फरवरी 2026 भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए एक अहम महीना बनता जा रहा है। मार्केट में बढ़ती लिक्विडिटी, US-भारत ट्रेड डील मजबूत निवेशक भावना और कई बड़े हाई-प्रोफ़ाइल इश्यूज़ के चलते इस महीने निवेशकों की नज़रें नई लिस्टिंग्स पर टिकी रहेंगी। इस महीने और आने वाले कुछ महीनों में कई बड़ी कंपनियाँ कैपिटल मार्केट में दस्तक देने की तैयारी में हैं, जिनमें टेक, फाइनेंशियल सर्विसेज़ से लेकर कंज़म्पशन और डिजिटल बिज़नेस तक शामिल हैं। कुल मिलाकर, यह अवधि IPO गतिविधियों के लिहाज़ से काफी सक्रिय दिखाई देती है, जहाँ कई कंपनियाँ हज़ारों करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही हैं।
आइए देखते है कि फरवरी और आने वाले महीनों में कौन-कौन सी कंपनियां IPO के जरिए भारतीय स्टॉक मार्केट में प्रवेश करने वाली है।
क्या है मामला?
मीडिया के अनुसार, फ़रवरी 2026 के अंत से पहले लगभग सात कंपनियाँ लगभग ₹14,000 करोड़ के इश्यूज़ लॉन्च करने की तैयारी में हैं। यह संख्या मार्केट में बढ़ती गति और कॉरपोरेट्स के बीच लिस्टिंग की बढ़ती रुचि का संकेत देती है। वहीं, अगले कुछ महीनों में लगभग 14 कंपनियाँ ₹20,000 करोड़ से अधिक जुटाने का लक्ष्य रखती हैं। इन IPOs में कुछ नाम काफ़ी चर्चित हैं, जैसे जिओ, NSE और फोनपे, जो आने वाले छह महीनों में मार्केट में उतर सकते हैं।
इसके अलावा, फरवरी 2026 के लिए कई पब्लिक इश्यूज़ पहले से ही सेबी अप्रूवल या रोडशो चरण में हैं। डिजिटल पेमेंट्स, नई-ऐज की टेक कंपनियाँ, एनर्जी, रिटेल और इंफ्रा कैटेगरीज इस पूरे पाइपलाइन में प्रमुख सेक्टर के रूप में उभर रही हैं। इतनी बड़ी पाइपलाइन संकेत देती है कि कंपनियाँ मौजूदा वैल्यूएशन और मार्केट की सकारात्मक दिशा का लाभ उठाकर पूंजी जुटाना चाहती हैं।
फरवरी में ₹14,000 करोड़ जुटाने की तैयारी
फरवरी 2026 का महीना प्राइमरी मार्केट के लिए बेहद सक्रिय रहने वाला है। मनीकंट्रोल के अनुसार, महीने के अंत तक सात कंपनियां मार्केट से सामूहिक रूप से ₹14,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही हैं। इस सूची में फ्रैक्टल एनालिटिक्स (Fractal Analytics), ऐ फाइनेंस (Aye Finance), इंडो MIM (Indo MIM), क्लीन मैक्स एनवायरो (Clean Max Enviro Energy Solutions), गजा अल्टरनेटिव (Gaja Alternative Asset Management), स्काईवेज एयर सर्विसेज (Skyways Air Services) और PNGS रेवा डायमंड (PNGS Reva Diamond) जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनमें से इंडो MIM का IPO सबसे बड़ा होने की उम्मीद है, जिसका साइज लगभग ₹5,500 करोड़ है, जबकि क्लीन मैक्स एनवायरो करीब ₹3,600 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अन्य छोटे IPOs में PNGS रेवा डायमंड (₹360 करोड़) और स्काईवेज एयर सर्विसेज (₹650 करोड़) शामिल हैं, जो मार्केट में निवेशकों के लिए नए अवसर लेकर लाएंगे।
निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
निवेशकों के लिए फरवरी 2026 और आने वाले महीनों में कई अवसर खुलने वाले हैं। डाइवर्सिफाइड सेक्टर्स में लिस्टिंग का मतलब है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में नए थीम्स और नए बिज़नेस मॉडल शामिल कर सकते हैं। बड़ी कंपनियों जैसे फोनपे, जियो और NSE के इश्यूज़ को लेकर निवेशक उत्साहित हैं क्योंकि इनकी ग्रोथ स्टोरी और मार्केट लीडरशिप काफी मजबूत मानी जाती है।
इसके साथ ही, मिड-टियर और स्मॉल-टियर कंपनियों के इश्यू निवेशकों को शुरुआती स्तर पर तेजी पकड़ने वाली कंपनियों में शामिल होने का मौका देते हैं। हालांकि, जैसे हर बार होता है, IPO में निवेश करते समय कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ, बिज़नेस मॉडल, वैल्यूएशन और ग्रोथ स्ट्रेटेजी का मूल्यांकन करना जरूरी है। IPO मार्केट मजबूत दिख रहा है, लेकिन निवेशक सावधानी के साथ आगे बढ़ें।
भविष्य की बातें
2026 भारतीय IPO बाज़ार के लिए रोमांचक साल साबित हो सकता है, क्योंकि कई बड़े और लोकप्रिय ब्रांड अपनी लिस्टिंग की तैयारी में हैं। सबसे ज़्यादा चर्चा जिन नामों की है, उनमें जियो प्लेटफॉर्म्स, फोनपे और NSE शामिल हैं। इन तीनों के IPO को लेकर आधिकारिक टाइमलाइन अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन हालिया गतिविधियाँ बताती हैं कि इंतज़ार अब पहले से छोटा होता जा रहा है। मार्केट में इन कंपनियों की लिस्टिंग का प्रभाव बड़ा होगा, क्योंकि ये अपने-अपने सेक्टर में मार्केट लीडर हैं और इनकी वैल्यूएशन तथा यूज़र बेस दोनों ही मजबूत हैं।
इनके अलावा भी कई जानी-मानी कंपनियाँ 2026 में संभावित लिस्टिंग पर विचार कर रही हैं। फ्लिपकार्ट (Flipkart), ओयो (OYO), SBI म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund), हीरो फिनकॉर्प (Hero Fincorp), ज़ेप्टो (Zepto) और बोट (boAt) भी IPO विकल्पों को सक्रिय रूप से तलाश रही हैं। ई-कॉमर्स, हॉस्पिटैलिटी, फाइनेंशियल सर्विसेज़ और कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स की ये कंपनियाँ निवेशकों के लिए डाइवर्सिफाइड अवसर लेकर आ सकती हैं।
*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर