क्या आपने कभी सोचा है कि निवेश करते समय कितना ‘जोखिम’ लेना आपके लिए सही रहेगा? निवेश की दुनिया में, हर चीज़ ‘जोखिम’ के साथ आती है। ज़्यादा पैसा कमाने का लालच हमें ज़्यादा ‘जोखिम’ उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है, लेकिन यह भी सच है कि ज़्यादा ‘जोखिम’ वाले निवेश ज़्यादा नुकसान की संभावना भी रखते हैं। तो, सवाल ये उठता है कि आखिर सही रास्ता क्या है?
इस इन्फोग्राफिक की मदद से, हम जोखिम सहनशीलता यानि रिस्क टॉलरेंस की अवधारणा को समझेंगे और जानेगें कि यह कैसे हमें हमारी जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर सही पोर्टफोलियो बनाने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष
तो, निष्कर्ष ये है कि अपनी जोखिम सहनशीलता को समझना निवेश की दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आपको एक ऐसा निवेश पोर्टफोलियो चुनने में मदद करता है, जो आपके लिए उपयुक्त है, जिससे आप न सिर्फ संभावित लाभ कमा सकते हैं, बल्कि मार्केट के उतार-चढ़ाव का सामना भी सहजता से कर सकते हैं।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर