जानें कि समाचार, सोशल मीडिया और सूचना शेयर बाजार और निवेशकों के फैसले को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
इन दिनों का शेयर बाजार 1990 के दशक के बाजार से बहुत अलग है। स्टॉक विचार की गति से बढ़ते और गिरते हैं और इसलिए निवेशकों को अपने पैसे के लिए स्मार्ट विकल्प चुनने के लिए बहुत सारे नंबरों, चार्ट और डेटा से निपटना पड़ता है।
हालांकि, एक बड़ा प्लेयर भी है जो शेयर बाजार में हेरफेर करने की क्षमता रखता है। वह है समाचार और सूचना की शक्ति।
हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां सिर्फ एक ट्वीट से स्टॉक की कीमतें बढ़ सकती हैं। एक बड़ी खबर ट्रेडिंग दुनिया में अराजकता पैदा कर सकती है और किसी कंपनी की अर्निंग रिपोर्ट रातों-रात सब कुछ बदल सकती है।
इस आर्टिकल में हम इस बात पर करीब से नजर डालेंगे कि समाचार और सूचना शेयर बाजार को कैसे प्रभावित करते हैं। हम यह भी देखेंगे कि कैसे फर्जी खबरें निवेशकों को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही जानेंगे कि बाजार में मौजूद भारी मात्रा में जानकारियों के बीच कैसे पता लगाया जाए कि सही खबर क्या है।
शेयर बाजार की गतिविधियों में समाचारों की भूमिका
समाचार एक शक्तिशाली इंजन की तरह है जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को संचालित करता है। नीचे कुछ प्रकार की न्यूज दी गई हैं जिनकी वजह से शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है और निवेशकों के फैसले प्रभावित होते हैं।
1. कंपनी न्यूज
जब कोई कंपनी बड़ी घोषणाएं करती है तो इससे उनके शेयर की कीमत पर काफी असर पड़ सकता है। अच्छी खबरें, जैसे उम्मीद से ज्यादा कमाई या कोई नया प्रोडक्ट लॉन्च करना शेयर की कीमत बढ़ा सकता है। बुरी खबरें, जैसे नियामक मुद्दे या कॉर्पोरेट घोटाले स्टॉक की कीमत में गिरावट ला सकते हैं।
उदाहरण के लिए 12 अक्टूबर 2023 को TCS ने फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए और क्योंकि कंपनी ने उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया जितना बाजार उम्मीद कर रहा था। उनके स्टॉक प्राइस में भारी बिक्री दबाव देखा गया। लेकिन कभी-कभी जब शेयर बाजार को पहले से ही पता होता है कि बुरी खबर आने वाली है, तो बुरी खबर की पुष्टि होने पर स्टॉक की कीमत बढ़ सकती है। यहां हम कहते हैं कि यह खबर बाजार द्वारा ‘तथ्यपूर्ण’ थी।
2. बड़ी आर्थिक खबरें
GDP के आंकड़े, महंगाई को लेकर पूर्वानुमान और ब्याज दरें जैसे नंबर्स स्टॉक मार्केट के सेंटिमेंट को बदल सकते हैं। यदि खबरें अच्छी हैं, जैसे कि प्रभावशाली एक्सपोर्ट नंबर या कच्चे माल की कीमतें नीचे जा रही हैं तो स्टॉक की कीमतें बढ़ सकती हैं क्योंकि निवेशक अर्थव्यवस्था के बारे में सकारात्मक हो जाते हैं।
लेकिन यदि खबर बुरी है तो इससे मार्केट सेंटिमेंट प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए, जिन दिनों मौद्रिक नीति बैठक (MPC) और केंद्रीय बजट जैसी महत्वपूर्ण बैठकें या घोषणाएं होने वाली होती हैं उस दौरान शेयर बाजार बहुत अस्थिर हो सकता है।
उदाहरण के लिए जब RBI ने 10 अगस्त 2023 को अगस्त MPC की बैठक में एक आश्चर्यजनक घोषणा की। जिसमें कहा गया कि वे 2,000 रुपये के नोटों की जमा राशि के कारण होने वाली एक्स्ट्रा लिक्विडिटी को अब्जॉर्ब करने के लिए इंक्रीमेंटल-CRR लागू करने जा रहे हैं। इसके बाद बैंक निफ्टी 1% से ज्यादा गिर गया क्योंकि यह बैंकों के लिए एक बुरी खबर थी।
3. सोशल मीडिया का प्रभाव
जब शेयर बाजार से जुड़ी खबरों की बात आती हैं तो सोशल मीडिया एक बड़ी डील बन गया है। वास्तविक समय में क्या हो रहा है उसे शेयर करने के लिए लोग ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करते हैं। यह सिर्फ सामान्य लोग नहीं बल्कि ट्रेडर और इन्वेस्टर्स भी स्टॉक ट्रेडिंग टिप्स के बारे में बात करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। कभी-कभी सोशल मीडिया अफवाहें और फर्जी खबरें भी फैला सकता है, जो भ्रामक हो सकती हैं।
