भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री को अतीत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसने कुछ मायनों में इसकी ग्रोथ को बाधित किया है, जैसे कि बेटिंग/गैंबलिंग साइट पर प्रतिबंध, पैसे वाले ऑनलाइन गेमिंग पर 28% GST और, सबसे हाल ही में, ‘द प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025’। हालांकि, क्या ये सब मिलकर इस इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म कर देंगे, या इस नए सरकारी बिल के आने से इंडस्ट्री को न केवल एक नई दिशा मिलेगी, बल्कि भारत की युवा आबादी, सस्ते इंटरनेट और रिकॉर्ड संख्या में गेमर्स की मदद से यह जल्द ही एक नई ऊंचाई पर पहुंचेगी?
आइए, भारत की गेमिंग इंडस्ट्री को एक अलग नज़रिए से देखें और इस विज़ुअल गाइड में इसकी ग्रोथ को समझें।

आगे क्या?
मोबाइल गेम डाउनलोड के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है, जो अमेरिका और ब्राज़ील से तीन गुना से ज़्यादा बड़ा है। फिर भी यह ग्लोबल गेमिंग मार्केट में 2% से कम का योगदान करता है, जबकि अमेरिका और चीन दोनों में से प्रत्येक की हिस्सेदारी लगभग 25% है। यह अंतर भारत में ग्रोथ के लिए बहुत ज़्यादा गुंजाइश दिखाता है।
इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2023 में ऑनलाइन गेमिंग पर GST लागू होने के बाद से इंडस्ट्री को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अवैध ऑपरेटर सिस्टम को बाधित करना जारी रखते हैं और वैध कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल बनाते हैं।
इसके बावजूद, ग्लोबल प्लेयर्स बड़ी संभावनाएँ देखते हैं। PUBG और BGMI की निर्माता, दक्षिण कोरिया स्थित Krafton, का मानना है कि भारत का ई-गेमिंग मार्केट आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार है। बड़ी संख्या में गेमर्स, सस्ते इंटरनेट, महिलाओं की भागीदारी और युवा आबादी के साथ, इंडस्ट्री को भविष्य में बढ़ावा मिल सकता है।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर