1,40,000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। पिछले 2 साल स्टार्टअप्स के लिए कठिन रहे हैं क्योंकि फंडिंग की कमी रही है। हालांकि, 2024 में फंडिंग पहुंच में वृद्धि ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को बड़ी राहत दी है।
ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट में Q3 2024 में टेक सेक्टर में महत्वपूर्ण डीलिंग को उजागर किया गया है, जो भारत की विकास कहानी में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। आइए रिपोर्ट की प्रमुख बातों को जानें और समझें कि भविष्य क्या लेकर आएगा।
क्या है मामला?
कंसल्टेंसी प्रमुख ग्रांट थॉर्नटन भारत ने ‘Q3 डीलट्रैकर 2024’ नामक एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि भारत के टेक आधारित स्टार्टअप्स ने Q3 2024 में $635 मिलियन की डील्स किए हैं। यह साल दर साल 31% की वृद्धि दिखाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस सेक्टर ने Q2 2023 के बाद सबसे अधिक डील वॉल्यूम देखा, लेकिन 2024 के लिए यह सबसे कम रहा। यह प्रवृत्ति बड़े पैमाने पर अधिग्रहणों के बजाय रणनीतिक निवेश पर अधिक जोर देती है।
टेक सेक्टर में निवेश प्रवाह में वृद्धि के कारण
ग्रांट थॉर्नटन के पार्टनर राजा लाहिड़ी के अनुसार, फेड द्वारा ब्याज दर में कटौती और भारत में चुनाव के बाद नीति मामलों में स्थिरता ने भारत के स्टार्टअप परिदृश्य में नई गति लाई है, जिससे डील्स के वॉल्यूम और वैल्यू दोनों में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि Q3 में कुल 79 डील्स हुए जिनकी वैल्यू $635 मिलियन था, जो पिछले साल की तुलना में वॉल्यूम में 5% और वैल्यू में 31% की वृद्धि दर्शाता है।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
यहां रिपोर्ट की प्रमुख बातें दी गई हैं:
- Q3 में कुल 79 सौदे किए गए जिनका मूल्य $635 मिलियन था।
- मर्जर और अधिग्रहण में 26 डील्स हुए, जो Q2 2024 की तुलना में 44% की वृद्धि दर्शाते हैं।
- M&A डील्स की वैल्यू $116 मिलियन थी, जो Q2 2024 के $38 मिलियन की तुलना में 205% अधिक थी।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम में वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय सुधार हुआ, डील्स की संख्या में 62% की वृद्धि हुई तथा फंडिंग में 40% की वृद्धि हुई।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर राजा लाहिड़ी के अनुसार, निवेशकों के बीच भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर सकारात्मक भावना है। इसके अलावा, भारत फंडिंग बाजार का एक बड़ा लाभार्थी रहा है। साथ ही, हाल ही के समय में IPO की बड़ी सफलता से निवेशकों को निवेश से बाहर निकलने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। IPO की लिस्टिंग पर भारी लाभ को देखते हुए, निवेशकों के पास अन्य इमर्जिंग कंपनियों में निवेश के लिए पर्याप्त पूंजी होगी।
भविष्य की बातें
ग्रांट थॉर्नटन की रिपोर्ट के अनुसार, यह उछाल विभिन्न कारणों का परिणाम है जैसे कि मजबूत डोमेस्टिक मार्केट, निवेशकों का बढ़ा हुआ विश्वास और अनुकूल मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स। डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास, स्टार्टअप्स के नवीन विचार और सरकार का पूरा समर्थन भारत को विकसित और विकासशील दोनों दुनिया के निवेशकों के लिए एक आकर्षक निवेश विकल्प बना रहे हैं।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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