भारत में हर साल 30 अगस्त को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस (National Small Industry Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य छोटे उद्योगों के महत्व को पहचानना और उनके योगदान को बढ़ावा देना है। लघु उद्योग न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करते हैं बल्कि क्षेत्रीय विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत की आर्थिक यात्रा में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र एक मजबूत स्तंभ है। यह क्षेत्र देश के औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में बड़ा योगदान देते है। हाल के वर्षों में डिजिटल पंजीकरण, फॉर्मलाइजेशन और सरकारी योजनाओं ने MSMEs को और भी सशक्त बनाया है। नतीजतन, छोटे उद्योग अब केवल स्थानीय ज़रूरतों को ही नहीं, बल्कि ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में भी भारत को मजबूती दे रहे हैं।
आइए इस विज़ुअल गाइड में हम भारतीय MSME इंडस्ट्री को एक्स्प्लोर करें।

निष्कर्ष
भारत का MSME सेक्टर न केवल संख्या में बल्कि आर्थिक प्रभाव में भी विशाल है। 6.44 करोड़ उद्यमों के साथ यह GDP का 30% योगदान देता है, 28 करोड़ लोगों को रोजगार देता है, और देश के कुल निर्यात में 45.73% की हिस्सेदारी रखता है। यह सेक्टर भारत की $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सरकारी योजनाओं और डिजिटल रूपांतरण के साथ, यह क्षेत्र भविष्य में और भी तेजी से बढ़ने की क्षमता रखता है।
*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर