हर साल शेयर बाजार बड़ी उत्सुकता से मानसून के बारे में खबरों का इंतजार करता है क्योंकि मानसून का अनुमान एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर के रूप में काम करता है जो कृषि और आम लोगों की जरूरतों से जुड़ी कंपनियों के भविष्य के प्रदर्शन को समझने में मदद करता है।
आइए अब इस बारे में विस्तार से समझते हैं कि कैसे ज्यादा बारिश वाला मानसून ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उससे जुड़ी कंपनियों के स्टॉक्स को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या मामला है?
आगामी मानसून में आठ साल में पहली बार, जून से सितंबर 2024 तक चार महीने में औसत से 106% ज्यादा बारिश होने की संभावना है। बता दें कि औसत बारिश 870mm होती है।
पॉलिसी मेकर्स के लिए मानसून का अंदाजा लगाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इससे यह तय होता है कि चीज़ों के दाम कितने बढ़ेंगे। एक सामान्य मानसून अधिकांश भारतीय राज्यों के लिए फायदेमंद होता है, जिससे महंगाई को अधिक नियंत्रित रखा जा सकता है।
ज्यादा बारिश वाले मानसून से किन सेग्मेंट्स को होगा फायदा?
इन सेग्मेंट्स को ज्यादा बारिश वाले मानसून से सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है:
FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स): ज्यादा बारिश से FMCG सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसकी वजह ये है कि गांवों और छोटे शहरों में रहने वाले लोग ज्यादा सामान खरीदेंगे। इन इलाकों में खेती और इससे जुड़े काम ही कमाई का मुख्य जरिया होते हैं।
खाद: ज्यादा बारिश का खाद बनाने वाली कंपनियों पर भी अच्छा असर होगा। ज्यादा फसल होने पर किसानों को ज्यादा खाद की जरूरत पड़ेगी, जिससे देशभर में खाद की डिमांड बढ़ जाएगी।
खेती के उपकरण: ट्रैक्टर, सीडर, बेलर, खाद स्प्रेडर आदि की बिक्री भी बढ़ेगी। ज्यादा बारिश और अच्छी फसल की उम्मीद में किसान पहले ही ये उपकरण खरीद लेते हैं, जिससे इनकी बिक्री काफी बढ़ जाती है।
दोपहिया वाहन: अच्छी फसल होने से गांवों में लोगों की आमदनी बढ़ती है और वो महंगी चीजें खरीदने में सक्षम हो जाते हैं। इसलिए ज्यादा फसल वाले सालों में गांवों में दोपहिया वाहनों की बिक्री काफी बढ़ जाती है।
सरकारी बैंक्स के शेयर: ग्रामीण अर्थव्यवस्था सरकारी बैंकों पर टिकी होती है। जब गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है तो इन बैंक्स से ज्यादा लोन लिए जाते हैं। इससे इन बैंक्स की आर्थिक स्थिति अच्छी होती है और उनके स्टॉक्स के प्राइस भी बढ़ जाते हैं।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
जब से IMD ने ज्यादा बारिश का अनुमान लगाया है, तब से निफ़्टी FMCG इंडेक्स में 10% की बढ़त दर्ज की गई है। इसकी तुलना में निफ़्टी इंडेक्स में सिर्फ 3% की ही बढ़त हुई है। यह सेक्टर मुख्य रूप से रूरल इकोनॉमी पर निर्भर है इसलिए इस दो सुस्त मानसून वर्षों के बाद तेजी लौटने तथा उच्च ग्रोथ से तेजी आने की उम्मीद है।
वेटेज के आधार पर निफ्टी FMCG इंडेक्स के शीर्ष स्टॉक्स

भविष्य की बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि इस बार ज्यादा बारिश होगी, ये खबर FMCG, ऑटोमोबाइल और कृषि प्रोसेसिंग जैसे कई क्षेत्रों के लिए अच्छी खबर है। पिछले 3 तिमाहियों में इन क्षेत्रों के प्रदर्शन में कमी आई थी, लेकिन ज्यादा बारिश की खबर से इन इंडस्ट्रीज में खुशी की लहर आई है, जैसा कि खबर आने के बाद से तेजी से बढ़ते स्टॉक्स से पता चलता है।
अच्छी फसल होने की उम्मीद के साथ मजबूत ग्रामीण डिमांड आने वाले तिमाहियों में GDP ग्रोथ की गति को बनाए रखने में मदद कर सकती है। यह उन निवेशकों के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश करने का सबसे अच्छा समय हो सकता है जो मीडियम से लॉन्गटर्म अवधि में भारत को लेकर सकारात्मक हैं।
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*यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।
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