार्टअप्स को प्रत्यक्ष लाभ मिल मिलेगा।

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान: ये पहल एग्रीटेक इनोवेशन को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे तकनीकी समाधान विकसित हो रहे हैं।

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन: सरकार ने 2 सितंबर 2024 को डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को मंजूरी दी है, जिसके लिए कुल ₹2,817 करोड़ का बजट तय किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹54.972 करोड़ की राशि आवंटित की गई है।

एग्रीटेक का बढ़ता प्रभाव, लेकिन चुनौतियाँ बरकरार

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार, भारत में एग्रीटेक स्टार्टअप्स की संख्या 2013 में जहाँ सिर्फ 43 थी, वहीं 2020 तक यह बढ़कर 1,000 से भी अधिक हो गई। इस तेज़ बढ़ोतरी के पीछे ग्रामीण भारत में इंटरनेट की बढ़ती पहुँच एक बड़ा कारण रही है।

AI, मशीन लर्निंग और IoT जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस ये स्टार्टअप्स अब भारतीय कृषि के भविष्य को नया आकार देने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, यह बदलाव आसान नहीं है। Ernst & Young की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में एग्रीटेक की बाजार पहुँच केवल 1% थी। भले ही महामारी के दौरान तकनीक का उपयोग तेज़ी से बढ़ा हो, फिर भी इसे ग्रामीण स्तर तक पूरी तरह पहुंचाने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।

निवेशकों के लिए इसमें क्या है?

एग्रीटेक सेक्टर निवेशकों के लिए बड़ा मौका है। भारत का एग्रीटेक मार्केट $24 बिलियन का है, लेकिन अभी 1% से कम उपयोग हुआ है। 2022 में एग्रीटेक स्टार्टअप्स ने $817 मिलियन जुटाए, जो तेज विकास दिखाता है।

सरकार की डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और e-NAM जैसी योजनाएँ तकनीकी समाधान को बढ़ावा दे रही हैं। हालांकि, एग्रीटेक में अधिकतम स्टार्टअप्स ही काम कर रहे है और फिलहाल कोई लिस्टेड प्लेयर्स नहीं है।

भविष्य की राह

McKinsey के अनुसार, भारतीय कृषि 2030 तक देश की GDP में लगभग US$ 600 बिलियन का योगदान दे सकती है, जो 2020 की तुलना में 50% अधिक होगा। इसके साथ ही, ‘सुपर ऐप्स’, ‘एग्री फिनटेक्स’ और बड़े टेक्नोलॉजी प्लेयर्स भारत के एग्रीटेक क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहे हैं।

दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2024 रिपोर्ट बताती है कि दुनिया की जनसंख्या 2080 के दशक तक 10.3 बिलियन तक पहुँच सकती है। ऐसे में भारत, जो पहले ही दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, ग्लोबल खाद्य सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इसके लिए जरूरी है कि सरकार, स्टार्टअप्स, और किसान मिलकर काम करें। डिजिटल साक्षरता बढ़ाने, तकनीक को सस्ता बनाने, और ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की जरूरत है।

*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Options Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets. Subscription Fee ₹399/month* for 6 Months
Call TypeTrade Type

Teji Mandi Xpress Options

₹399/month* for 6 Months

Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets.

Strategy Type

Options Trading

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top