सोशल मीडिया फास्ट जरूर है, लेकिन सावधान रहना और अपने पैसे के बारे में फैसला लेने से पहले यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि खबर सच है या नहीं। इसलिए, सोशल मीडिया समाचार प्राप्त करने का एक अच्छा और फास्ट तरीका हो सकता है, लेकिन यह सब भरोसेमंद नहीं है। यह रिटेल निवेशकों की निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
डिसीजन मेकिंग प्रोसेस के लिए जानकारी
1. फाइनेंशियल न्यूज चैनल
फाइनेंशियल न्यूज चैनल रियल टाइम न्यूज, मार्केट एनालिसिस और एक्सपर्ट कमेंट्री प्रदान करते हैं। लेटेस्ट मार्केट डेवलपमेंट पर अपडेट रहने और फाइनेंशियल एक्सपर्ट से इनसाइट प्राप्त करने के लिए निवेशक अक्सर इन चैनलों पर नजर रखते हैं। आप फाइनेंशियल जानकारी के लिए सेबी-रजिस्टर्ड ब्रोकरेज और रिसर्च एनालिस्ट पर भी भरोसा कर सकते हैं।
2. रिसर्च रिपोर्ट
फाइनेंशियल संस्थान, ब्रोकरेज हाउस और स्वतंत्र रिसर्च फर्म विभिन्न स्टॉक्स और सेक्टर्स पर रिसर्च रिपोर्ट तैयार करते हैं। ये रिपोर्ट कंपनी की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, भविष्य की संभावनाओं और इन्वेस्टमेंट रिकमेंडेशन का डिटेल एनालिसिस प्रस्तुत करती हैं।
निवेशकों को किन चीजों से बचना चाहिए?
फाइनेंस और निवेश की दुनिया में सही और फेक खबरों के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है। नीचे बताया गया है कि आप यह कैसे कर सकते हैं:
1. जानकारी की दोबारा जांच करें
इससे पहले कि आप सोशल मीडिया पर मिलने वाली किसी भी निवेश जानकारी पर एक्शन लें, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि यह सच है या नहीं। एक ही जानकारी को अनेक विश्वसनीय सोर्स पर खोजें। भरोसेमंद फाइनेंशियल न्यूज वेबसाइट, आधिकारिक सरकारी घोषणाएं और कंपनियों के बयान इंडिविजुअल सोशल मीडिया पोस्ट की तुलना में ज्यादा विश्वसनीय होते हैं।
2. फेक अकाउंट्स से सावधान रहें
कभी-कभी स्कैमर्स फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते हैं जो अपने आप को एक्सपर्ट या बड़े वित्तीय संस्थान से होने का दावा करते हैं। वे किसी स्टॉक के बारे में फर्जी खबरें, अफवाहें या दावे पोस्ट करते हैं। इन पोस्ट से ऐसा प्रतीत हो सकता है कि आपको तुरंत फैसला लेने की जरूरत है। इसलिए तथ्यों की जांच करना और केवल भरोसेमंद सोर्स को ही फॉलो करना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, आप खुद रिसर्च करने के लिए समय निकालें और कोई भी फैसला लेने से पहले सुनिश्चित करें कि जानकारी सही है या नहीं।
निष्कर्ष
समाचार, सोशल मीडिया और जहां से आपको जानकारी मिलती है, वे मजबूत इंजन की तरह हैं जो आपको फैसले लेने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। हां, यह जानकारी आपकी मदद भी कर सकती है, लेकिन यह गलत और फेक भी हो सकती है। हालांकि, आपको ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस कहानी में एक नायक है – सिक्योरिटीस एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी)। वे ही हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि बाजार सभी के लिए उचित हो।
हाल ही में सेबी ने एक नियम बनाया है कि मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर टॉप 100 कंपनियों को मेनस्ट्रीम मीडिया में रिपोर्ट की गई किसी भी बाजार अफवाह को लेकर पुष्टि, खंडन या स्पष्टीकरण देना होगा। यह नियम 1 फरवरी 2024 से लागू होने जा रहा है।
*आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है।
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