अगस्त में गोल्ड और ज्वेलरी ट्रेड के आंकड़े क्या बताते हैं?

अगस्त में गोल्ड और ज्वेलरी ट्रेड के आंकड़े क्या बताते हैं?
Share

भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में अगस्त 2026 के आंकड़े एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाते हैं। महीने के दौरान गोल्ड आयात में तेज गिरावट आई, जबकि जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि, अप्रैल-अगस्त की पूरी अवधि देखें तो तस्वीर अलग है। इस दौरान गोल्ड आयात अभी भी जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात से काफी अधिक रहा। वहीं, निर्यात के भीतर स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी, लैब-ग्रोथ डायमंड्स और अन्य वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन मजबूत रहा।

आइए समझते हैं कि अगस्त के ये आंकड़े भारत के ट्रेड और जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर के लिए क्या संकेत देते हैं।

क्या है मामला?

अगस्त 2026 में भारत का गोल्ड आयात करीब 58% घटकर $2.30 बिलियन रह गया, जबकि अगस्त 2025 में यह $5.44 बिलियन था। दूसरी ओर, ग्रॉस जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात 3.14% बढ़कर $2.30 बिलियन हो गया। इस तरह अगस्त में गोल्ड आयात और जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात का अनुपात लगभग 1:1 रहा।

जुलाई में स्थिति अलग थी। उस महीने गोल्ड आयात $4.16 बिलियन और जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात $2.35 बिलियन था। यानी दोनों के बीच करीब $1.81 बिलियन का अंतर था। अगस्त में गोल्ड आयात में आई तेज गिरावट ने इस अंतर को लगभग खत्म कर दिया।

गोल्ड आयात में गिरावट का असर भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट पर भी दिखा। जुलाई में यह $31.98 बिलियन था, जो अगस्त में घटकर $26.86 बिलियन रह गया। अगस्त में मर्चेंडाइज आयात $70.67 बिलियन और मर्चेंडाइज निर्यात $43.81 बिलियन रहा।

वैल्यू-एडेड ज्वेलरी ने बढ़ाई निर्यात ग्रोथ

अगस्त के जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की मजबूत ग्रोथ रही। स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी का निर्यात 51.22% बढ़कर $642.85 मिलियन हो गया। रुपये में यह 64.96% बढ़कर ₹6,137.81 करोड़ रहा। वहीं, प्लेन गोल्ड ज्वेलरी निर्यात 23.90% घटकर $356.97 मिलियन रह गया।

गोल्ड ज्वेलरी, जिसमें प्लेन और स्टडेड दोनों शामिल हैं, का निर्यात 11.81% बढ़कर $999.83 मिलियन हुआ। वहीं, कट एंड पॉलिश्ड डायमंड निर्यात 4.93% घटकर $924.51 मिलियन रहा। हालांकि, इसका निर्यात वॉल्यूम 3.23% बढ़कर 13.36 लाख कैरेट हो गया, जबकि अगस्त 2025 में यह 12.94 लाख कैरेट था।

दूसरी ओर, पॉलिश्ड लैब-ग्रोथ डायमंड निर्यात 28.45% बढ़कर $125.17 मिलियन, प्लैटिनम ज्वेलरी निर्यात 29.09% बढ़कर $22.50 मिलियन और कलर्ड जेमस्टोन्स निर्यात 34.40% बढ़कर $49.07 मिलियन रहा।

अप्रैल-अगस्त में सेक्टर की तस्वीर कैसी रही?

अगस्त के आंकड़ों को अप्रैल-अगस्त की अवधि के साथ देखना जरूरी है। इस दौरान भारत का ग्रॉस जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात 2.58% बढ़कर $11.47 बिलियन रहा। इसी अवधि में गोल्ड आयात 3.38% बढ़कर $17.47 बिलियन रहा। यानी पांच महीने की अवधि में गोल्ड आयात और जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात के बीच करीब $6 बिलियन का अंतर बना रहा।

