भारत आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ तकनीक और अर्थव्यवस्था का संगम नए युग की शुरुआत कर रहा है। जनरेटिव AI (GenAI) अब केवल एक तकनीकी ट्रेंड नहीं, बल्कि भारत की प्रोडक्टिविटी, इनोवेशन और आर्थिक विकास का नया इंजन बन गया है।
माइक्रोसॉफ्ट, लिंक्डइन और EY की रिपोर्ट बताती हैं कि भारत में AI अपनाने की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज़ है और आने वाले वर्षों में यही AI-संचालित प्रोडक्टिविटी बूम भारत के GDP में $438 बिलियन तक जोड़ सकता है।
यह बदलाव सिर्फ कोड या डेटा का नहीं, बल्कि काम करने, सीखने और सोचने के तरीके का गहन परिवर्तन है जो हर सेक्टर को नई परिभाषा दे रहा है। तो आइए इस बदलाव और इसके विभिन्न सेक्टर्स के प्रभाव को विज़ुअल गाइड की मदद से समझते है।

आगे की राह
भारत AI अपनाने में तीसरे स्थान पर है, और AI-सक्षम GDP योगदान में अग्रणी बन सकता है। यदि नीति, स्किलिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का सही संतुलन बनाया गया, तो GenAI 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था में $438 बिलियन जोड़ सकता है। यह परिवर्तन केवल तकनीकी नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित आर्थिक विकास की दिशा में अहम कदम है।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर