बोनस शेयर वह शेयर होते हैं जो कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त कीमत के प्रदान करती है। बोनस शेयर आमतौर पर तब जारी किए जाते हैं जब कंपनी अच्छा मुनाफा कर रही हो और वह अपने शेयरधारकों को इसका लाभ देना चाहती है।
अब, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बोनस शेयर्स की ट्रेडिंग प्रक्रिया को और तेज करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है, जो 1 अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होगी। इस आर्टिकल में, हम SEBI के इस नए फैसले, इसके फायदे, और इसके पीछे की अहम् जानकारी को समझेंगे।
SEBI का नया दिशानिर्देश क्या है?
अभी तक, भारतीय स्टॉक मार्केट जब कोई कंपनी बोनस शेयर जारी करती थी, तो उन शेयर्स को मार्केट में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने में अधिक समय लगता था। इसलिए SEBI ने इस प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है और अब 1 अक्टूबर, 2024 से बोनस शेयर्स की ट्रेडिंग T+2 टाइमलाइन के तहत होगी। इसका मतलब है कि शेयरधारकों को बोनस शेयर जारी होने के दो ट्रेडिंग सेशन के भीतर ही शेयर्स ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे।
पहले इस प्रक्रिया में 4 से 5 ट्रेडिंग दिन लगते थे, जिससे निवेशकों को उनके बोनस शेयर्स को बेचने या खरीदने में देर होती थी। लेकिन SEBI के इस नए बदलाव से बोनस शेयर्स की उपलब्धता में तेजी आएगी और निवेशकों को जल्द से शेयर्स बेचने की सुविधा मिलेगी।
SEBI के अनुसार फायदेमंद पहल
SEBI के इस नए नियम से निवेशकों को कई फायदे मिलेंगे:
- लिक्विडिटी बढ़ेगी: अब शेयरधारकों को बोनस शेयर्स के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि सिर्फ 2 दिनों के भीतर ही इन शेयर्स को मार्केट में ट्रेड कर सकेंगे, जिससे लिक्विडिटी बेहतर होगी।
- शेयर मार्केट में सक्रियता बढ़ेगी: जब शेयरधारक जल्दी से अपने बोनस शेयरों को बेच या खरीद सकेंगे, तो इससे शेयर बाजार में भी तेजी आएगी और अधिक सक्रियता देखने को मिलेगी।
- शेयरधारकों का भरोसा बढ़ेगा: जल्दी बोनस शेयर मिलना और उन्हें जल्द ही ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध कराना, शेयरधारकों के विश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा। इसका सकारात्मक असर कंपनियों पर भी पड़ेगा।
बोनस शेयर जारी करने की प्रक्रिया
SEBI ने 16 सितंबर 2024 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें नए मानदंडों के अनुसार, बोनस इश्यू प्रस्तावित करने वाली कंपनी को बोनस इश्यू को मंजूरी देने वाली बोर्ड बैठक की तारीख से 5 कार्य दिवस के अंदर स्टॉक एक्सचेंज में इन-प्रिंसिपल मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा। इसके साथ ही, कंपनी को रिकॉर्ड डेट के साथ-साथ T+1 पर आवंटन की अनुमानित तिथि भी स्टॉक एक्सचेंज को बतानी होगी।
इसके अलावा, स्टॉक एक्सचेंज को रिकॉर्ड तिथि और आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद रिकॉर्ड तिथि को स्वीकार करते हुए एक नोटिफिकेशन जारी करना होगा, जिसमें बोनस इश्यू में शामिल शेयर्स की संख्या और आवंटन की अनुमानित तिथि की जानकारी शामिल होगी।
इसके बाद, बोनस इशू करने वाली कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि अगले कार्यदिवस के दोपहर 12 बजे तक आवश्यक दस्तावेज डिपॉजिटरी में जमा करे। साथ ही, DN डेटाबेस में भी अपडेट करना होगा, और फिर डिपॉजिटरी तथा स्टॉक एक्सचेंज को तारीखें अपडेट करनी होंगी।
निष्कर्ष
SEBI का बोनस शेयर्स की ट्रेडिंग प्रक्रिया को तेज करने का यह कदम निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा सकता है। यह न केवल निवेशकों के लिए फायदेमंद है बल्कि इससे शेयर बाजार में भी लिक्विडिटी बढ़ेगी। 1 अक्टूबर, 2024 से लागू हो रहे इस नियम के बाद, निवेशकों को अब बोनस शेयर ट्रेड करने के लिए सिर्फ 2 ही दिन लगेंगे, जो उनके निवेश अनुभव को और बेहतर बनाएगा।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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