गोल्ड ज्वेलरी निर्यात 7% बढ़कर $5.03 बिलियन रहा। इसमें स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी का निर्यात 26.73% बढ़कर $2.88 बिलियन हो गया, जबकि प्लेन गोल्ड ज्वेलरी निर्यात 11.44% घटकर $2.15 बिलियन रहा। कट एंड पॉलिश्ड डायमंड निर्यात 7.38% घटकर $4.52 बिलियन रहा। वहीं, सिल्वर ज्वेलरी निर्यात 35.57% बढ़कर $594.86 मिलियन और पॉलिश्ड लैब-ग्रोथ डायमंड निर्यात 11.76% बढ़कर $533.67 मिलियन रहा।

इससे साफ है कि सेक्टर की कुल ग्रोथ के पीछे सभी कैटेगरी का प्रदर्शन समान नहीं रहा। कुछ वैल्यू-एडेड कैटेगरी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की, जबकि प्लेन गोल्ड ज्वेलरी और कट एंड पॉलिश्ड डायमंड जैसे सेगमेंट दबाव में रहे।

निवेशकों के लिए इसमें क्या है?

इन आंकड़ों में सबसे महत्वपूर्ण बात केवल कुल जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात की 3.14% ग्रोथ नहीं है, बल्कि निर्यात मिक्स में हो रहा बदलाव है। स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी की अगस्त में 51.22% और अप्रैल-अगस्त में 26.73% की वृद्धि बताती है कि वैल्यू-एडेड ज्वेलरी ने सेक्टर के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इसके विपरीत, प्लेन गोल्ड ज्वेलरी पर दबाव दिखाई दिया। GJEPC के अनुसार, अगस्त में गोल्ड की प्राइस जुलाई के $4,073.92 प्रति ट्रॉय आउंस से 8.27% बढ़कर $4,410.89 प्रति ट्रॉय आउंस हो गई। इसी अवधि में प्लेन गोल्ड ज्वेलरी निर्यात में 23.90% की गिरावट दर्ज हुई।

इसलिए सेक्टर को समझने के लिए केवल कुल निर्यात आंकड़े देखना पर्याप्त नहीं है। स्टडेड ज्वेलरी, लैब-ग्रोथ डायमंड्स, सिल्वर और प्लैटिनम जैसी कैटेगरी की ग्रोथ भी महत्वपूर्ण है।

भविष्य की बातें

अगस्त में गोल्ड आयात और जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात का करीब $2.30 बिलियन पर आना एक महत्वपूर्ण मासिक बदलाव है, लेकिन इसे पूरे साल का ट्रेंड मानना जल्दबाजी होगी। अप्रैल-अगस्त में गोल्ड आयात $17.47 बिलियन रहा, जबकि जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात $11.47 बिलियन रहा। इससे पता चलता है कि पांच महीने की अवधि में दोनों के बीच अंतर अभी भी काफी बड़ा है।

दूसरी ओर, अगस्त में भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात $43.81 बिलियन रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने यह $34.74 बिलियन था। अप्रैल-अगस्त में कुल मर्चेंडाइज निर्यात $215.91 बिलियन रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह $183.21 बिलियन था।

जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में आगे की तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की मजबूत निर्यात ग्रोथ कितनी बनी रहती है और डायमंड तथा अन्य प्रोडक्ट कैटेगरी किस तरह प्रदर्शन करती हैं। अगस्त के आंकड़े यह जरूर दिखाते हैं कि सेक्टर की ग्रोथ के भीतर प्रोडक्ट मिक्स में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल एजुकेशनल और इंफॉर्मेशनल उद्देश्य के लिए है और यह इन्वेस्टमेंट एडवाइस या किसी भी सिक्योरिटीज को खरीदने या बेचने की रिकमेंडेशन नहीं है। यहाँ जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें मार्केट डेवलपमेंट्स के संदर्भ में केवल उदाहरण के रूप में बताया गया है। इन्वेस्टर्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी इन्वेस्टमेंट डिसीजन लेने से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें और अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श करें।

सिक्योरिटीज मार्केट में किए गए इन्वेस्टमेंट मार्केट जोखिम के अधीन होते हैं। इन्वेस्ट करने से पहले सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स को ध्यानपूर्वक से पढ़ें।

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Options Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets. Subscription Fee ₹399/month* for 6 Months
Call TypeTrade Type

Teji Mandi Xpress Options

₹399/month* for 6 Months

Xpress Options provides structured option trade setups published in a standardised format. Each strategy includes predefined entry, target, stop-loss, and expiry details to enable informed participation in derivatives markets.

Strategy Type

Options Trading

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top