इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ेगा: निवेशकों के लिए क्या मायने?

इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ेगा: निवेशकों के लिए क्या मायने?
Share

थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम जल्द ही बढ़ सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय दरों में बढ़ोतरी की योजना बना रहा है, क्योंकि इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा की गई लगातार डिमांड और चुनौतियों को ध्यान में रखा जा रहा है। क्लेम की बढ़ती लागत और प्रीमियम ग्रोथ की धीमी रफ्तार के कारण इंश्योरेंस कंपनियों के लिए मुनाफे में रहना मुश्किल हो गया है।

अब सवाल यह है कि यह बढ़ोतरी कब लागू होगी और क्या इससे इंश्योरेंस कंपनियों को असल में मदद मिलेगी? आइए इसे समझते हैं।

क्या है मामला?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक बार फिर इंश्योरेंस रेगुलेटर से बातचीत कर रहा है ताकि थर्ड-पार्टी (TP) मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को 10% तक बढ़ाया जा सके, जैसा कि द इकोनॉमिक टाइम्स में बताया गया है। यह बढ़ोतरी पहले 1 अप्रैल 2025 से लागू होनी थी।

हालांकि, ताज़ा अपडेट के अनुसार, यह बढ़ोतरी कुछ घाटे वाले वर्ग जैसे कि कमर्शियल वाहनों के लिए अधिक हो सकती है, जबकि स्कूल बस जैसे वर्गों के लिए यह बहुत कम या पूरी तरह स्थगित भी की जा सकती है।

यह चर्चा इंश्योरेंस कंपनियों की औपचारिक डिमांड के बाद फिर से शुरू हुई है, जो कोर्ट अवॉर्ड्स में बढ़ोतरी, क्लेम के एडवांस पेमेंट और महामारी से प्रभावित क्लेम साइकल के कारण वित्तीय दबाव में हैं।

TP रेट संशोधन का इतिहास

भारतीय इंश्योरेंस विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) हर साल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर बीते दावों के आधार पर इंश्योरेंस दरों में संशोधन करता है।

FY13 से FY18 के बीच TP इंश्योरेंस दरों में तेज बढ़ोतरी हुई, लेकिन 2018 के बाद से यह वृद्धि काफी सीमित रही, सालाना सिर्फ 2-3%। 2021 में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि 2022 और 2023 में मामूली बढ़ोतरी हुई।

इंश्योरेंस कंपनियों की चुनौतियाँ

इंश्योरेंस कंपनियाँ बढ़ते TP मोटर इंश्योरेंस क्लेम, स्थिर प्रीमियम दरों और अवॉर्ड इंफ्लेशन से दबाव में हैं। पिछले 5 से 7 वर्षों में TP प्रीमियम में सालाना केवल 2-3% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि क्लेम भुगतान की दर 11% से 12% तक रही है। इससे मुनाफा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

FY24 और FY23 में TP मोटर इंश्योरेंस के लिए नेट क्लेम रेशियो 82% था, जबकि अल्टीमेट लॉस रेशियो क्रमशः 88% और 91% तक पहुंच गया। कुछ इंश्योरेंस कंपनियों ने Q3 में 102% का इंकर क्लेम रेशियो बताया, जो पिछले साल 93% था।
इसके बाद, इंश्योरेंस कंपनियों ने रेगुलेटर को पत्र लिखकर TP प्रीमियम में कम से कम 5 से 15% की बढ़ोतरी की मांग की ताकि मोटर TP सेगमेंट में वित्तीय स्थिरता लाई जा सके, विशेषकर FY19 के बाद से कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ है।

निवेशकों के लिए इसमें क्या है?

अगर थर्ड-पार्टी (TP) मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है, तो यह जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। मिंट के अनुसार, मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में थर्ड-पार्टी कवर एक प्रमुख हिस्सा है, जो कुल मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम का लगभग 60% योगदान देता है, जबकि TP इंश्योरेंस समग्र जनरल इंश्योरेंस प्रीमियम आय का करीब 19% हिस्सा है।

ICICI लोम्बार्ड, न्यू इंडिया एश्योरेंस और गो डिजिट जैसी बीमा कंपनियों के लिए प्रीमियम में वृद्धि मार्जिन को स्थिर करने, प्रॉफ़िटबिलिटी बढ़ाने और शेयर बाजार में उनके प्रदर्शन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में मददगार साबित हो सकती है।

भविष्य की बातें

द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, ऐसा कोई नियम नहीं है जो इंश्योरेंस दरों को पीछे की तारीख से बदलने की अनुमति देता हो, इसे केवल भविष्य की तारीख से लागू किया जा सकता है। संशोधित दरें या तो चालू वित्त वर्ष के मध्य (1 अक्टूबर) से या अगले वित्त वर्ष की शुरुआत (1 अप्रैल 2026) से प्रभावी हो सकती हैं।

सबसे बड़ी चिंता कमर्शियल वाहन वर्ग को लेकर है। इस श्रेणी में क्लेम में तेजी आई है, खासकर उस नियम के बाद जिसमें सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक की कैशलेस अस्पताल सुविधा दी गई है। आने वाले महीने अहम होंगे, जब सरकार और IRDAI अंतिम बदलाव और इम्प्लीमेंटेशन प्लान तय करेंगे।

*आर्टिकल में शामिल कंपनियों के नाम केवल सूचना के उद्देश्य के लिए है। यह निवेश सलाह नहीं है।
*डिस्क्लेमर: तेजी मंदी डिस्क्लेमर

Teji Mandi Multiplier Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Flagship Subscription Fee
Min. Investment

3Y CAGR

Min. Investment

Teji Mandi Edge Subscription Fee
Min. Investment

Min. Investment

Teji Mandi Xpress Subscription Fee
Total Calls

Total Calls

Recommended Articles
Scroll to Top