भारत का टैबलेट मार्केट इस साल रोमांचक बदलावों से गुजर रहा है। कंज्यूमर टैबलेट्स को पढ़ाई, काम और मनोरंजन के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं, और फेस्टिव सीज़न के साथ फ्लिपकार्ट व अमेज़न जैसी ई-कॉमर्स लीडर अपनी आकर्षक सेल्स की तैयारी कर रही हैं, जिससे ख़रीदारों में उत्साह बढ़ा हुआ है।
इसी बीच सरकार ने GST दरों में कटौती की है जिससे टैबलट जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स पर GST 28% से घटाकर 18% किया गया है, जिससे इन प्रोडक्ट्स की किफ़ायत बढ़ेगी और कंजम्पशन प्रोत्साहित होगा। इसके अलावा, PLI स्कीम, ‘मेक इन इंडिया’ पहल, और अन्य सरकारी प्रयास लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत कर रहे हैं, जिससे लॉन्गटर्म ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इस विज़ुअल गाइड में, आइए देखें टैबलेट मार्केट में कौन से ब्रांड्स लीड कर रहे हैं, और इस सेगमेंट के भविष्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार के क्या प्रयास है।

आगे क्या?
इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) के अनुसार, कंज्यूमर टैबलेट मार्केट मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार है, जिसके 2025 के अंत तक तीन गुना बढ़ने की उम्मीद है, जो बजट के प्रति जागरूक खरीदारों के लिए पोर्टेबिलिटी, सामर्थ्य और फंक्शनैलिटी से प्रेरित है। सरकार और एजुकेशन में कमर्शियल डिमांड लंबे रिफ्रेश साइकल्स के कारण धीमी हो रही है, जिससे इस सेगमेंट में ड्यूल डिजिट्स में गिरावट जारी रहने की संभावना है।
इसके अलावा, कंज्यूमर्स बड़ी स्क्रीन, स्टाइलस सपोर्ट की तलाश में हैं, और एंट्री-लेवल डिवाइस आने वाली तिमाहियों में मार्केट परफॉर्मेंस को और बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही, साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) को उम्मीद है कि भारत का टैबलेट मार्केट 2025 में 10-15% की स्थिर गति से बढ़ेगा।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर