भारत में स्टॉक मार्केट के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। हाल के समय में स्टॉक मार्केट ने लोगों को अच्छा प्रॉफिट भी दिया है, लेकिन एक फैक्ट यह भी है कि लोगों ने कई बार पैसे भी गवाएं भी हैं। इस साल, IPO बाजार फिर से चर्चा में रहा है। कई कंपनियां सार्वजनिक होने का विकल्प चुन रही हैं। इस उछाल को कई फैक्टर के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। जिसमें एक मजबूत आर्थिक माहौल, निवेशकों का बढ़ा हुआ विश्वास, रिटेल और संस्थागत निवेशकों के बीच जोखिम के प्रति बढ़ती भूख शामिल है।

इस आर्टिकल में हम IPO बाजार पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही जानेंगे कि आगे IPO बाजार में क्या ट्रेंड देखा जा सकता है और निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्या है मामला?

हिन्दूस्तान टाइम्स के अनुसार नवंबर 2023 में बाजार में सात नए IPO लॉन्च हुए, जिनमें टाटा टेक्नोलॉजीस और IREDA जैसे नाम शामिल थे। इन IPO ने शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार टाटा टेक्नोलॉजीज की बंपर लिस्टिंग हुई थी और पहले ही दिन निवेशकों का पैसा करीब तीन गुना हो गया था। इसके बाद IREDA और गंधार ऑयल आए, जिनके शेयरों में उनकी शुरुआत के बाद से उनके इश्यू प्राइस से क्रमशः 100% और 61% की बढ़ोतरी देखी गई। फ्लेयर राइटिंग इंडस्ट्रीज के शेयर भी इश्यू प्राइस से 34% ऊपर हैं। 

स्टॉक एक्सचेंजों में नई कंपनियों के पदार्पण के साथ संभावित मुनाफे का फायदा उठाने के लिए निवेशक उत्साहित नजर आ रहे हैं। 

साल के आखिरी महीने आने वाले IPOs

द मिंट के मुताबिक EY की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत 2023 में ईयर-टू-डेट IPO की संख्या के मामले में ग्लोबल लीडर के रूप में उभरा है। 2023 की तीसरी तिमाही में भारतीय मुख्य बाजार में 21 IPOs आए, जबकि 2022 की समान तिमाही में यह संख्या सिर्फ चार थी। 2023 की तीसरी तिमाही के दौरान जुटाई गई आय 1,770 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जो 2022 की तीसरी तिमाही में 372 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 376% की ग्रोथ दर्शाती है।

एक्टिव नवंबर के बाद दिसंबर में भी मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में कुछ नए IPOs लॉन्च होने को तैयार हैं। इसमें DOMS इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड, एक्सेंट माइक्रोसेल लिमिटेड, SJ लॉजिस्टिक्स, इंडिया शेल्टर फाइनेंस जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं।

ET की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अब तक IPO के माध्यम से जुटाए गए लगभग 41,000 करोड़ रुपये में से अकेले नवंबर में 9,000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। जबकि कैलेंडर वर्ष 2021 के साथ-साथ 2022 में इससे ज्यादा धन जुटाया गया था।

 

(पिछले कुछ सालों में IPO के माध्यम से जुटाई गई राशि)

IPO बाजार: निवेशक इन बातों पर जरूर ध्यान दें

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को IPOs के लिए लाइन में कूदने से पहले पूरी तरह जांच-परख कर लेनी चाहिए। निवेश संबंधी निर्णय लेने के लिए सार्वजनिक होने वाली कंपनियों के बिजनेस मॉडल, फाइनेंशियल स्थिति और विकास की संभावनाओं को समझना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, वैल्यूएशन मीट्रिक्स और बाजार के ट्रेंड पर सतर्क नजर रखने से निवेशकों को उत्साह और अति आत्मविश्वास के बीच की बारीक रेखा को समझने में मदद मिल सकती है।

आज के लिए इतना ही। हमें उम्मीद है कि आपको यह जानकारी रोचक लगी होगी। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें। 

*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश सलाह नहीं है।

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