हर साल 27 सितंबर को वर्ल्ड टूरिज्म डे मनाया जाता है जो हमें इस बात की याद दिलाता है कि टूरिज्म न केवल एक देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रस्तुत करता है, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अहम् भूमिका निभाता है। कोरोना महामारी के दौरान जब टूरिज्म गतिविधि बंद हो गई थी, तो हमने देखा कि इसका सीधा असर कई देशों की GDP पर पड़ा था।
निवेशकों के दृष्टिकोण से, भारत का टूरिज्म सेक्टर न केवल मौजूदा ट्रेंड के साथ आगे बढ़ रहा है, बल्कि भविष्य में और भी व्यापक संभावनाओं का वादा करता है। इस आर्टिकल में, हम भारत के टूरिज्म सेक्टर की वर्तमान स्थिति, विकास के मुख्य चालक, और निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
टूरिज्म सेक्टर का वर्तमान परिदृश्य
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने घोषणा की है कि आने वाले पांच वर्षों में भारत दुनिया के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। उन्होंने बताया कि इस तेजी से बढ़ते टूरिज्म सेक्टर का भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान वर्तमान 7.9% से बढ़कर 10% से अधिक होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, विश्व आर्थिक मंच के ट्रैवल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट इंडेक्स 2024 में भारत 39वें स्थान पर पहुंच गया है।
इतना ही नहीं, 23 जुलाई को FY24-25 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी केंद्रीय बजट में टूरिज्म सेक्टर को 2,479.62 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च आवंटित किया गया, जो FY2023-24 की तुलना में 3.3% अधिक है।
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की सफलता को ध्यान में रखते हुए विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर के विकास का प्रस्ताव रखा है। इन योजनाओं का उद्देश्य इन धार्मिक स्थलों को विश्व स्तरीय तीर्थ और पर्यटन केंद्रों में बदलना है।
भारत में विदेशी पर्यटकों की भूमिका
जून 2024 की मासिक टूरिज्म स्टेटिस्टिक्स रिपोर्ट के अनुसार, भारत की टूरिज्म इंडस्ट्री पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुई है। जून 2024 में भारत ने 7,06,045 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया, जो जून 2023 में 6,48,008 विदेशी पर्यटकों की तुलना में 9.0% अधिक है। इसके अलावा, 2024 के पहले छह महीनों में 47,78,374 विदेशी पर्यटकों ने विभिन्न स्थलों का दौरा किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 13.5% अधिक है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में टूरिज्म सेक्टर पुनर्जीवित हो रहा है और तेजी से बढ़ रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग्स (FEEs) 2024 के पहले छह महीनों में विदेशी पर्यटकों से 1,27,628 करोड़ रुपये रही है, जो कि 2023 की तुलना में 8% की वृद्धि को दर्शाता है।
ग्रामीण टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता
भारत में ग्रामीण टूरिज्म भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और यह आने वाले वर्षों में टूरिज्म का एक प्रमुख क्षेत्र बनने की ओर अग्रसर है। ग्रामीण टूरिज्म के अंतर्गत पर्यटक भारतीय गांवों की संस्कृति, परंपराओं, और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कर रहे हैं। राजस्थान का पुष्कर, केरल का कुमारकोम, मेघालय का मावलिननोंग, गुजरात का कच्छ, और उत्तराखंड का रानीखेत जैसे गांव इस क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
इनके अलावा, सिक्किम के युकसोम, पश्चिम बंगाल का शांतिनिकेतन, और महाराष्ट्र का वाई भी ग्रामीण पर्यटन के प्रमुख डेस्टिनेशन हैं। सरकार और स्थानीय समुदायों द्वारा इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल की शुरुआत की हैं, जिससे पर्यटकों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
भारतीय टूरिज्म सेक्टर में अग्रणी कंपनियां
भारतीय टूरिज्म सेक्टर में कई अग्रणी कंपनियां हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को बेहतरीन सेवाएं प्रदान करती हैं, जहां टूरिज्म सेक्टर में होटल्स, टूर पैकेज, टिकट बुकिंग आदि कंपनियां शामिल है। इनमें इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL), जो ताज होटल्स की पैरेंट कंपनी है, लग्जरी होटल इंडस्ट्री में सबसे आगे है। इसके साथ ही, महिंद्रा हॉलीडेज़ एंड रिसॉर्ट्स अपने टाइमशेयर वैकेशन प्लान्स के लिए प्रसिद्ध है, वहीं ओयो रूम्स किफायती होटल और होमस्टे की सुविधा प्रदान करती है। थॉमस कुक इंडिया और मेक माई ट्रिप जैसी कंपनियां टूर पैकेज, टिकट बुकिंग, और अन्य सुविधाएं प्रदान करती हैं। ये सभी कंपनियां भारतीय टूरिज्म सेक्टर की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही है।
आइए, भारतीय टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी कुछ कंपनियों के बीतें वर्षो में किए स्टॉक प्रदर्शन पर नजर डालते है:

यह टेबल भारत में प्रमुख टूरिज्म सेक्टर की कंपनियों के एक-वर्षीय और तीन-वर्षीय रिटर्न प्रतिशत को दर्शाती है।
भारतीय टूरिज्म सेक्टर का भविष्य
भारत का टूरिज्म सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि 2019 में इस इंडस्ट्री का GDP में योगदान 178 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो 2028 तक बढ़कर 512 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।
भारत की ट्रेवल मार्केट FY20 में अनुमानित 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर FY27 तक 125 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा, भारतीय एयरलाइन ट्रेवल मार्केट एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्टर और पासपोर्ट तक बढ़ती पहुंच में सुधार के कारण FY27 तक दोगुना होने का अनुमान है।
इतना ही नहीं, अनुमान लगाया गया है कि भारतीय टूरिज्म पर हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री 2028 तक 59 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का रेवेन्यू कर सकते है। इसके अलावा, विदेशी पर्यटकों की संख्या 2028 तक 30.5 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इसलिए यह तेजी से बढ़ता सेक्टर न केवल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा, बल्कि रोजगार और ग्लोबल टूरिज्म के क्षेत्र में भारत की पहचान को भी मजबूत करेगा।
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*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर